JPSC परीक्षा में बड़े सुधार की तैयारी! 8,500 युवाओं ने दिए सुझाव, CM हेमंत ने कहा- आपकी राय से बदलेगी व्यवस्था

झारखंड में JPSC और प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली में सुधार की तैयारी। ‘छात्रों की बात-छात्रों के साथ’ अभियान में 8,500 से अधिक युवाओं ने सुझाव दिए। CM हेमंत सोरेन ने पारदर्शी और जवाबदेह परीक्षा व्यवस्था के लिए युवाओं से सुझाव जारी रखने की अपील की।

JPSC परीक्षा में बड़े सुधार की तैयारी! 8,500 युवाओं ने दिए सुझाव, CM हेमंत ने कहा- आपकी राय से बदलेगी व्यवस्था
सीएम हेमंत सोरेन का सीएम सोरेन ने किया पारदर्शी परीक्षा प्रणाली का आह्वान।

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      HighLights:

  • 8,500 से अधिक युवाओं ने परीक्षा सुधार को लेकर दिए सुझाव
  • OMR शीट, परीक्षा कैलेंडर, स्कोरकार्ड और प्रश्नपत्र के प्रारूप पर आए सुझाव
  • JPSC समेत दोनों चयन आयोगों की कार्यप्रणाली में सुधार की मांग
  • CM हेमंत सोरेन ने युवाओं से लगातार सुझाव देने की अपील की

रांची (Threesocieties.com Desk):  झारखंड में प्रतियोगी और आयोग की परीक्षाओं की व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पहल पर चलाए जा रहे ‘छात्रों की बात-छात्रों के साथ’ अभियान को युवाओं का व्यापक समर्थन मिल रहा है। अब तक 8,500 से अधिक युवाओं और अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर अपने सुझाव सरकार तक पहुंचाए हैं।

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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष, विश्वसनीय और जवाबदेह बनाने के लिए युवाओं की राय बेहद महत्वपूर्ण है। सरकार का प्रयास है कि परीक्षा व्यवस्था में मौजूद चुनौतियों की पहचान कर उनका व्यावहारिक समाधान निकाला जाए।

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OMR से लेकर परीक्षा कैलेंडर तक आए सुझाव

‘छात्रों की बात-छात्रों के साथ’ अभियान के तहत अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रणाली के विभिन्न पहलुओं को लेकर सुझाव दिए हैं। इनमें OMR शीट की व्यवस्था, परीक्षा कैलेंडर, स्कोरकार्ड, प्रश्नपत्रों के प्रारूप, तकनीक के बेहतर इस्तेमाल और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं। युवाओं का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया जितनी स्पष्ट और पारदर्शी होगी, अभ्यर्थियों का चयन प्रक्रिया पर भरोसा उतना ही मजबूत होगा। परीक्षा की तारीखों, परिणाम, स्कोरकार्ड और अन्य प्रक्रियाओं को लेकर स्पष्टता से अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी बेहतर तरीके से करने में मदद मिलेगी।

JPSC समेत चयन आयोगों में सुधार की मांग

अभ्यर्थियों ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) समेत राज्य के दोनों चयन आयोगों के कामकाज में जरूरी सुधारों को लेकर भी अपनी राय दी है। युवाओं ने संवैधानिक दायरे में रहते हुए चयन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। सरकार का कहना है कि युवाओं से प्राप्त सुझावों को केवल शिकायत या समस्या के रूप में नहीं देखा जा रहा है, बल्कि इनके माध्यम से परीक्षा व्यवस्था में व्यावहारिक सुधार की संभावनाओं को समझने का प्रयास किया जा रहा है।

आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित हो परीक्षा व्यवस्था

राज्य सरकार की इस पहल का उद्देश्य सिर्फ मौजूदा समस्याओं पर चर्चा करना नहीं है। सरकार ऐसी परीक्षा व्यवस्था तैयार करना चाहती है, जो वर्तमान अभ्यर्थियों के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए भी सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह हो। परीक्षा प्रणाली में तकनीक के इस्तेमाल को बेहतर बनाने, प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट करने और अभ्यर्थियों को समय पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने जैसे विषयों पर भी सुझाव मिल रहे हैं।

CM हेमंत ने युवाओं से की खास अपील

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने युवाओं से अपील की है कि वे अपने सुझाव देना जारी रखें। उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें झारखंड के युवाओं की सीधी जनभागीदारी भी जरूरी है। अभ्यर्थियों की ओर से दिया गया प्रत्येक सुझाव राज्य के लाखों युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। सरकार का मानना है कि युवाओं के अनुभव और सुझावों के आधार पर परीक्षा प्रणाली की कमियों को दूर करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।

पोर्टल के जरिए दे सकते हैं सुझाव

अभ्यर्थी परीक्षा व्यवस्था में बदलाव और सुधार से जुड़े अपने सुझाव सरकार के समर्पित पोर्टल samvad.jharkhand.gov.in के माध्यम से साझा कर रहे हैं। सरकार की इस पहल के जरिए युवाओं को सीधे अपनी बात रखने का अवसर मिल रहा है। अब देखना होगा कि 8,500 से अधिक युवाओं से मिले सुझावों के आधार पर JPSC और राज्य की प्रतियोगी परीक्षा व्यवस्था में आने वाले दिनों में क्या बड़े बदलाव किए जाते हैं।