वासेपुर के दो व्यवसायियों की हत्या की साजिश नाकाम, प्रिंस खान गैंग के दो गुर्गे बम और पिस्टल के साथ गिरफ्तार
धनबाद पुलिस ने प्रिंस खान गैंग के दो सक्रिय सदस्यों को दो पिस्टल, दो जिंदा बम और पांच कारतूस के साथ गिरफ्तार किया। पूछताछ में वासेपुर के जमीन कारोबारी और होटल व्यवसायी की हत्या की साजिश का खुलासा हुआ।
HighLights:
- प्रिंस खान गैंग के दो सक्रिय सदस्य गिरफ्तार, दो पिस्टल, दो जिंदा बम और पांच कारतूस बरामद
- जमीन कारोबारी और होटल व्यवसायी की हत्या की साजिश का खुलासा
- बीआईटी पॉलिटेक्निक के पास जंगल से हुई गिरफ्तारी
- व्हाट्सएप के जरिए प्रिंस खान और गोपी खान से जुड़े थे आरोपी
धनबाद (Threesocieties.com Desk): धनबाद पुलिस ने एक बार फिर संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुख्यात अपराधी प्रिंस खान गैंग की एक बड़ी साजिश को विफल कर दिया है। पुलिस ने गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से दो अवैध पिस्टल, दो जिंदा बम, पांच जिंदा कारतूस और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि दोनों आरोपी वासेपुर के एक जमीन कारोबारी और होटल व्यवसायी की हत्या की योजना बना रहे थे। समय रहते पुलिस की कार्रवाई से एक बड़ी आपराधिक घटना टल गई।
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गुप्त सूचना पर हुई ताबड़तोड़ कार्रवाई
धनबाद पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि प्रिंस खान गिरोह के कुछ सदस्य किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के उद्देश्य से भुली ओपी क्षेत्र स्थित बीआईटी पॉलिटेक्निक के समीप जंगल में हथियारों के साथ जमा हुए हैं। सूचना मिलते ही धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के निर्देश पर एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने जंगल की घेराबंदी कर छापेमारी की और मौके से दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने संभावित हत्या की वारदात को होने से पहले ही रोक दिया।
ये हैं गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान:गुलाम गौस उर्फ छोटू कुरैशी व शोएब कुरैशी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी लंबे समय से प्रिंस खान गिरोह के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे थे। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की। पुलिस छापामारी दल का नेतृत्व भूली ओपी प्रभारी विश्वजीत ठाकुर कर रहे थे।
गुलाम गौस के पास से बरामद
दो जिंदा बम
"Made in Italy" अंकित अवैध पिस्टल
तीन जिंदा कारतूस
दो मोबाइल फोन
शोएब कुरैशी के पास से बरामद
"King KGF" अंकित अवैध पिस्टल
दो जिंदा कारतूस
बरामद सभी हथियारों और विस्फोटक सामग्री को जब्त कर जांच के लिए भेज दिया गया है।
हत्या की साजिश का खुलासा
पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे प्रिंस खान और गोपी खान के निर्देश पर वासेपुर के एक जमीन कारोबारी और होटल व्यवसायी की हत्या करने की योजना बना रहे थे। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने कई दिनों तक अपने संभावित लक्ष्य की रेकी भी की थी। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो धनबाद में एक बड़ी वारदात हो सकती थी।
व्हाट्सएप से दुबई बैठे गैंग सरगना से संपर्क
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी व्हाट्सएप के माध्यम से लगातार प्रिंस खान और गोपी खान के संपर्क में थे। पुलिस ने दोनों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं और उनकी फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड, चैट हिस्ट्री, ऑडियो-वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इससे गिरोह के कई अन्य सदस्यों और उनके सहयोगियों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
सिटी एसपी ने क्या कहा
धनबाद के सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों आरोपी प्रिंस खान और गोपी खान के निर्देश पर हत्या की साजिश रच रहे थे। पुलिस को समय रहते सूचना मिल गई, जिसके बाद विशेष टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने कहा कि पुलिस पूरे गिरोह की गतिविधियों की जांच कर रही है और जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य अपराधियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी जेल जा चुका है आरोपी
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी शोएब कुरैशी पहले भी कई आपराधिक मामलों में जेल जा चुका है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हाल के दिनों में हुई फायरिंग, रंगदारी और अन्य संगठित अपराधों में इनकी क्या भूमिका रही है। इस मामले में भुली (बैकमोड़) थाना कांड संख्या 116/26 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्टव विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
हथियार कहां से आए, नेटवर्क की होगी जांच
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार और जिंदा बम कहां से उपलब्ध कराए गए।
गिरोह को आर्थिक सहायता कौन दे रहा है।
हत्या की साजिश में और कौन-कौन शामिल हैं।
क्या इनका संबंध हाल की अन्य आपराधिक घटनाओं से भी है।
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
संगठित अपराध के खिलाफ अभियान रहेगा जारी
धनबाद पुलिस का कहना है कि प्रिंस खान गिरोह लंबे समय से रंगदारी, धमकी, फायरिंग और संगठित अपराध जैसी घटनाओं में शामिल रहा है। इस कार्रवाई से गिरोह को बड़ा झटका लगा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि संगठित अपराध के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए हर स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।
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