धनबाद गोल्फ ग्राउंड में डिज्नीलैंड मेला लगाने का विरोध, भाजपा नेता मुकेश पांडेय बोले- ‘मैदान बचाइए, युवाओं का हक मत छीनिए’

धनबाद गोल्फ ग्राउंड में डिज्नीलैंड मेला लगाने की तैयारी के विरोध में भाजपा नेता मुकेश पांडेय ने आवाज उठाई। उन्होंने मैदान को खेल, वॉक और युवाओं की तैयारी के लिए सुरक्षित रखने की मांग की।

धनबाद गोल्फ ग्राउंड में डिज्नीलैंड मेला लगाने का विरोध, भाजपा नेता मुकेश पांडेय बोले- ‘मैदान बचाइए, युवाओं का हक मत छीनिए’
गोल्फ ग्राउंड में डिज्नीलैंड मेला लगाने की तैयारी का भाजपा नेता मुकेश पांडेय ने किया विरोध>

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       HighLights:

  • मुकेश पांडेय ने कहा- धनबाद में बच्चों के खेलने और खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए मैदान लगातार कम हो रहे
  • जिला परिषद मैदान के बाद कोहिनूर मैदान का भी बदला स्वरूप, अब गोल्फ ग्राउंड पर उठे सवाल
  • सेना, पुलिस और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए मैदान बचाने की मांग
  • जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गोल्फ ग्राउंड को सिर्फ खेल मैदान रखने की अपील

धनबाद (Threesocieties.com Desk): धनबाद शहर के हृदय स्थल माने जाने वाले गोल्फ ग्राउंड में एक बार फिर डिज्नीलैंड मेला लगाने की तैयारी को लेकर विरोध शुरू हो गया है। भाजपा नेता मुकेश पांडेय ने गोल्फ ग्राउंड में मेला लगाने का खुलकर विरोध किया है। उन्होंने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि गोल्फ ग्राउंड को सिर्फ खेल और नागरिक गतिविधियों के लिए सुरक्षित रखा जाए तथा इसे मेला मैदान में तब्दील नहीं किया जाए।

मुकेश पांडेय ने सवाल उठाया कि धनबाद में क्या अब एक भी ऐसा मैदान नहीं बचा है, जहां बच्चे खेल सकें, खिलाड़ी अभ्यास कर सकें और बुजुर्ग व महिलाएं सुबह-शाम टहल सकें? उन्होंने कहा कि सेना, पुलिस और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले हजारों युवा भी मैदानों का इस्तेमाल दौड़ और शारीरिक अभ्यास के लिए करते हैं। ऐसे में यदि बचे हुए मैदानों पर भी मेले और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां होने लगेंगी, तो युवाओं और आम नागरिकों के लिए परेशानी और बढ़ेगी।

‘जिला परिषद मैदान मेला मैदान बन गया, कोहिनूर मैदान वेंडर जोन’

भाजपा नेता ने धनबाद के मौजूदा मैदानों की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिला परिषद मैदान अब लगभग सालभर मेला-ठेला और विभिन्न आयोजनों के लिए इस्तेमाल होने वाला मैदान बन गया है। वहीं कोहिनूर मैदान को वेंडर जोन में तब्दील किए जाने के बाद उसका पुराना स्वरूप खत्म हो गया है।उनका कहना है कि ऐसे में शहर के लोगों के पास गोल्फ ग्राउंड ही प्रमुख खुले स्थानों में से एक बचता है। यदि यहां भी डिज्नीलैंड मेला लगाया जाता है, तो शहरवासियों के लिए खेल, व्यायाम और मॉर्निंग-इवनिंग वॉक की सुविधा और सीमित हो जाएगी।

‘Heart of Dhanbad है गोल्फ ग्राउंड’

मुकेश पांडेय ने गोल्फ ग्राउंड को ‘Heart of Dhanbad’ बताते हुए कहा कि इसकी पहचान सिर्फ एक मैदान के तौर पर नहीं, बल्कि शहरवासियों के लिए खुले और उपयोगी सार्वजनिक स्थान के रूप में है। उन्होंने कहा कि इस मैदान की प्रतिष्ठा धनबाद की प्रतिष्ठा से जुड़ी है और इसे बचाकर तथा संजोकर रखना जरूरी है।उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि धनबाद जैसे औद्योगिक शहर में लोगों को शुद्ध हवा और खुले स्थान के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि शहर में प्रदूषण और धूल की समस्या पहले से है और ऐसे में खुले मैदानों का महत्व और बढ़ जाता है।

BCCL, रेलवे और IIT-ISM के मैदानों का भी उठाया मुद्दा

भाजपा नेता ने धनबाद में मौजूद बड़े संस्थानों और कंपनियों के मैदानों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि BCCL, रेलवे, IIT-ISM समेत कई संस्थानों के अपने मैदान हैं, लेकिन आम नागरिक वहां बिना अनुमति या NOC के खेल अथवा व्यायाम नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि धनबाद में बड़ी संख्या में युवा सेना, पुलिस और दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। इनके लिए दौड़ और शारीरिक अभ्यास बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में शहर में पर्याप्त सार्वजनिक खेल मैदान उपलब्ध होना जरूरी है।

‘आर्थिक राजधानी में हर वार्ड-पंचायत में हो आदर्श खेल मैदान’

मुकेश पांडेय ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामने दो प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली, गोल्फ ग्राउंड को सिर्फ खेल मैदान के रूप में रखा जाए और वहां डिज्नीलैंड अथवा अन्य व्यावसायिक मेला नहीं लगाया जाए।दूसरी, झारखंड की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले धनबाद के हर ब्लॉक, वार्ड और पंचायत में आदर्श खेल मैदान विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि धनबाद में बच्चों और युवाओं को खेल की बेहतर सुविधा मिले, खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए मैदान मिले और आम नागरिकों को सुबह-शाम टहलने व व्यायाम के लिए सार्वजनिक स्थान उपलब्ध हो, यह प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता होनी चाहिए।

‘मैदान बचाना युवाओं के भविष्य को बचाना है’

मुकेश पांडेय ने कहा कि मैदान सिर्फ जमीन का टुकड़ा नहीं होते। ये बच्चों के खेल, युवाओं की तैयारी, खिलाड़ियों के अभ्यास और बुजुर्गों की सेहत से जुड़े सार्वजनिक स्थान हैं। इसलिए मैदानों को लगातार मेला, वेंडर जोन या अन्य स्थायी गतिविधियों में बदलने के बजाय शहर में नए खेल मैदान विकसित किए जाने चाहिए। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि गोल्फ ग्राउंड ‘Hot of Dhanbad’ नहीं, बल्कि ‘Heart of Dhanbad’ है। इसकी प्रतिष्ठा शहरवासियों की प्रतिष्ठा से जुड़ी है। इसलिए इसे बचाना और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है।

मुकेश पांडेय ने कहा है कि इस मामले को लेकर वे सीएम व खेल मंत्री को पत्र लिखकर अवगत करायेंगे। मामले में धनबाद डीसी से मिलकर ज्ञापन देंगे। उन्होंने मामले में लोगों से सहयोग की अपील किया है।