नई दिल्ली:पुलिस ने सोशल मीडिया में उड़ रही अफवाहों का किया खंडन, दो लोग कस्टडी में लिये गये

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  • हिंसा प्रभावित एरिया में नहरों से चार बॉडी मिले, मृतकों संख्या 46 हुई
नई दिल्ली। नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में हिंसा के बाद स्थिति सामान्य होने लगी है। हलांकि रविवार शाम कई इलाकों में दंगे की अफवाहों से दिल्ली के लोग फिर परेशान हो गये। अफवाह शाम 7.30 बजे फैलनी शुरू हुई और रात साढे नौ बजे तक फैलती रही। सोशल मीडिया द्वारा फैल रही अफवाह पर पुलिस अलर्ट हुई और इसका खंडन करना शुरू कर दिया। पुलिस दो लोगों को कस्टडी में लेकर पूछताछ कर रही है। एहतियातन पूरी दिल्ली में पुलिस चौकसी बढ़ी दी गई। छह मेट्रो स्टेशनों पर एहतियातन पैसेंजर्स के इंट्री व एक्जिट बंद कर दिया गया। हलांकि 15 मिनट बाद ही इंट्री व एक्जिट की सुविधा दे दी गई। तीन दर्जन से ज्यादा जगहों पर टेंशन की अफवाह नॉर्थ ईस्ट, साउथ व साउथ वेस्ट जिले में तीन दर्जन से ज्यादा स्थानों पर दंगा और टेंशन फैलने की अफवाह फैली। तीनों जिले की पुलिस अफवाह पर दौड़ती रही। सभी सूचनाएं फर्जी पाये जाने पर पुलिस ने राहत की सांस ली। साउथ इस्ट जिले के एनएफसी, मदनपुर खादर, आली गांव, जेजे कॉलोनी, मोलड़बंद, जैतपुर, बदरपुर, खड्डा कॉलोनी, महरौली, पुल प्रहलादपुर, तिगड़ी और देवली आदि इलाकों में कहीं पथराव तो कहीं गोली चलने तो कहीं दुकानों व मकानों में आग लगाने की अफवाह फैली। इसकारण एनएफसी समेत आवासीय कॉलोनियों में सुरक्षा गार्डों ने गेट बंद कर लिये गये। कई इलाके में दुकानदारों ने दुकानें भी बंद कर दीं। इसी तरह दक्षिण जिले के संगम विहार, नेब सराय, फ्रीडम फाइटर कालोनी, मैदानगढ़ी, फतेहपुरबेरी, महरौली, मालवीय नगर, खिड़की एक्सटेंशन, हौजरानी, मदनगीर, आरके पुरम, नानकपुरा, मुनिरका, वंसत विहार आदि इलाके में भी ऐसी ही अफवाहें फैली। साउथ वेस्ट जिले के किशनगढ़, रजौकरी, मसूदपुर, आया नगर समेत कई इलाकों में भी ऐसी की अफवाहें फैली। इन इलाकों में भी दुकानदारों ने दुकानें बंद कर ली और लोगों ने घरों के दरवाजे बंद कर लिए। साउथ दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में पथराव, गोली चलने और दुकाने लूटे जाने व आगजनी की अफवाहें उड़ी। शरारती तत्वल वाट्सऐप के जरिए सुनी-सुनाई बातों को वायरल करने में जुट गये। एहतियातन पुलिस ने तिलक नगर, जनकपुरी, उत्तम नगर ईस्ट, उत्तम नगर वेस्ट पर इंट्री व एक्जिट बंद करा दिया। मेट्रो स्टेशन बंद होने की जानकारी जैसे ही लोगों को मिली तो अफवाहों का बाजार और गर्म हो गया। लोग दंगे भड़कने को लेकर एक बार फिर सशंकित हो गये। पुलिस ने जारी किया बयान वेस्ट रेंज की ज्वाइंट सीपी शालिनी सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों को अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की। उन्होंने कहा कि अफवाह सबसे बड़ा शत्रु है। पूरा इलाका शांत है। ख्याला में कुछ नहीं हुआ है। पुलिस अफसरों ने पेट्रोलिंग भी शुरू कर दी और लोगों से मुलाकात कर अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। एक घंटे बाद माहौल शांत हुआ। दुकानें खुल गई और साथ ही मेट्रो स्टेशनों पर भी आवाजाही सामान्य हो गई। दिल्ली में लॉ एंड ऑर्डर कंट्रोल में दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए बताया कि ऐसा देखने में आया है कि कुछ अराजक तत्व ऐसी अफवाहें फैला रहे हैं जिससे शांति व्यवस्था में बाधा आए। लोगों को अगाह किया जाता है कि न तो इन अफवाहों को फैलाएं और ना इन पर भरोसा करें। पूरी दिल्ली में लॉ एंड ऑर्डर कंट्रोल में है और स्थिति शांत है। अफवाह फैलने वालों से सख्ती से निपटा जा रहा है। दिल्ली के नागरिक अपनी जिम्मेदारी निभाएं और शांति बनाए रखने में मदद करें। हिंसा प्रभावित एरिया में नहरों से चार बॉडी मिले, मृतकों संख्या 46 हुई पुलिस ने रविवार को दो नहरों से चार शव बरामद किये। मृतकों की पहचान अभी नहीं हो पाई है। यहां हिंसा में मरने वालों की संख्या 46 हो गई है। 200 से ज्यादा लोग घायल है। पुलिस ने कहा कि रविवार को कोई हिंसक घटना सामने नहीं आई। सीबीएसई ने दिल्ली हिंसा से प्रभावित इलाकों के छात्रों की दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया है।पुलिस ने अब तक 254 एफआईआर दर्ज कीं, 903 से ज्यादा लोगों को कस्टडी में लिया है। पुलिस कमीश्नर ने घायल डीसीपी का हालचाल जाना दिल्ली के पुलिस कमीश्नर एसएन श्रीवास्तव ने दिल्ली हिंसा में घायल शहादरा के डीसीपी अमित शर्मा के स्वास्थ्य की जानकारी ली। डीसीपी शर्मा 2010 बैच के आईपीएस अफसर हैं। दिल्ली हिंसा के दौरान 24 फरवरी को वे गोकुलपुरी में तैनात थे। दंगाइयों ने उनपर हमला किया था। उनके हाथ और सिर में चोटें आईं थी। दंगाइयों ने डीसीपी शर्मा को घायल करने के साथ ही पुलिस की गाड़ी में आग लगा दी थी। डीसीपी अमित शर्मा पटपड़गंज मैक्स हॉस्पीटल में एडमिट हैं।