IIT-ISM और मार्टिन इंजीनियरिंग के बीच MOU, 10 छात्राओं को हर साल मिलेगी CSR स्कॉलरशिप

IIT-ISM धनबाद और मार्टिन इंजीनियरिंग के बीच एमओयू हुआ। हर साल 10 मेधावी छात्राओं को कुल ₹5 लाख की CSR स्कॉलरशिप मिलेगी। जानें पूरी खबर।

IIT-ISM और मार्टिन इंजीनियरिंग के बीच MOU, 10 छात्राओं को हर साल मिलेगी CSR स्कॉलरशिप
0 मेधावी छात्राओं को हर साल ₹5 लाख की CSR स्कॉलरशिप वैकल्पिक हेडिंग।

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      HighLights:

  • IIT (ISM) धनबाद और मार्टिन इंजीनियरिंग के बीच हुआ एमओयू
  • हर साल 10 मेधावी छात्राओं को मिलेगी CSR स्कॉलरशिप
  • कुल ₹5 लाख की वार्षिक छात्रवृत्ति से मिलेगी आर्थिक मदद
  • आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित परिवारों की छात्राओं को मिलेगा लाभ

धनबाद (Threesocieties.com Desk): छात्राओं की उच्च शिक्षा को प्रोत्साहित करने और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की मेधावी छात्राओं को वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में आईआईटी (आईएसएम) धनबाद और मार्टिन इंजीनियरिंग ने महत्वपूर्ण पहल की है। दोनों संस्थानों के बीच बुधवार को छात्राओं की उच्च शिक्षा को सपोर्ट करने के लिए मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया गया।

एमओयू साइनिंग कार्यक्रम आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता डीन (स्टूडेंट्स वेलफेयर) प्रो. संजय मंडल ने की। इस समझौते के तहत मार्टिन इंजीनियरिंग अपनी कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) पहल के माध्यम से आईआईटी (आईएसएम) की 10 मेधावी छात्राओं को प्रत्येक वर्ष कुल 5 लाख रुपये की स्कॉलरशिप प्रदान करेगी।

हर साल 10 छात्राओं को मिलेगा स्कॉलरशिप का लाभ

एमओयू के तहत मिलने वाली छात्रवृत्ति का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित परिवारों से आने वाली मेधावी छात्राओं की पढ़ाई में वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इससे छात्राओं को आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद अपनी उच्च शिक्षा जारी रखने में मदद मिलेगी।यह पहल विशेष रूप से उन छात्राओं के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिनमें प्रतिभा और उच्च शिक्षा हासिल करने की क्षमता तो है, लेकिन आर्थिक संसाधनों की कमी उनकी पढ़ाई के रास्ते में बाधा बनती है।

टेक्निकल एजुकेशन में लड़कियों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर

इस पहल का एक प्रमुख उद्देश्य टेक्निकल और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में छात्राओं की भागीदारी को बढ़ावा देना है। छात्राओं को वित्तीय सहयोग मिलने से उन्हें अपनी पढ़ाई पर अधिक ध्यान केंद्रित करने और भविष्य में बेहतर करियर के अवसर हासिल करने में मदद मिल सकती है। आईआईटी (आईएसएम) और मार्टिन इंजीनियरिंग के बीच यह सहयोग इंडस्ट्री और एकेडेमिया के बीच साझेदारी को भी मजबूत करेगा। साथ ही, शिक्षा के क्षेत्र में CSR के माध्यम से निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में भी इसे अहम कदम माना जा सकता है।

आर्थिक परेशानी के कारण पढ़ाई प्रभावित नहीं होने देने की पहल

इस पहल का व्यापक उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक कठिनाइयों के कारण किसी मेधावी छात्रा की उच्च शिक्षा बाधित न हो। स्कॉलरशिप के माध्यम से मिलने वाली आर्थिक सहायता छात्राओं को अपनी शैक्षणिक यात्रा जारी रखने में सहयोग करेगी। प्रो. अजित कुमार, लीड कोऑर्डिनेटर एवं असिस्टेंट प्रोफेसर, डिपार्टमेंट ऑफ मैकेनिकल इंजीनियरिंग ने इस पहल को छात्राओं के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, “यह पहल आर्थिक रूप से जरूरतमंद मेधावी छात्राओं को उनकी पढ़ाई जारी रखने में महत्वपूर्ण सहयोग देगी। इंडस्ट्री का ऐसा सहयोग छात्राओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करता है।”

मार्टिन इंजीनियरिंग की टीम रही मौजूद

एमओयू साइनिंग के अवसर पर मार्टिन इंजीनियरिंग की ओर से अश्विनी खुंटे, जनरल मैनेजर–मार्टिन इंडिया; दीपक सरदेसाई, नेशनल सेल्स हेड; तुषार मोदी, फाइनेंस हेड; देबज्योति डे, ऑपरेशंस हेड और राजेश पटनायक, रीजनल मैनेजर मौजूद रहे। वहीं, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद की ओर से प्रो. संजय मंडल, डीन (स्टूडेंट्स वेलफेयर), प्रो. अजित कुमार, लीड कोऑर्डिनेटर एवं असिस्टेंट प्रोफेसर तथा प्रो. निरंजन कुमार, एसोसिएट प्रोफेसर, डिपार्टमेंट ऑफ मैकेनिकल इंजीनियरिंग उपस्थित रहे।

1944 में स्थापित हुई थी मार्टिन इंजीनियरिंग

मार्टिन इंजीनियरिंग बल्क मैटेरियल हैंडलिंग सॉल्यूशंस के क्षेत्र में काम करने वाली एक ग्लोबल कंपनी है। वर्ष 1944 में स्थापित कंपनी माइनिंग, प्रोसेसिंग, एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन जैसे क्षेत्रों के लिए मैटेरियल हैंडलिंग को अधिक सुरक्षित, कुशल और उत्पादक बनाने वाली तकनीक एवं समाधान उपलब्ध कराती है। कंपनी की मौजूदगी 19 देशों और छह महाद्वीपों में है। भारत में भी मार्टिन इंजीनियरिंग का संचालन है।

विमेन एम्पावरमेंट और इनक्लूसिव एजुकेशन की दिशा में कदम

आईआईटी (आईएसएम) धनबाद और मार्टिन इंजीनियरिंग के बीच हुआ यह सहयोग केवल छात्रवृत्ति उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका व्यापक उद्देश्य इनक्लूसिव एजुकेशन और विमेन एम्पावरमेंट को बढ़ावा देना भी है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में छात्राओं को आर्थिक सहयोग मिलने से उन्हें अपने शैक्षणिक और पेशेवर लक्ष्यों को हासिल करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, इस तरह की इंडस्ट्री-समर्थित पहल अन्य कंपनियों को भी शिक्षा और महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में CSR के माध्यम से योगदान देने के लिए प्रेरित कर सकती है।

आईआईटी (आईएसएम) धनबाद और मार्टिन इंजीनियरिंग का यह एमओयू प्रतिभा, शिक्षा और आर्थिक सहयोग को जोड़ने वाली पहल के रूप में देखा जा सकता है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि की मेधावी छात्राओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा और तकनीकी शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी को और मजबूत करने में मदद मिल सकती है।