सांसद ढुलू महतो के विरोधी एक मंच पर, धनबाद विकास के नाम पर दिखी ताकत; 7 विधायकों के दावे में पहुंचे सिर्फ 3

धनबाद विकास मंच के बैनर तले रणधीर वर्मा चौक पर आयोजित महाधरना में सरयू राय, अरूप चटर्जी, संजीव सिंह समेत कई नेता एक मंच पर आए। एयरपोर्ट, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और वैकल्पिक अर्थव्यवस्था को लेकर केंद्र व राज्य सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की गई।

सांसद ढुलू महतो के विरोधी एक मंच पर, धनबाद विकास के नाम पर दिखी ताकत; 7 विधायकों के दावे में पहुंचे सिर्फ 3
धनबाद के विकास को लेकर महाधरना।

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      HighLights:

  • सांसद ढुलू महतो के विरोधी माने जाने वाले कई नेता एक मंच पर दिखे।
  • भाजपा और झामुमो का कोई विधायक धरना में शामिल नहीं हुआ
  • एयरपोर्ट, सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, बेहतर शिक्षा, रोजगार और वैकल्पिक अर्थव्यवस्था की मांग
  •  विकास के मुद्दे पर सियासी एकजुटता, लेकिन अधूरी रही ताकत की तस्वीर

धनबाद (Threesocieties.com Desk): कोयलांचल के समग्र विकास की मांग को लेकर बुधवार को धनबाद विकास मंच के बैनर तले रणधीर वर्मा चौक पर एक दिवसीय महाधरना आयोजित किया गया। इस धरना की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि अलग-अलग राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर विकास के मुद्दे पर एक मंच साझा किया। हालांकि कार्यक्रम में सात विधायकों के शामिल होने का दावा किया गया था, लेकिन अंततः केवल तीन विधायक ही धरना स्थल पहुंचे। भाजपा और झामुमो का कोई विधायक कार्यक्रम में शामिल नहीं हुआ।

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धरना में भाकपा माले विधायक अरूप चटर्जी, जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय, सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो, धनबाद के मेयर संजीव सिंह, पूर्व मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल, बियाडा के पूर्व चेयरमैन बिजय झा, कांग्रेस नेता वैभव सिन्हा समेत विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

क्या रहा मुख्य संदेश?

कार्यक्रम में शामिल नेताओं ने स्पष्ट कहा कि यदि धनबाद को भविष्य के लिए तैयार करना है तो केवल कोयला आधारित अर्थव्यवस्था पर निर्भर रहने से काम नहीं चलेगा। शहर को एयरपोर्ट, आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर रेल संपर्क, नई औद्योगिक नीति और रोजगार के नए अवसरों की आवश्यकता है।

वक्ताओं ने कहा कि देश को सबसे अधिक राजस्व देने वाले जिलों में शामिल होने के बावजूद धनबाद आज भी बुनियादी सुविधाओं के मामले में पिछड़ा हुआ है। इसलिए केंद्र और राज्य सरकार को लंबित परियोजनाओं पर जल्द निर्णय लेना चाहिए।

सरयू राय बोले- अवसरों की कब्रगाह नहीं बने धनबाद

मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने कहा कि धनबाद को अब कोयले तक सीमित नहीं रखा जा सकता। उन्होंने सुझाव दिया कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट, कोलकाता के माध्यम से पूर्वी एशियाई देशों से व्यापारिक संबंध विकसित किए जाएं। साथ ही शहर के आसपास सैटेलाइट टाउनशिप बसाने, आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित उद्योग विकसित करने तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार सृजित करने पर काम होना चाहिए। उन्होंने अवैध कोयला कारोबार, नदियों और जोड़ों के अतिक्रमण तथा प्रशासनिक उदासीनता पर भी सवाल उठाए।

अरूप चटर्जी बोले- फोटो से नहीं, संघर्ष से बनेगा एयरपोर्ट

धरना के संयोजक और निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल का आंदोलन नहीं बल्कि धनबाद की जनता के अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर फोटो पोस्ट करने से एयरपोर्ट नहीं बनेगा। यदि सभी जनप्रतिनिधि एकजुट होकर संसद और सरकार के सामने मजबूती से मांग रखें तो धनबाद को बड़ी परियोजनाएं मिल सकती हैं। उन्होंने खनन क्षेत्र में भू-धंसान, विस्थापन और पर्यावरणीय समस्याओं पर व्यापक सेमिनार आयोजित करने की भी घोषणा की।

चंद्रदेव महतो ने उठाया शिक्षा और स्वास्थ्य का मुद्दा

सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो ने कहा कि धनबाद के युवाओं को पढ़ाई, दवाई और कमाई के लिए दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता है।उन्होंने सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, ट्रॉमा सेंटर, बेहतर शिक्षा संस्थान, कौशल विकास केंद्र और एयरपोर्ट निर्माण को समय की सबसे बड़ी जरूरत बताया।

मेयर संजीव सिंह ने प्रशासनिक समन्वय पर दिया जोर

धनबाद के मेयर संजीव सिंह ने कहा कि शहर का विकास केवल राजनीतिक बयानबाजी से नहीं बल्कि सभी एजेंसियों के साझा प्रयास से संभव है। उन्होंने बीसीसीएल, रेलवे, जिला प्रशासन और अन्य प्रमुख संस्थानों के बीच नियमित समन्वय बैठक कराने की मांग की। साथ ही कहा कि शहर की नदियों को बचाना और आधारभूत संरचना को मजबूत करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

बिजय झा ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

बियाडा के पूर्व चेयरमैन बिजय झा ने कहा कि वर्तमान समय में केंद्र सरकार और भाजपा सांसदों से धनबाद के विकास की उम्मीद कम दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि अब धनबाद के हित में सभी राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों को मिलकर काम करना होगा।

पूर्व मेयर बोले- कोयला के बाद की अर्थव्यवस्था पर अभी से सोचें

पूर्व मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल ने कहा कि आने वाले वर्षों में कोयला आधारित अर्थव्यवस्था कमजोर होगी। इसलिए अभी से वैकल्पिक उद्योग, निवेश और रोजगार के नए मॉडल तैयार करने होंगे। उन्होंने डीएमएफटी फंड का उपयोग आर्थिक गतिविधियों और रोजगार सृजन से जोड़ने की मांग की।

वक्ताओं ने कहा कि यह संकेत है कि अब धनबाद की जनता विकास के मुद्दे पर राजनीति से ऊपर उठकर आवाज उठाना चाहती है।हालांकि राजनीतिक दृष्टि से यह भी चर्चा का विषय रहा कि जिन सात विधायकों के शामिल होने का दावा किया गया था, उनमें से केवल तीन ही मंच तक पहुंचे। भाजपा और झामुमो के विधायकों की गैरमौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी रही।