‘साइको किलर’ रोहित तिवारी गिरफ्तार, ट्रेन में लूटकर यात्रियों को फेंकता था बाहर
ट्रेन यात्रियों को लूटकर चलती ट्रेन से फेंकने के आरोपित रोहित तिवारी को प्रयागराज से गिरफ्तार किया गया। RPF-GRP की संयुक्त टीम उसे पटना ला रही है।
HighLights:
- ‘साइको किलर’ रोहित तिवारी प्रयागराज से गिरफ्तार
- चलती ट्रेन में यात्रियों से लूटपाट और उन्हें फेंकने का आरोप
- जीआरपी पटना, जीआरपी दानापुर और RPF आरा की संयुक्त कार्रवाई
- पटना मेंआरोपित से पूछताछ करेगी रेल पुलिस
पटना (Threesocieties.com Desk): ट्रेनों में यात्रियों को कथित तौर पर निशाना बनाकर उनका सामान छीनने और उन्हें चलती ट्रेन से बाहर फेंकने के मामले में रेल पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। रेल पुलिस और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने रोहित तिवारी को प्रयागराज से गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम उसे प्रयागराज से पटना लेकर लौट रही है।
रेल पुलिस रोहित तिवारी को यात्रियों को निशाना बनाने वाले ऐसे आरोपित के रूप में जांच रही है, जिसके खिलाफ लूटपाट के बाद यात्रियों को चलती ट्रेन से फेंकने के आरोप सामने आए हैं। पुलिस अब उसकी गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ कर अन्य रेल घटनाओं में उसकी कथित भूमिका की जानकारी जुटाने में लगी है।
प्रयागराज में संयुक्त टीम ने की गिरफ्तारी
रोहित तिवारी की गिरफ्तारी के लिए गठित टीम में जीआरपी पटना, जीआरपी दानापुर और आरपीएफ आरा की टीमें शामिल थीं। तकनीकी जानकारी और लोकेशन से मिले सुराग के आधार पर पुलिस को उसके प्रयागराज क्षेत्र में होने की जानकारी मिली।इसके बाद संयुक्त टीम प्रयागराज पहुंची और कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद टीम आरोपित को लेकर पटना के लिए रवाना हो गई।
यात्रियों को बनाता था निशाना
पुलिस के अनुसार, रोहित तिवारी भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड के बरिसवन गांव का रहने वाला बताया जा रहा है। उसकी गतिविधियों की जांच पटना जंक्शन से आरा, बक्सर, डीडीयू और आगे जबलपुर रेलखंड तक की जा रही है। आरोप है कि वह ट्रेनों में यात्रियों को निशाना बनाता था। पहले उनका सामान छीनता और फिर उन्हें ट्रेन के गेट के पास ले जाकर बाहर फेंक देता था। ऐसे मामलों में यात्रियों के सामान बरामद नहीं होने और आरोपित की पहचान तत्काल नहीं हो पाने के कारण जांच में पुलिस को परेशानी का सामना करना पड़ा।
जगजीवन हाल्ट के बाद हुई घटना से बढ़ी निगरानी
हाल के दिनों में दानापुर क्षेत्र में हुई एक घटना के बाद रेल पुलिस और आरपीएफ ने निगरानी बढ़ा दी थी। इसी क्रम में जगजीवन हाल्ट के बाद ट्रेन में हुई घटना के बाद संदिग्ध की गतिविधियों पर नजर रखी गई। तकनीकी जांच के दौरान संदिग्ध की लोकेशन प्रयागराज क्षेत्र में मिली। इसके बाद रेल पुलिस और आरपीएफ की टीम ने वहां पहुंचकर कार्रवाई की और रोहित तिवारी को गिरफ्तार कर लिया।
कई रेलखंडों में पुरानी घटनाओं की भी जांच
गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस की जांच का दायरा और बढ़ गया है। रेल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि रोहित तिवारी ने कथित तौर पर किन-किन ट्रेनों और रेलखंडों में यात्रियों को निशाना बनाया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि लूटे गए सामान का क्या किया जाता था और क्या इन घटनाओं में उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था। पुराने रेल अपराधों से उसके संभावित संबंधों को भी खंगाला जा रहा है।
पहले भी सामने आया था रोहित तिवारी का नाम
रोहित तिवारी का नाम इससे पहले भी ट्रेन में यात्रियों से लूटपाट और उन्हें चलती ट्रेन से बाहर फेंकने के एक मामले में सामने आ चुका है। 2024 की एक रेल पुलिस कार्रवाई में उसे यात्रियों से लूटपाट करने के आरोप में गिरफ्तार किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। उस मामले में पुलिस ने आरोप लगाया था कि वह खुद को फर्जी रेल पुलिसकर्मी बताकर यात्रियों पर प्रभाव जमाता था। हालिया जांच में भी रेल पुलिस उसके पुराने मामलों और वर्तमान घटनाओं के बीच संभावित कनेक्शन खंगाल रही है।
पूछताछ के बाद खुलेगा कई घटनाओं का राज
रोहित तिवारी को पटना लाए जाने के बाद जीआरपी और आरपीएफ उससे विस्तृत पूछताछ करेगी। पुलिस यह जानने की कोशिश करेगी कि यात्रियों को निशाना बनाने का उसका कथित तरीका क्या था, अब तक कितनी घटनाओं में उसकी भूमिका रही और क्या उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था। पुलिस की ओर से दानापुर में प्रेस कांफ्रेंस के जरिए मामले का विस्तृत खुलासा किए जाने की बात कही गई है। इसमें गिरफ्तारी से जुड़े सुराग, आरोपित के कथित तौर-तरीकों और जांच में सामने आई जानकारी साझा की जा सकती है।
नोट: “साइको किलर” शब्द पुलिस/मीडिया में इस्तेमाल किया गया वर्णन है। आरोपों और उसकी अन्य घटनाओं में कथित भूमिका की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होगी।
Threesocieties News Desk 



