- कांग्रेस के विजय शंकर दूबे का नाम भी चर्चा में
पटना। बिहार में महागठबंधन की सरकार में सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव की शपथ के बाद कैबिनेट का मिनिस्टर का नाम भी लगभग फाइनल हो गया है। अब नीतीश कुमार के आठवें कार्यकाल में विधानसभा का नया "चौधरी" कौन होगा।जेडीयू के विजय कुमार चौधरी या आरजेडी के अवध बिहारी चौधरी में कोई एख स्पीकर की कुर्सी संभालेंगे।
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जेडीयू अपने कोटे से चाहता है है स्पीकर
पॉलिटिकल सोर्सेज का कहना है कि सीएम नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू की पहली कोशिश है विधानसभा अध्यक्ष उनके कोटे का हो। अगर सहमित बनी तो एक बार फिर विजय चौधरी को विधानसभा अध्यक्ष पद का जिम्मा दिया जा सकता है। विजय चौधरी के पास 16वीं विधानसभा को बतौर अध्यक्ष चलाने का अनुभव भी है। यह भी कहा जा रहा है कि आरजेडी सबसे बड़ा दल होने के नाते इस पद के लिए अपना दावा कर रहा है। एनडीए गवर्नमेंट में आरजेडी की यह मंशा पूरी नहीं हो पाई थी।
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आरजेडी ने अवध बिहारी चौधरी को बनाया था कैंडिडेट
2020 के विधानसभा चुनाव के बाद जब विधानसभा गठन की प्रक्रिया प्रारंभ हुई तो आरजेडी ने अवध बिहारी चौधरी को स्पीकर कैंडिडेट बनाकर मैदान में उतार दिया। हालांकि चुनाव में श्री चौधरी को पराजय का सामना करना पड़ा था। आरजेडी अब विधानसभा में सबसे बड़ा दल है। महागठबंधन में भी वह सबसे बड़ा दल है। ऐसे में आरजेडी की कोशिश है कि अवध बिहारी चौधरी के को स्पीक का पद मिले।
कांग्रेस भी स्पीकर पद की चाह में
आरजेडी व कांग्रेस दो बड़े दलों के बीच कांग्रेस भी स्पीकर पद चाह रही है। वर्तमान में विधानसभा में कांग्रेस एमएलए की संख्या 19 है। कांग्रेस के तर्क हैं कि 2000 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 23 सीटों पर जीत दर्ज कराई बावजूद तत्कालीन राबड़ी देवी की सरकार में पार्टी के सदानंद सिंह विधानसभा के अध्यक्ष नियुक्त किये गये थे। वर्तमान में महागठबंधन की सरकार में कांग्रेस विजय शंकर दुबे के नाम को आगे कर रही है। दुबे कांग्रेस के पुराने नेता हैं और अब तक पांच बार सदन के सदस्य रह चुके हैं।