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धनबाद। कोयला राजधानी धनबाद के केंदुआ के अंदर बाजार में सोमवार की रात भीषण आग लग गई। आग व दमघोंटू धुएं से एक ही फैमिली के तीन लोगों की मौत हो गयी। छह लोग घायल हो गये। घटना में पीड़ित समेत कुल सात दुकानें जल गईं।

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मृतकों में दुकान मालिक सुभाष गुप्ता की मां उर्मिला देवी (65), बहन प्रियंका गुप्ता (35) और पुत्री सौम्या गुप्ता उर्फ मौली (चार वर्ष) शामिल हैं। सुभाष गुप्ता की पत्नी सुमन गुप्ता और 20 माह के पुत्र शिवांश का इलाज धनबाद सदर अस्पताल में चल रहा है। आग बुझाने के दौरान लगभग 20 लोग घायल हुए हैं। इनलोगों को भी इलाज के लिए अलग-अलग हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है। संकरा रास्ता होने के कारण फायर बिग्रड की दमकल घटनास्थल पर नहीं पहुंच सका। इसके बाद फायर ब्रिगेड की छोटी दमकल भेजकर बचाव कार्य चलाया गया।
आग केंदुआ के अंदर बाजार में नीचे जनरल स्टोर में लगी आग भड़क देखते-देखते ऊपर तल पर रहनेवाले जनरल स्टोर के मालिक के परिवार के लोग आग और धुएं की चपेट में आ गये। आग तेजी से पूरे घर के अंदर और पास के ठाकुर बीड़ी प्रतिष्ठान में फैल गई। घटना में दुकान मालिक सुभाष गुप्ता  की मां उमा देवी (70 साल), बहन प्रियंका गुप्गुता (32 साल) और पुत्री सौम्या गुप्ता उर्फ मौली (छह साल) की मौत हो गई। फैमिली के अन्य सदस्यों का धनबाद के अलग-अलग हॉ्सपिटल में इलाज चल रहा है। घटना के बाद अफरा-तफरी मच गई। तत्काल आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। बड़ी मशक्कत से तीन घंटे के बाद आग पर काबू पाया गया।
लोकल युवकों ने बांस की सीढ़ी से फस्ट फ्लोर स्थित मकान मालिक रे घर की खिड़की तोड़ी। बांस की सीढ़ी से ही घर में फंसे लोगों को बाहर निकाल कर हॉस्पिटल पहुंचाया। आग  लगने के दो घंटे बाद धनबाद से फायर बिग्रड के दो छोटे और दो बड़े दमकल पहुंचे। इससे पहले, युवाओं की बहादुरी के कारण घर में फंसे चार लोगों को निकाला गया। इस दौरान वीरेंद्र चौरसिया और तुषार वर्णवाल जख्मी हो गये।
केंदुआ बाजार के अंदर तंग गली में सुभाष गुप्ता की दुकान है। वे रात नौ बजे दुकान एसके जनरल स्टोर बंद कर चल गये। इस बीच सवा नौ बजे दुकान से किसी ने धुआं निकलता देखा और इसकी सूचना परिजनों को दी। सूचना पाते ही परिजन छत से नीचे उतरे और शटर खोलकर उठाया, तो आग की तेज लपटें बाहर की ओर निकलीं। लपटों की चपेट में बाहर की अन्य दुकानें भी आ गईं। चंद सेकेंड में घर की सीढ़ी पर आग और दमघोंटू धुआं फैल गया। सीढ़ी पर चारों ओर अंधेरा छा गया। कोई भी ऊपर से नीचे नहीं आ पा रहा था। इस दौरान कोहराम मच गया।