नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk): केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के हजारों जवानों और अधिकारियों को बड़ा झटका लगा है। केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के निर्देश पर CISF मुख्यालय ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मिलने वाले कठिनाई भत्ता (Hardship Allowance) को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश जारी कर दिया है। इस फैसले का असर झारखंड और पश्चिम बंगाल की 55 अहम इकाइयों में तैनात करीब 15 हजार कर्मियों पर पड़ेगा।
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नक्सल मुक्त लक्ष्य के तहत बड़ा फैसला
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देश को नक्सल मुक्त बनाने के लक्ष्य के तहत यह बड़ा कदम उठाया है। मंत्रालय का मानना है कि कई क्षेत्र अब नक्सल प्रभाव से बाहर हो चुके हैं, ऐसे में वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों को अतिरिक्त भत्ता देना अब जरूरी नहीं रह गया है।
यह व्यवस्था वर्ष 2017 से लागू थी, जिसे अब पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
सैलरी पर सीधा असर, हर महीने होगी भारी कटौती
इस फैसले से CISF जवानों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।
कांस्टेबल से इंस्पेक्टर स्तर तक: ₹10,000 प्रति माह का नुकसान
असिस्टेंट कमांडेंट से DIG स्तर तक: ₹17,000 प्रति माह का नुकसान
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस निर्णय से केंद्र सरकार को हर महीने लगभग ₹200 करोड़ की बचत होगी।
झारखंड की बड़ी इकाइयों पर सबसे ज्यादा असर
इस आदेश का सबसे ज्यादा असर झारखंड के औद्योगिक और कोयला क्षेत्रों में तैनात CISF कर्मियों पर पड़ेगा। प्रभावित प्रमुख इकाइयां हैं:
बोकारो का BSL (Bokaro Steel Plant)
धनबाद का BCCL (Bharat Coking Coal Limited)
करगली का CCL (Central Coalfields Limited)
बोकारो थर्मल का BTPS
चंद्रपुरा का DVC (Damodar Valley Corporation)
इन इकाइयों में कार्यरत हजारों CISF जवान अब भत्ते से वंचित हो जाएंगे।
55 यूनिट्स में से 43 पूर्वी सेक्टर में
CISF मुख्यालय द्वारा जारी सूची के अनुसार कुल 55 यूनिट्स प्रभावित होंगे. इनमें से 43 यूनिट्स पूर्वी सेक्टर (रांची ज़ोन) में हैं। इसके अलावा रांची, हजारीबाग, कोडरमा, गया, बरौनी, पटना और पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जैसे क्षेत्रों की इकाइयां भी इस फैसले की जद में हैं।
जवानों में नाराजगी, मनोबल पर असर की आशंका
भत्ता बंद होने के फैसले से CISF जवानों और अधिकारियों में नाराजगी देखी जा रही है। कई कर्मियों का मानना है कि अभी भी कई क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित नहीं हुए हैं, ऐसे में भत्ता बंद करना जल्दबाजी भरा कदम हो सकता है।