दिल्ली हिंसा में खुलेआम फायरिंग करनेवाले शाहरुख अरेस्ट, कोर्ट ने चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा

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नई दिल्ली। पुलिस ने नॉर्थ ईस्ट दिल्ली सीएए खिलाफ प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा के दौरान पिस्टल लहराकर खुलेआम फायरिंग करने वाले युवक शाहरुख को अरेस्ट कर लिया है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को शाहरूख को यूपी के शामली से पकड़ी। एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस अजीत कुमार सिंगला ने कहा कि शाहरुख के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 (हत्या की कोशिश), 186 और 353 के तहत एफआइआर दर्ज की गयी है। जांच के दौरान अगर आवश्यकता पड़ी तो और धाराएं लगाई जा सकती है।शाहरूख के खिलाफ पुलिस ने हत्या की कोशिश समेत कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया। वह पिछले कई दिनों से पुलिस की नजर से बचता फिर रहा था, जबकि पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी। एडिशनल कमिश्नर ने कहा कि हम शाहरुख से उस पिस्टल रिकवर करने की कोशिश कर रहे हैं जिससे वह फायरिंग कर रहा था। उसका कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं है। उसके पिता के खिलाफ कुछ केस दर्ज हैं। आगे की जांच की जा रही है।
चार दिनों की पुलिस कस्टडी में
शाहरुख को पुलिस कोर्ट में पेश की। पुलिस कस्टडी की मांग की गयी। कोर्ट ने शाहरुख को चार दिनों की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। उल्लेखनीय है कि शाहरुख का हिंसा के दौरान 24 फरवरी को खुलेआम फायरिंग करते हुए वीडियो वायरल हुआ था।
हवलदार पर तानी थी पिस्टसलशाहरूख ने 24 फरवरी को मौजपुरी में हुई हिंसा के दौरान तीसरी बटालियन में तैनात दीपक दहिया पर शाहरुख ने पिस्टल तान दी थी। वह हवा में फायरिंग करह रहा था? शाहरुख दिल्ली में उस्मानपुर की अरविंद नगर का रहने वाला है।
एडिशनल सीपी( क्राइम ब्रांच) अजीत कुमार शिंगला ने बताया कि शाहरुख ने तीन गोलियां चलाई। पांच इसके पास से बरामद हुई है। पिस्टल सेमी ऑटोमैटिक है। 6.75 बोर का है। ये जिम का भी शौकीन है। बीए सेकेंड ईयर तक पढ़ाई की है। पुलिस पूछताछ में पता चला है कि शाहरुख को मॉडलिंग का शौक है और वह टिक टॉक वीडियो बनाता था । उसने मुंगेर में बनी पिस्टल से फायरिंग की थी। म्यूजिक विडियो भी बनाता रहा है। पुलिस पर पिस्टल तानने की घटना के बाद उसने कनॉट प्लेस की एक पार्किंग में रात बिताई थी, जिसके बाद वह जालंधर भाग गया था। वहां से बरेली और फिर शामली चला गया था। वहां वह एक दोस्त के पास रह रहा था। शामली बस स्टैंड की तरफ जा रहा था, वहीं से पुलिस ने उसे पकड़ा है। शाहरुख ने दंगे के दौरान दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल दीपक दहिया पर पिस्टल तानी थी और 8 राउंड फायरिंग की थी। दीपक पर पिस्टल तानने और फायरिंग करने का विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। विडियो वायरल होने के बाद वह अपने परिवार के साथ फरार हो गया था।
ड्रग्स कारोबारी रहा है पिता, काट चुका है जेल22 वर्षीय शाहरुख मूलरूप से पंजाब का रहने वाला है। उसका पिता साबिर राणा ड्रग्स तस्कर रहा है। वह दिल्ली, पंजाब और यूपी में हेरोइन समेत दूसरे नशीले पदार्थों की तस्करी करता था। इसमें उसकी मां भी मदद करती थी। राणा काफी समय तक दिल्ली, यूपी और पंजाब की जेल में बंद भी रहा है। शाहरुख का परिवार कुछ वर्षों से घोंडा के अरविंद नगर मोहल्ला में रह रहा था। स्थानीय लोगों की मानें तो उसका परिवार यहां पर करीब 1985 से रह रहा था। परिवार में माता-पिता के अलावा उसके दो भाई भी हैं। उसके कुछ रिश्तेदार मुजफ्फरनगर व कैराना में भी रहते हैं।
कनॉट प्लेस की पार्किंग में कई घंटे तक सोता रहा, दो साल पहले रौब झाड़ने के लिए ली थी अवैध पिस्तौल
मोहम्मद शाहरुख 24 फरवरी को जवान पर फायरिंग करने के बाद वह वहां से भाग गया था। इसके बाद वह कनॉट प्लेस की पार्किंग में खड़ी कार में कई घंटे सोता रहा। जब उसे विश्वास हो गया कि पुलिस अब दंगों में पूरी तरह फंस चुकी होगी तो वह पंजाब चला गया।
हिंसा के मामले में मंगलवार तक 436 मामले दर्ज किए गए, जिसमें 45 शस्त्र अधिनियम के तहत दर्ज हुए हैं। गिरफ्तार किए गए या हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या 1,427 है।
पुलिस का कहना है कि जिस 7.65 बोर की पिस्तौल से शाहरुख ने घटना वाले दिन गोलियां बरसाईं, वह अवैध है। उसने यह पिस्तौल दो साल पहले अपनी फैक्ट्री में काम करने वाले एक मजदूर से ली थी, ताकि इलाके में उसे दिखाकर रौब दिखा सके। उसके पास उस दिन कुल 6 गोलियां थीं। तीन राउंड उसने मौके पर चला दिए थे। दो कारतूस जब्त हो चुके हैं, जबकि एक कारतूस के बारे में उसने पुलिस के बताया कि वह कहीं गिर गया। पिस्तौल बरामद नहीं हुई है। पिस्तौल मुंगेर (बिहार) में बनी है। शाहरुख की नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में मोजे बनाने की फैक्ट्री है।दिल्ली से पंजाब फिर यूपी गया
एसीपी सिंगला ने बताया, "शाहरुख ने दिल्ली से सीधे पंजाब पहुंचा। यहां से वह पानीपत, कैराना, अमरोहा, बरेली में छिपते हुए शामली पहुंचा, जहां से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसकी तलाश में पुलिस क्या-क्या कर रही है? इसकी सही और सटीक जानकारी उसे अखबारों और टीवी से मिल रही थी। इसलिए
टिकटॉक का शौकीन है शाहरूख

एसीपी सिंगला का कहना है कि शाहरुख ने घटना वाले दिन इलाके में अपनी धमक जमाने के लिए पिस्तौल से हवा में गोलियां दागकर सनसनी फैला दी थी। उसका अभी तक कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है। उसके पिता के खिलाफ मादक पदार्थ तस्करी का केस दर्ज है। शाहरुख को टिकटॉक का शौक है। उसने अपना एक म्यूजिक एलबम भी रिलीज हो चुका है।
ड्रग तस्कर है पिता
शाहरुख का परिवार पंजाब का रहने वाला है। वह पिछले कई साल से दिल्ली के घोंडा में रह रहा है। उसका पिता साबिर ड्रग्स तस्करी से जुड़ा है। उस पर मादक पदार्थ अधिनियम के तहत कई मामले दर्ज हैं। वह अपाहिज है। कई बार पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश की जेलों में बंद रहा है। शाहरुख के दो भाई भी हैं। साबिर ने ही दिल्ली हिंसा के बाद उसे रुकवाने के लिए पहले बरेली और फिर शामली में इंतजाम करवाया था। शाहरुख को उसके पिता ने दो साथियों के जरिए बरेली भिजवाया था। वह यहां 4-5 दिन ठहरा और फिर शामली में शिफ्ट हो गया।
पार्षद ताहिर ने कोर्ट में अग्रिम जमात की अरजी दी, तलाश में पुलिस रेड
दिल्ली हिंसा में आरोपी पार्षद ताहिर हुसैन की खोज में भी पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस ने शनिवार को भी दिल्ली से लेकर ताहिर के पैतृक गांव अमरोहा तक छापेमारी की मगर उसका कहीं कुछ पता नहीं चला। पुलिस ने ताहिर हुसैन के रिश्तेदारों और उसके करीबियों की लिस्ट तैयार की है। पुलिस उनसे भी पूछताछ कर रही है।
हिंसा के दौरान आइबी अफसर अंकित शर्मा की मर्डर के आरोपी और निलंबित आप पार्षद ताहिर हुसैन ने दिल्ली की कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की है। इस मामले में बुधवार को सुनवाई होगी।
अंकित के पिता ने ताहिर पर लगाया हत्या का आरोप
अंकित शर्मा के पिता ने बेटे की हत्या के लिए ताहिर हुसैन पर आरोप लगाया है। पिता ने कहा कि नेहरू विहार के पार्षद ताहिर हुसैन के घर में छिपे बैठे दंगाइयों ने उनके बेटे को खींच लिया। इसके बाद उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी। पिता ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे की हत्या पार्षद ताहिर हुसैन के घर में छिपे दंगाइयों ने की है।
जामिया इलाके में छिपा है ताहिर
पुलिस को शक हे कि ताहिर जामिया इलाके में छिपा है। वहां उनके कई रिश्तेदार रहते हैं। पुलिस लगातार उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है, लेकिन सफलता नहीं मिल रही है।
ताहिर ने दी सफाई
आरोपों को लेकर निगम पार्षद ताहिर हुसैन का कहना है कि उनके घर में किस तरह तबाही के सामान आए और यहां से किन लोगों ने पेट्रोल बम से लेकर पत्थर व तेजाब फेंके, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उनका घर पुलिस की निगरानी में था और मैं वहां पर नहीं था। मुझ पर लगाये जा रहे सभी आरोप बेबुनियाद और झूठे हैं।ताहिर हुसैन का कहना है कि मेरे घर पर फैक्ट्री का कार्यालय है जिसमें 15 से 20 स्टाफ काम करते हैं। कभी भी मेरे घर पर 25-30 से अधिक लोग नहीं रहते। मेरे घर पर तबाही के सामान कैसे आये यह तो पुलिस ही बता सकती है। मेरे खिलाफ साजिश रची जा रही है। मेरा इस पूरे प्रकरण से कोई लेना देना नहीं है। जिस वीडियो में मैं दिख रहा हूं, वह 24 फरवरी की है। तब तक यहां कुछ नहीं हुआ था। मेरे ऊपर जो हत्या, आगजनी का आरोप लगा है वह पूरी तरह से झूठा है। मैंने हमेशा हिंदू मुस्लिम सौहार्द के लिए काम किया है।दिल्ली पुलिस के पीआरओ एम.एस. रंधावा ने कहा है कि  26 फरवरी को जब अंकित शर्मा की शव बरामद हुआ और उसके परिवार ने आरोप लगाये उसके बाद ताहिर हुसैन को मुख्य आरोपी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि उसके बाद ताहिर के घर की तलाशी ली गई और सबूतों को इकट्ठा किया गया है।उन्होंने पुलिस की तरफ से ताहिर को बचाने की मीडिया रिपोर्ट पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि इसकी हकीकत ये है कि 24 फरवरी को हमें यह सूचना मिली थी कि निगम पार्षद फंसा और चारों तरफ से घिरा हुआ है लेकिन जब पुलिस ने उसकी जाकर जांच की तो पता चला कि वह घर में बैठा था।