रोहतास में मजदूरी विवाद का खूनी अंत: बुजुर्ग की गोली मारकर हत्या, लोगों ने आरोपी के घर-गाड़ियों में लगाई आग

रोहतास के दिनारा में मजदूरी विवाद में 60 वर्षीय चंद्रेश्वर चौधरी की गोली मारकर हत्या कर शव नहर में फेंकने का मामला सामने आया। आरोपी अजीत तिवारी गिरफ्तार, ग्रामीणों ने घर-गाड़ियों में आग लगाई। तेजस्वी यादव ने पीड़ित परिवार से मिलकर सरकार पर निशाना साधा।

रोहतास में मजदूरी विवाद का खूनी अंत: बुजुर्ग की गोली मारकर हत्या, लोगों ने आरोपी के घर-गाड़ियों में लगाई आग
आरोपी गिरफ्तार, जोगिया गांव में तनाव।

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  • रोहतास के दिनारा के जोगिया गांव में मजदूरी विवाद को लेकर 60 वर्षीय चंद्रेश्वर चौधरी की गोली मारकर हत्या
  • आरोपी अजीत तिवारी पर गोली मारने के बाद शव को नहर में फेंकने का आरोप
  • यूपी के गाजीपुर से अजीत तिवारी और उसके बेटे ऋतिक तिवारी को गिरफ्तार किया गया
  • घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोपी के घर, कार, ट्रैक्टर और हार्वेस्टर में आग लगा दी

सासाराम (Threesocieties.com Desk):  बिहार के रोहतास जिले के दिनारा थाना क्षेत्र के जोगिया गांव में मजदूरी विवाद ने बेहद खौफनाक रूप ले लिया। बकाया मजदूरी को लेकर हुए विवाद में 60 वर्षीय चंद्रेश्वर चौधरी की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि अजीत तिवारी ने अपने घर पर चंद्रेश्वर को गोली मारी और इसके बाद शव को अपनी गाड़ी से ले जाकर नहर में फेंक दिया।

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घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी के घर में तोड़फोड़ करने के साथ वहां खड़ी कार, ट्रैक्टर और हार्वेस्टर में आग लगा दी। स्थिति बिगड़ने के बाद कई थानों की पुलिस को मौके पर तैनात किया गया। पुलिस और ग्रामीणों के बीच पथराव की भी सूचना सामने आई, जिसमें कुछ लोगों और पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात कही गई।

मजदूरी विवाद में शुरू हुआ विवाद

बताया जाता है कि चंद्रेश्वर चौधरी के परिवार के सदस्य पहले अजीत तिवारी के यहां मजदूरी करते थे। बाद में मजदूरी का काम दूसरे स्थान पर करने और बकाया मजदूरी मांगने को लेकर विवाद बढ़ गया। ग्रामीणों के मुताबिक चंद्रेश्वर चौधरी अपने पड़ोसी केदार चौधरी के साथ बाइक से जोगिया गांव पहुंचे थे।

आरोप है कि अजीत तिवारी ने उन्हें अपने दरवाजे पर बुलाया। इसके बाद वह घर के अंदर गया और बंदूक लेकर बाहर आया तथा चंद्रेश्वर पर गोली चला दी। गोली लगने के बाद चंद्रेश्वर गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोप है कि अजीत तिवारी उन्हें अपनी गाड़ी में लेकर वहां से फरार हो गया। शुरुआती दौर में घायल बुजुर्ग के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही थी।

आरोपी के घर और वाहनों में लगाई आग

घटना की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों का आक्रोश देखते ही देखते हिंसक हो गया। लोगों ने आरोपी अजीत तिवारी के घर में आग लगा दी। इसके अलावा घर के परिसर में खड़ी कार, ट्रैक्टर और हार्वेस्टर को भी आग के हवाले कर दिया गया। आग बुझाने के लिए दमकल की टीम को बुलाया गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई। मौके पर रोहतास के एसपी रौशन कुमार के अलावा बिक्रमगंज एसडीएम दिलीप कुमार, एसडीपीओ सिंधु शेखर सिंह समेत कई थानों की पुलिस पहुंची।

आरोपी के घर से दो बंदूक और गोलियां बरामद

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान अजीत तिवारी के घर से दो बंदूक और गोलियां बरामद कीं। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई। घटना के बाद गांव और आसपास के इलाके में तनाव को देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से सख्ती बरती गई।

यूपी के गाजीपुर से आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने घटना के बाद आरोपी की तलाश शुरू कर दी। पुलिस के मुताबिक अजीत तिवारी को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर कोतवाली थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। मामले में उसके बेटे ऋतिक तिवारी की गिरफ्तारी की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और हत्या के पीछे के पूरे घटनाक्रम को खंगाला जा रहा है।

करीब 24 घंटे बाद नहर से मिला शव

पुलिस पूछताछ और आरोपियों की निशानदेही के आधार पर चंद्रेश्वर चौधरी की तलाश शुरू की गई। करीब 24 घंटे बाद उनका शव बक्सर जिले के सिकरौर थाना क्षेत्र में नहर से बरामद किया गया। बताया गया कि शव इनरपुर फॉल और पुरापुर के बीच नहर में एक पेड़ की जड़ में फंसा मिला। पुलिस के अनुसार आरोपी ने कथित तौर पर हत्या के बाद सबूत छिपाने की नीयत से शव को नहर में फेंक दिया था। पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर अपराध कबूल किया है। पुलिस अब हत्या में इस्तेमाल हथियार, वाहन और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।

पीड़ित परिवार ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

घटना के बाद मृतक के परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए। परिवार के रिश्तेदार दीपक चौधरी ने आरोप लगाया कि आरोपी के घर पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया, जबकि पीड़ित परिवार को पर्याप्त सुरक्षा नहीं दी गई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा आरोपियों के प्रति नरमी बरती जा रही है और परिवार पर दबाव बनाया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस की ओर से तत्काल कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

पीड़ित परिवार से मिले तेजस्वी यादव

मामले को लेकर अब राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल के नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने रोहतास पहुंचकर मृतक चंद्रेश्वर चौधरी के परिवार से मुलाकात की। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि एक गरीब परिवार अपने बेटे की बकाया मजदूरी मांगने गया था, लेकिन कथित तौर पर उसकी हत्या कर दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि अजीत तिवारी आदतन अपराधी है और गरीब मजदूर परिवार का शोषण किया जा रहा था। तेजस्वी यादव ने पीड़ित परिवार को न्याय का भरोसा दिलाने की बात कही और आर्थिक मदद भी दी। उन्होंने रोहतास के एसपी से भी मुलाकात कर मामले में कार्रवाई और पीड़ित परिवार की सुरक्षा की मांग की।

तेजस्वी ने सम्राट सरकार पर साधा निशाना

तेजस्वी यादव ने इस घटना को लेकर बिहार सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अपराध बढ़ रहा है और सरकार अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल है। उन्होंने कहा कि गरीबों और मजदूरों को न्याय नहीं मिल रहा है। तेजस्वी ने सरकार पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए।

हालांकि, सरकार और पुलिस की ओर से तेजस्वी यादव के इन राजनीतिक आरोपों पर अलग से प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।

गांव में अब भी तनाव, पुलिस की नजर

हत्या, शव बरामदगी और उसके बाद हुई आगजनी के कारण जोगिया और आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल बना हुआ है। प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया है। पुलिस अब हत्या की वजह, मजदूरी विवाद, हथियारों की बरामदगी, शव को नहर तक ले जाने और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

इस मामले ने एक बार फिर मजदूरों की बकाया मजदूरी, ग्रामीण इलाकों में दबंगई और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हत्या की पूरी वजह और घटना में अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।