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  • राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त साइंटिस्ट हैं रथ
  • जियोलाजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के रहे हैं डीजी 
  • वर्तमान में एमइसीएल के हैं सीएमडी
  • उत्तराखंड आपदा में निभाये थे प्रमुख के रूप में भूमिका 

धनबाद। मिनरल एक्सप्लोरेशन कॉर्पोरशन ऑफ इंडिया के सीएमडी डॉ रणजीत रथ का सलेक्शन सीसीएल के चेयरमैन के रूप में हुआ है। बीसीसीएल के इतिहास में पहली बार एक वैज्ञानिक और इंटरनेशनल चेहरे को सेंट्रल गवर्नमेंट ने सीएमडी का कमान सौंपा है। 

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पब्लिक इंट्रोराइज़ेज सिलेक्शन बोर्ड ने सोमवार को डॉ रथ नाम पर मुहर लगा दी। बीसीसीएल सीएमडी पोस्ट के लिए इंटरव्यू में कई चेहरे भाग लिए थे।इनमें बीसीसीएल के वित्त निदेशक  समीरन दत्ता, महानदी कोलफील्ड के डीटी ओमप्रकाश सिंह व जीएम अनिल कुमार सिंह, सीएमपीडीआईएल के डीटी क्रमश: रवीन्द्रनाथ झा व सतेंद्र गोमस्ता, एनसीएल के डीटी अनिंद सिन्हा, फर्टिलाइजर कॉर्पोरशन के केवी बालासुब्रमण्यम, एसई सेंट्रल रेलवे के सीपीओ राजेन्द्र अग्रवाल व सासन पावर के निदेशक उमेश कुमार महतो प्रमुख थे।

नये सीएमडी डॉ रथ एक फेमस जियोलॉजिकल साइंटिस्ट हैं। पूरी दुनिया में उनकी ख्याति है। वे जीएसआई के डीजी भी रह चुके हैं।
उत्तराखंड आपदा के समय उनके नेतृत्व में ही गयी थी देश की टीम 
वे खनिज विदेश की संस्था काबिल (KABIL) का भी प्रमुख रह चुके हैं। वे आईआईटी मुम्बई, खड़गपुर, उत्कल यूनिवर्सिटी समेत कई शैक्षणिक व वैज्ञानिक संस्थाओं के अल्यूमिनी हैं।माइंस व मिनरल पर डॉ रथ की कई बुक हैं फेमस हैं। इनमें सबसे प्रमुख अंडरग्राउंड स्टॉक है।देश में जब एफडीआई लागू हुआ और कोयले पर नई पॉलिसी बनी तब डॉ रथ ने नई नीति पर एक्सपर्ट व्यू दिए थे।अभी वह एमइसीएल के सीएमडी हैं।
बीसीसीएल के पास कोकिंग कोल है। एक तरह से सोना है। पिछले कुछ वर्षों से यह कम्पनी प्रोडक्शन के मामले में फिसड्डी हो गई है।कई महत्वपूर्ण कोल ब्लॉकों पर काम होना है। मिथेन गैस का एक्सप्लोरेशन भी शुरू होने की बात है। ऐसे समय संकट ग्रस्त कम्पनी के कप्तान के रूप में एक नेशनल फिगर को कमान कमान सौंपना ठौस निर्णय है। 

 उल्लेखनीय है कि बीसीसीएल सीएमडी का पद पांच महीने से प्रभार में चल रहा था। गोपाल सिंह के 31 जनवरी 2021 को रिटायर होने के बाद सीसीएल सीएमडी पीएम प्रसाद ही बीससीएल सीएमडी के एडिशनल चार्ज में हैं।