झारखंड:रांची में टीपीसी उग्रवादी प्रेम सागर को गोलियों से भूना,100 करोड़ की लेवी से जुड़ा है मामला

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रांची।

राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान होटल पार्क प्राइम के समीप सोमवार की सरेशाम टीएसपीसी उग्रवादी प्रेम सागर मुंडा को गोलियों से भून दिया गया। आधा दर्जन क्रिमिनलों ने शाम सात बजे चतरा जिला के टंडवा निवासी प्रेम सागर को घेरकर गोली मारकर भाग निकले। बताया जाता है कि प्रेम कोयला कारोबार और उग्रवादी संगठन के बीच लेवी के पैसा के लिए लाइजनिंग का काम भी करता था। घटना की जानकारी मिलते ही एसएसपी अनीश गुप्ता, कई डीएसपी व पुलिस स्टेशन इंचार्ज मौके पर पहुंचकर छानबीन की। एसएसपी ने मामले की जांच के लिए दो एसपी व पांच डीएसपी की टीम को लगाया है। प्रारंभिक जांच में लेवी के पैसे के विवाद के अलावा एदलहातू की एक बेशकीमती जमीन का विवाद मर्डर का कारण बताया जा रहा है। लोकल लोगों का कहना है कि शाम के लगभग सात बजे प्रेम सागर मुंडा अपनी फॉर्च्यनर (जेएच01बीटी-0009) से मोरहाबादी स्थित पार्क प्राइम होटल के पास रुका हुआ था।बाइक सवार दो क्रिमिनलों ने प्रेम सागर मुंडा से कुछ बात की और उस पर नाइन एमएम की पिस्टल से छह गोलियां फायर कर दी। एक गोली सिर में व शेष उसकी बॉडी के अन्य हिस्सों में लगी। गोली मारने के बाद क्रिमिनल एदलहातू के रास्ते भाग निकले। लोकलय लोगों की मदद से आनन-फानन में प्रेम सागर मुंडा को रिम्स ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। चार दिन पहले जेल से निकला था पुलिस का कहना है कि प्रेम सागर मुंडा टीएसपीसी के लिए लेवी वसूलने का भी काम करता था। वह इसी मामले में जेल गया था। चार दिन पहले ही बेल पर वह बाहर आया था। प्रेम सागर मुंडा का भाई बबलू मुंडा टीएसपीसी उग्रवादी संगठन का सौ करोड़ रुपया लेकर फरार हो गया है। टीएसपीसी रुपयों को लेकर प्रेम सागर मुंडा पर दबाव बना रहा था। प्रेम सागर का भाई बबलू टंडवा प्रखंड का उप प्रमुख है। सीसीएल का कर्मी था प्रेम सागर मुंडा प्रेम मूल रूप से पिपरवार के बिलारी गांव का रहने वाला था। प्रेम सागर को वर्ष 1995 में जमीन देने के बदले सीसीएल में नौकरी हुई थी। वर्तमान में वह बचरा प्रोजेक्ट के राय कोलियरी माइंस में पंप ऑपरेटर के पद पर तैनात था। प्रेम सागर के चार बच्चे हैं। उनकी पत्नी का नाम सरीता देवी है। प्रेम सागर का वर्तमान में एक घर बसंत बिहार कॉलोनी बचरा में भी है। वह मोरहाबादी स्थित किंग सफायर अपार्टमेंट में पूरे परिवार के साथ रहता था। वह एससी-एसटी इम्पलाइज यूनियन का अध्यक्ष होने के साथ विस्थापितों का नेता भी था। राज्य के एक एक्स सीएम का भी करीबी था प्रेमसागर मुंडा। एनआइए जांच रही है संपत्ति एनआइए प्रेम सागर मुंडा की संपत्ति जांच कर रही है। टेरर फंडिंग के मामले में प्रेमसागर समेत 77 के खिलाफ चतरा के पिपरवार (कांड संख्या 36-19) में एपआइआर दर्ज की गई थी। एनआइए सभी आरोपितों की चल-अचल संपत्ति को खंगालने में जुटी है। प्रेम ने रांची स्थित मोरहाबादी, कांके सहित कई इलाके में संपत्ति खरीदी थी। टीएसपीसी से जुड़े प्रेम सागर मुंडा के खिलाफ एनआइए के साथ-साथ पुलिस भी जांच में जुटी थी। प्रेम के खिलाफ टंडवा थाना में (कांड संख्या 222-18) भी मामला दर्ज है।चतरा में पे्रम सागर मुंडा पर उग्रवादी संगठन के लिए लेवी वसूलने समेत कई मामले दर्ज हैं।