सुप्रीम कोर्ट को मिलेंगे 3 नए जज, कॉलेजियम ने इन 3 नामों की सिफारिश की

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने गुजरात, दिल्ली और तेलंगाना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों सुनीता अग्रवाल, देवेंद्र कुमार उपाध्याय और अपरेश कुमार सिंह को सुप्रीम कोर्ट का जज बनाने की सिफारिश की है।

सुप्रीम कोर्ट को मिलेंगे 3 नए जज, कॉलेजियम ने इन 3 नामों की सिफारिश की
सुप्रीम कोर्ट को मिलेंगे 3 नए जज, कॉलेजियम ने लगाई मुहर।

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  HighLights:

  • सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने तीन हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को सुप्रीम कोर्ट भेजने की सिफारिश की
  • गुजरात हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस सुनीता अग्रवाल का नाम प्रस्तावित किया गया है
  • दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय भी सूची में शामिल है
  • तेलंगाना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस अपरेश कुमार सिंह के नाम की भी सिफारिश 

 नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk): सुप्रीम कोर्ट में जल्द ही तीन नए जजों की नियुक्ति का रास्ता खुल सकता है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने तीन हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को शीर्ष अदालत का न्यायाधीश बनाए जाने की सिफारिश की है। कॉलेजियम की सिफारिश के बाद अब नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

कॉलेजियम ने गुजरात हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सुनीता अग्रवाल, दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और तेलंगाना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अपरेश कुमार सिंह के नाम सुप्रीम कोर्ट के जज के तौर पर नियुक्ति के लिए प्रस्तावित किए हैं।

तीन हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के नाम

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की ओर से जारी प्रस्ताव के मुताबिक, गुजरात हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सुनीता अग्रवाल को सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत करने की सिफारिश की गई है। इसी तरह दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और तेलंगाना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अपरेश कुमार सिंह के नाम भी शीर्ष अदालत के लिए भेजे गए हैं। इन सिफारिशों के बाद तीनों न्यायाधीशों के सुप्रीम कोर्ट में आने की संभावना है। हालांकि, कॉलेजियम की सिफारिश के बाद नियुक्ति की निर्धारित प्रक्रिया पूरी होना बाकी रहता है।

कॉलेजियम में कौन-कौन शामिल हैं?

इन नामों पर विचार करने वाले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की अध्यक्षता प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत कर रहे हैं। कॉलेजियम में उनके अलावा जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस बीवी नागरत्ना, जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीएस नरसिम्हा शामिल हैं।कॉलेजियम सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्ति तथा पदोन्नति से संबंधित सिफारिशें करता है। तीनों मुख्य न्यायाधीशों के नाम की सिफारिश भी इसी प्रक्रिया के तहत की गई है।

अब आगे क्या होगा?

कॉलेजियम की सिफारिश के बाद इन नामों पर केंद्र सरकार की ओर से निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई होगी। इसके बाद नियुक्ति से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी होने पर नए न्यायाधीश सुप्रीम कोर्ट में पदभार ग्रहण कर सकेंगे। तीनों नामों की सिफारिश ऐसे समय हुई है जब सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या और लंबित मामलों को लेकर शीर्ष अदालत की कार्यक्षमता लगातार महत्वपूर्ण विषय बनी हुई है। नए न्यायाधीशों की नियुक्ति से सुप्रीम कोर्ट की पीठों के गठन और मामलों की सुनवाई में बदलाव हो सकता है।

कौन हैं तीनों न्यायाधीश?

जस्टिस सुनीता अग्रवाल: वह वर्तमान में गुजरात हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश हैं। कॉलेजियम ने उन्हें सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त करने की सिफारिश की है। जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय: वह दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश हैं। कॉलेजियम ने उनके नाम को भी शीर्ष अदालत के न्यायाधीश के लिए प्रस्तावित किया है।जस्टिस अपरेश कुमार सिंह: वह तेलंगाना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश हैं। कॉलेजियम की सिफारिश में उनका नाम भी शामिल है। इन तीनों नामों पर अंतिम नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सुप्रीम कोर्ट को तीन नए न्यायाधीश मिलेंगे।

अपरेश कुमार सिंह का देवघर से गहरा नाता, परिवार भी वकालत में सक्रिय 

जस्टिस अपरेश कुमार सिंह मूल रूप से झारखंड के देवघर जिले के करौं प्रखंड स्थित चांदचौरा गांव के रहने वाले हैं। उनका परिवार कानूनी पेशे से गहराई से जुड़ा है।  उनके दो छोटे भाई भी वकालत के पेशे में हैं- तपेश कुमार सिंह सुप्रीम कोर्ट में और रूपेश कुमार सिंह झारखंड हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं।   जस्टिस सिंह ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीए (ऑनर्स) और एलएलबी की पढ़ाई की है। 1990 में एक वकील के तौर पर एनरोल होने के बाद उन्होंने वर्ष 2000 तक पटना हाईकोर्ट में प्रैक्टिस की।   
राज्य गठन के बाद 2001 से उन्होंने झारखंड हाईकोर्ट में वकालत शुरू की। उनकी उत्कृष्ट कानूनी समझ को देखते हुए 24 जनवरी 2012 को उन्हें झारखंड हाईकोर्ट का एडिशनल जज नियुक्त किया गया। इसके बाद अप्रैल 2023 में उन्हें त्रिपुरा हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाया गया और हाल ही में जुलाई 2025 में उनका तबादला चीफ जस्टिस के रूप में तेलंगाना हाईकोर्ट किया गया था।