Highlights:
- ED ने अनिल अंबानी ग्रुप की 510 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क कीं
- कार्रवाई में दो चार्टर्ड विमान डसॉल्ट फाल्कन 2000 और एम्ब्रेयर शामिल
- महाराष्ट्र में छह प्लॉट और एक ऑफिस कैंपस भी कुर्क
- अब तक कुर्क और जब्त संपत्तियों का कुल मूल्य 23,100 करोड़ रुपये
नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk): उद्योगपति अनिल अंबानी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बैंक धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप (RAAG) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 510 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की हैं। कुर्क की गई संपत्तियों में दो निजी चार्टर्ड विमान, महाराष्ट्र में छह प्लॉट और एक ऑफिस कैंपस भी शामिल हैं।
ED ने मंगलवार को इस कार्रवाई की जानकारी दी। एजेंसी के मुताबिक, धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क करने का आदेश जारी किया गया है। यह कार्रवाई अनिल अंबानी समूह से जुड़ी कंपनियों पर बैंकों और वित्तीय संस्थानों के साथ कथित धोखाधड़ी तथा मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों की जांच के सिलसिले में की गई है। इस ताजा कार्रवाई के बाद इन मामलों में अब तक कुर्क और जब्त की गई संपत्तियों का कुल मूल्य बढ़कर करीब 23,100 करोड़ रुपये हो गया है।
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दो चार्टर्ड विमान और छह प्लॉट भी ED के निशाने पर
ED की ताजा कार्रवाई में रिलायंस कम्युनिकेशन लिमिटेड (RCOM) से जुड़े मामले में दो चार्टर्ड विमानों को कुर्क किया गया है। इनमें डसॉल्ट फाल्कन 2000 और एम्ब्रेयर विमान शामिल हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र में छह प्लॉट और एक ऑफिस कैंपस को भी कार्रवाई के दायरे में लिया गया है। एजेंसी इन संपत्तियों को कथित बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में कुर्क करने की बात कह रही है। वहीं, रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) से जुड़े मामले में तमिलनाडु स्थित दो पवन चक्कियों, बैंक खातों में जमा राशि, सावधि जमा (FD) और निवेश को भी कुर्क किया गया है।
510 करोड़ की कार्रवाई में कौन-कौन से मामले शामिल?
ED की जांच में अनिल अंबानी समूह की अलग-अलग कंपनियों से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले शामिल हैं।
1. रिलायंस होम फाइनेंस और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस
रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड से जुड़े मामले में करीब 263.05 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी की जांच की जा रही है। एजेंसी का आरोप है कि वित्तीय संस्थानों से प्राप्त धन का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल किया गया और उसे निर्धारित उद्देश्यों से अलग दूसरी जगह भेजा गया।
2. रिलायंस कम्युनिकेशन लिमिटेड
रिलायंस कम्युनिकेशन लिमिटेड से जुड़े मामले में करीब 247.12 करोड़ रुपये की कथित बैंक धोखाधड़ी की जांच चल रही है। इसी मामले में दो चार्टर्ड विमानों, महाराष्ट्र के छह प्लॉट और ऑफिस कैंपस को कुर्क किया गया है।
बैंकों से मिले सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का आरोप
प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि अनिल अंबानी समूह से जुड़ी कंपनियों ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों से प्राप्त सार्वजनिक धन का कथित तौर पर दुरुपयोग किया। जांच एजेंसी के अनुसार, इस रकम को निर्धारित कारोबारी उद्देश्यों के बजाय दूसरी जगह भेजा गया। ED का यह भी दावा है कि जांच के दौरान कंपनियों की संपत्तियों को निजी इस्तेमाल के लिए सुरक्षित करने के उद्देश्य से दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (IBC) के कथित दुरुपयोग के संकेत मिले हैं।एजेंसी इस बात की भी जांच कर रही है कि कंपनियों के वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों के हस्तांतरण के जरिए कथित तौर पर किस तरह धन का इस्तेमाल किया गया।
विदेशों में टैक्स बचाने वाले ठिकानों तक पहुंचाया गया पैसा!
ED ने आरोप लगाया है कि भारत से धन को विदेशों में स्थित टैक्स बचाने वाले ठिकानों तक पहुंचाया गया। एजेंसी का दावा है कि इस रकम का एक बड़ा हिस्सा समूह के प्रवर्तकों और उनके परिवार के सदस्यों के निजी फायदे के लिए इस्तेमाल किया गया। जांच एजेंसी इन कथित लेनदेन, विदेशी वित्तीय ठिकानों और संबंधित कंपनियों के बीच धन के प्रवाह की पड़ताल कर रही है। हालांकि, ये सभी आरोप जांच एजेंसी की ओर से लगाए गए हैं। मामले में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया और जांच के बाद ही सामने आएगा।
अब तक 10 गिरफ्तारियां, छह आरोपपत्र दाखिल
ED के मुताबिक, इन मामलों में अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा जांच एजेंसी की ओर से छह आरोपपत्र भी दाखिल किए गए हैं। मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों के साथ-साथ प्रवर्तन निदेशालय ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत भी अलग से जांच शुरू की है।
23,100 करोड़ तक पहुंची कुर्क संपत्तियों की कीमत
अनिल अंबानी समूह से जुड़ी कंपनियों के खिलाफ ED की कार्रवाई लगातार तेज हुई है। ताजा 510 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क किए जाने के बाद अब तक कुर्क और जब्त संपत्तियों का कुल मूल्य करीब 23,100 करोड़ रुपये हो गया है। दो चार्टर्ड विमानों, छह प्लॉट, ऑफिस कैंपस, पवन चक्कियों और वित्तीय निवेशों पर हुई कार्रवाई से समूह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। फिलहाल ED की जांच जारी है और एजेंसी विभिन्न कंपनियों के वित्तीय लेनदेन तथा कथित मनी लॉन्ड्रिंग की कड़ियों को खंगाल रही है।