रंजय सिंह हत्याकांड धनबाद: 19 सितंबर को तय होगा हर्ष-मामा का भविष्य

रंजय सिंह हत्याकांड में करीब 337 तारीखों और नौ साल की सुनवाई के बाद अब 19 सितंबर को फैसले की उम्मीद है। धनबाद के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत ने फैसला सुनाने के लिए 19 सितंबर की तारीख तय की है।

रंजय सिंह हत्याकांड धनबाद: 19 सितंबर को तय होगा हर्ष-मामा का भविष्य
रंजय सिंह हत्याकांड में 337 तारीखों बाद अब 19 सितंबर को फैसला।

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     HighLights:

  • रंजय सिंह हत्याकांड में करीब 9 साल और 337 तारीखों से चल रही है मामले की सुनवाई।
  • अब 19 सितंबर को फैसला आने की उम्मीद, अभियोजन पक्ष ने कुल 23 गवाहों का परीक्षण कराया है
  • 29 जनवरी 2017 को चाणक्य नगर मोड़ के पास हुई थी रंजय सिंह की हत्या

धनबाद (Threesocieties.com Desk): कोयला राजधानी धनबाद के बहुचर्चित रंजय सिंह उर्फ रवि रंजन सिंह  हत्याकांड में करीब नौ साल लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद अब मामले में 19 सितंबर 2026 को फैसला सुनाया जायेगा। धनबाद के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत ने फैसला सुनाने के लिए 19 सितंबर की तारीख तय की है। करीब 337 तारीखों तक चली सुनवाई के बाद मृतक के परिजनों और मामले से जुड़े लोगों की निगाहें अब 19 सितंबर पर टिक गई हैं।

हर्ष सिंह और नंदकुमार सिंह पर आरोप

पुलिस जांच के बाद मामले में नंदकुमार सिंह उर्फ रूना सिंह उर्फ बबलू उर्फ मामा और हर्ष सिंह के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया। जबिक इस मामले के एक आरोपी चंदन शर्मा फरार चल रहा है। बिहार पटना जिला निवासी चंदन की हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत अरजी खारिज हो चुकी है।  अभियोजन पक्ष के अनुसार, मामले में हत्या और साजिश से जुड़े आरोपों को लेकर अदालत में साक्ष्य और गवाह पेश किए गए। हालांकि, आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत को उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों की गवाही और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर करना है। आरोपी पक्ष की ओर से आरोपों से इनकार किया गया है। हर्ष सिंह ने अपने सफाई बयान में हत्या कराने के आरोप से इनकार करते हुए घटना के दिन अपने धैया स्थित आवास पर होने की बात कही थी।

अभियोजन ने कराई 23 गवाहों की गवाही

मामले की सुनवाई लंबी अवधि तक चलने का एक बड़ा कारण इसका विस्तृत ट्रायल भी रहा। अभियोजन पक्ष ने इस मामले में कुल 23 गवाहों का परीक्षण कराया।इनमें घटना के प्रत्यक्षदर्शी राजा यादव के अलावा पुलिस पदाधिकारी, चिकित्सक तथा तकनीकी साक्ष्यों से जुड़े गवाह शामिल रहे। गवाहों के बयान, पुलिस जांच, चिकित्सकीय साक्ष्य और अन्य दस्तावेजों को अदालत के समक्ष रखा गया। इसके बाद अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से अंतिम दलीलें भी पेश की गईं। 

संजीव सिंह के करीबी माने जाते थे रंजय सिंह

रंजय सिंह उर्फ रवि रंजन सिंह को झरिया के तत्कालीन भाजपा विधायक संजीव सिंह का बेहद करीबी माना जाता था। इसी वजह से उनकी हत्या का मामला धनबाद की राजनीति और अपराध की दुनिया से जुड़ा बेहद संवेदनशील प्रकरण बन गया। संजीव सिंह वर्तमान में धनबाद के मेयर हैं। रंजय सिंह की हत्या के बाद से ही यह मामला धनबाद में चर्चा का विषय रहा है और लंबे समय से चल रही अदालती कार्यवाही पर सभी की नजर रही है।

29 जनवरी 2017 को हुई थी रंजय सिंह की हत्या

रंजय सिंह उर्फ रवि रंजन सिंह की हत्या 29 जनवरी 2017 की शाम सरायढेला थाना क्षेत्र में चाणक्य नगर मोड़ के पास कर दी गई थी। वह बिग बाजार के सामने से गुजर रहे थे। इसी दौरान हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाकर गोलियां चला दीं। घटना के समय रंजय सिंह के साथ राजा यादव भी मौजूद थे। गोलीबारी में रंजय सिंह की मौत हो गई, जबकि राजा यादव बच गए। बाद में राजा यादव इस मामले में महत्वपूर्ण चश्मदीद गवाह बने। इसके बाद राजा यादव की शिकायत पर सरायढेला थाना में मामला दर्ज किया गया था। .हत्या के बाद सरायढेला थाना में मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने जांच शुरू की। जांच आगे बढ़ने के साथ मामला धनबाद के चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल हो गया।