राहुल गांधी का बड़ा आरोप: ‘वोट चोरी’ से बने कानून भी गैरकानूनी, CEC ज्ञानेश पर निशाना

राहुल गांधी ने SIR और मतदाता सूची विवाद के बीच CEC ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कथित ‘वोट चोरी’, चुनाव प्रक्रिया और कानूनों की वैधता को लेकर सवाल उठाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।

राहुल गांधी का बड़ा आरोप: ‘वोट चोरी’ से बने कानून भी गैरकानूनी, CEC ज्ञानेश पर निशाना
‘वोट चोरी से कानून चोरी’, राहुल गांधी का CEC ज्ञानेश पर बड़ा हमला, मांगा इस्तीफा।

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  • राहुल गांधी ने CEC ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए,इस्तीफे की मांग
  • लोकसभा और विधानसभा चुनावों में कथित ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाया
  • राहुल ने कहा कि वोट की वैधता पर सवाल उठने से कानून बनाने की प्रक्रिया भी होती है प्रभावित 
  • CEC ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति को लेकर भी राहुल गांधी ने सवाल खड़े किए

नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk): SIR यानी Special Intensive Revision और मतदाता सूची को लेकर जारी विवाद के बीच कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला। करीब 55 मिनट की प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने चुनाव प्रक्रिया, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि ‘वोट चोरी’ की वजह से देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि वोट देश की नींव है और चुनाव आयोग की जिम्मेदारी मतदाताओं के वोट की रक्षा करना है।

‘वोट चोरी से कानून चोरी’

राहुल गांधी ने अपने आरोपों को आगे बढ़ाते हुए कहा कि अगर वोटों के जरिए चुने गए प्रतिनिधियों की वैधता पर सवाल उठता है, तो उनके द्वारा बनाए गए कानूनों की वैधता पर भी सवाल खड़ा होता है। उन्होंने इसे ‘वोट चोरी से कानून चोरी’ से जोड़ते हुए कहा कि वोट लोकतंत्र और संविधान को शक्ति देता है। राहुल गांधी ने कहा कि वोट ही वह आधार है, जिसके जरिए लोग अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं और वही प्रतिनिधि संसद में कानून बनाते हैं। उनके मुताबिक वोट की प्रक्रिया कमजोर होने से पूरी लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित होती है।

CEC ज्ञानेश कुमार पर लगाए गंभीर आरोप

राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सीधे निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों में कथित तौर पर ‘वोट चोरी’ हुई। उन्होंने कहा कि उन्होंने ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति का विरोध किया था, लेकिन सरकार ने उन्हें चुना।राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुना था। उन्होंने CEC से इस्तीफा देने की मांग करते हुए कहा कि चुनाव आयोग को मतदाताओं के वोट की रक्षा करनी चाहिए।

SIR विवाद के बीच बढ़ा सियासी घमासान

राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस ऐसे समय हुई है, जब SIR और मतदाता सूची को लेकर चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों की रिपोर्ट सामने आई है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में विभिन्न मुद्दों पर कम से कम 14 बार आधिकारिक आपत्तियां दर्ज की थीं। इनमें SIR, मतदाता हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया तथा फॉर्म-6 में बदलाव जैसे मुद्दे शामिल बताए गए हैं। इसी रिपोर्ट के बाद विपक्षी दलों ने CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर अपने हमले तेज कर दिए हैं। विपक्ष की ओर से निष्पक्ष जांच और SIR प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

‘बीजेपी के खिलाफ एंटी-इनकंबेंसी क्यों नहीं?’

राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनावी राजनीति में सत्ता विरोधी लहर यानी एंटी-इनकंबेंसी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि भारत में आम तौर पर सरकारों के खिलाफ एंटी-इनकंबेंसी देखने को मिलती रही है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का उदाहरण देते हुए सवाल किया कि जब अलग-अलग सरकारों और नेताओं के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर दिखाई देती रही है, तो बीजेपी के मामले में ऐसा क्यों नहीं दिखाई देता। राहुल गांधी ने इसी सवाल को चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों से जोड़कर देखा।

‘तीन साल से वोट चोरी की बात कह रहे हैं’

राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस पिछले करीब तीन वर्षों से चुनाव प्रक्रिया और वोटर लिस्ट को लेकर सवाल उठाती रही है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी ने पहले भी इस मुद्दे को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की हैं। उन्होंने कहा कि अब चुनाव आयोग के भीतर से सामने आ रही आपत्तियों के कारण उनके पुराने सवालों पर फिर चर्चा हो रही है। हालांकि, चुनाव प्रक्रिया में ‘वोट चोरी’ के राहुल गांधी के आरोपों को खबर में उनका राजनीतिक दावा मानकर ही देखा जाना चाहिए।

ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग

राहुल गांधी ने CEC ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा देने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का काम देश के नागरिकों के वोट की रक्षा करना है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने पहले ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पत्र लिखा था, लेकिन उस पर कार्रवाई नहीं हुई। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाने वालों को भविष्य में जवाबदेह ठहराया जाएगा।

विपक्ष ने भी उठाए सवाल

SIR विवाद के बीच कांग्रेस के अलावा कई विपक्षी दलों ने भी CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर सवाल उठाए हैं। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, विपक्षी दलों ने CEC को हटाने, SIR को रोकने और चुनाव आयोग के कामकाज की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, बीजेपी ने चुनाव आयोग के भीतर अलग-अलग राय को deliberative process का हिस्सा बताया है और ज्ञानेश कुमार का बचाव किया है।

विवाद का केंद्र क्या है?

फिलहाल पूरा विवाद मुख्य रूप से SIR, मतदाता सूची में बदलाव, चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेद और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता के सवालों के इर्द-गिर्द है। राहुल गांधी और विपक्षी दल चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि सत्तारूढ़ बीजेपी ने CEC का बचाव किया है।