Highlights:

  • झरिया में महाराजा श्री अग्रसेन जयंती पखवाड़ा के तहत सजी सांस्कृतिक संध्या
  • कल्पना वर्मा एवं उनके समूह के धुनुची नृत्य ने मोहा मन
  • सिंदूर खेला और डांडिया की प्रस्तुतियां रहीं कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण

धनबाद (Threesocieties.com Desk): मारवाड़ी सम्मेलन, झरिया की ओर से महाराजा श्री अग्रसेन जयंती पखवाड़ा के अंतर्गत रविवार को श्री अग्रवाल धर्मशाला, झरिया में भव्य ‘डांडिया फिएस्टा’ का आयोजन किया गया। संगीत, नृत्य, पारंपरिक परिधान और उत्साह से सराबोर इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में समाज की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। धुनुची नृत्य, सिंदूर खेला और डांडिया की आकर्षक प्रस्तुतियों ने आयोजन में चार चांद लगा दिए। पूरे कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति, पारंपरिक रीति-रिवाजों और सामाजिक एकजुटता की खूबसूरत झलक देखने को मिली।

दीप प्रज्वलन और आराधना के साथ हुआ शुभारंभ

कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर माता लक्ष्मी एवं महाराजा श्री अग्रसेन की आराधना कर सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ हुआ। आयोजन में उपस्थित अतिथियों और समाज के गणमान्य लोगों ने कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक आयोजन समाज की परंपराओं को जीवंत रखने के साथ-साथ आपसी मेल-मिलाप और सामाजिक एकता को भी मजबूत बनाते हैं। महाराजा श्री अग्रसेन जयंती पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज की सांस्कृतिक विरासत को प्रोत्साहित करना और महिलाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए एक मंच उपलब्ध कराना भी रहा।

धुनुची नृत्य ने बांधा समां, सिंदूर खेला रहा खास आकर्षण

‘डांडिया फिएस्टा’ का विशेष आकर्षण कल्पना वर्मा एवं उनके समूह की ओर से प्रस्तुत धुनुची नृत्य रहा। पारंपरिक अंदाज में पेश की गई इस मनमोहक प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। नृत्य की लय, पारंपरिक भाव-भंगिमाओं और उत्सवी माहौल ने कार्यक्रम को खास बना दिया। वहीं, महिलाओं की ओर से आयोजित सिंदूर खेला कार्यक्रम ने पारंपरिक रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विरासत की सुंदर छटा प्रस्तुत की। इस दौरान महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पारंपरिक परंपराओं के प्रति अपनी आस्था एवं जुड़ाव प्रदर्शित किया। सिंदूर खेला और धुनुची नृत्य की प्रस्तुतियों ने आयोजन को सांस्कृतिक रूप से विशेष बना दिया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने प्रस्तुतियों का आनंद लिया और कलाकारों के प्रयासों की सराहना की।

डांडिया की धुन पर झूमीं महिलाएं, रंग-बिरंगे परिधानों ने बढ़ाई रौनक

कार्यक्रम के दौरान डांडिया की धुन पर महिलाओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधान, आकर्षक नृत्य प्रस्तुतियां और संगीत की मधुर धुनों ने श्री अग्रवाल धर्मशाला के माहौल को उत्सवमय बना दिया। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत रही। डांडिया के माध्यम से प्रतिभागियों ने न केवल अपनी नृत्य प्रतिभा का प्रदर्शन किया, बल्कि एक-दूसरे के साथ खुशियां साझा करने का अवसर भी प्राप्त किया। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं की मौजूदगी ने आयोजन की रौनक बढ़ा दी। संगीत और नृत्य के बीच आपसी संवाद, मेल-मिलाप और उत्साह का माहौल बना रहा। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति के रंगों के साथ आधुनिक सामाजिक सहभागिता का भी सुंदर संगम देखने को मिला।

महिलाओं को प्रतिभा दिखाने और एकजुटता का मिला मंच

मारवाड़ी सम्मेलन, झरिया की ओर से आयोजित ‘डांडिया फिएस्टा’ केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने महिलाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी का अवसर भी दिया। ऐसे आयोजन समाज की महिलाओं को एक साझा मंच पर लाने, आपसी संबंधों को मजबूत करने और पारंपरिक उत्सवों के प्रति नई पीढ़ी की रुचि बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए युवा पीढ़ी को अपनी परंपराओं, रीति-रिवाजों और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने का प्रयास भी किया जाता है। कार्यक्रम के दौरान उत्साह और उमंग के साथ महिलाओं की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में समाज के सभी वर्गों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

समाज के कई गणमान्य लोग रहे मौजूद

इस सांस्कृतिक आयोजन में मारवाड़ी सम्मेलन, झरिया के अध्यक्ष सुनील सांवड़िया, महाराजा श्री अग्रसेन जयंती पखवाड़ा के संयोजक डॉ. मनीष शर्मा, कार्यक्रम प्रभारी शीला चौखानी एवं जया अग्रवाल उपस्थित रहे। इसके अलावा महिला इंटर महाविद्यालय के अध्यक्ष धर्म प्रकाश खेतान, अग्रसेन भवन के अध्यक्ष रमेश अग्रवाल, सम्मेलन के सचिव प्रभाष अग्रवाल, संयुक्त सचिव मोहित अग्रवाल और सचिव विशाल पलसानिया भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

इस अवसर पर दिनेश शर्मा, सन्नी अग्रवाल, मयंक केजरीवाल, विवेक लिल्हा, मनोज खरकिया, महेश जलुका, अरविंद शर्मा, गोविंद अग्रवाल, किरण शर्मा, शैलजा सांवड़िया और रेनू खेतान सहित समाज के अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने आयोजन की सराहना करते हुए सांस्कृतिक गतिविधियों को सामाजिक सहभागिता और परंपराओं के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण बताया।