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Highlights:

  • चिरकुंडा की तीन अवैध लड्डू निर्माण इकाइयों पर खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी
  • प्रतिबंधित मेटानिल येलो रंग से तैयार करीब 1200 किलो बूंदी के लड्डू नष्ट 
  • झरिया में 210 किलो प्रतिबंधित रंगीन चीनी मिठाई और 150 किलो सेवई जब्त
  • मद्रास कैफे के किचन में अस्वच्छता मिलने पर 20,000 रुपये का जुर्माना

धनबाद (Threesocieties.com Desk): Dhanbad Food Safety Raid: दीपावली और छठ महापर्व से पहले धनबाद में खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने चिरकुंडा में तीन अवैध लड्डू निर्माण इकाइयों पर छापेमारी कर करीब 1200 किलोग्राम मिलावटी बूंदी के लड्डू जब्त किए। जांच में इन लड्डुओं को आकर्षक पीला रंग देने के लिए प्रतिबंधित मेटानिल येलो रंग का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई। जब्त किए गए सभी लड्डुओं को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया।

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वहीं, झरिया में भी खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मिठाई निर्माण इकाइयों, होटलों और रेस्टोरेंटों में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान एक मिठाई निर्माण इकाई से 210 किलो प्रतिबंधित रंगीन चीनी मिठाई और 150 किलो सेवई जब्त की गई। दूसरी ओर, झरिया के मद्रास कैफे के किचन में गंभीर गंदगी और अस्वच्छता मिलने पर संचालक पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।

चिरकुंडा की तीन अवैध इकाइयों में बन रहे थे मिलावटी लड्डू

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन के निर्देश पर दीपावली और आगामी छठ महापर्व को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिले में विशेष जांच एवं छापेमारी अभियान चलाया। इस अभियान के तहत चिरकुंडा क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित तीन लड्डू निर्माण इकाइयों में छापेमारी की गई। निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने पाया कि लड्डुओं को आकर्षक पीला रंग देने के लिए प्रतिबंधित मेटानिल येलो रंग का इस्तेमाल किया जा रहा था। मेटानिल येलो एक गैर-अनुमोदित कृत्रिम रंग है, जिसका खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल प्रतिबंधित है। ऐसे रंगों का सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।टीम ने मौके से करीब 1200 किलोग्राम बूंदी के लड्डू जब्त किए। आम लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए जब्त सभी लड्डुओं को तत्काल मौके पर ही नष्ट करा दिया गया।

अवैध इकाइयों के संचालकों पर होगी कानूनी कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने संबंधित खाद्य पदार्थों के नमूने भी संग्रहित किए हैं। इन इकाइयों में खाद्य पदार्थों के निर्माण और प्रतिबंधित रंगों के इस्तेमाल को लेकर तीनों इकाइयों के संचालकों के विरुद्ध संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध रूप से खाद्य पदार्थों का निर्माण करने वाले कारोबारियों में हड़कंप मच गया।

झरिया में 210 किलो रंगीन मिठाई और 150 किलो सेवई जब्त

चिरकुंडा के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने झरिया क्षेत्र में भी विभिन्न खाद्य निर्माण इकाइयों, होटलों और रेस्टोरेंटों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान एक मिठाई निर्माण इकाई में बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित रंगीन चीनी मिठाई मिली। टीम ने मौके से 210 किलोग्राम ऐसी मिठाई जब्त की। इसके अलावा 150 किलोग्राम सेवई भी जब्त की गई। निरीक्षण के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठानों से मिठाई और पनीर के नमूने भी संग्रहित किए गए। इन नमूनों को रासायनिक परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मद्रास कैफे के किचन में मिली गंदगी, 20 हजार का जुर्माना

झरिया में निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम मद्रास कैफे भी पहुंची। यहां किचन की स्थिति का निरीक्षण करने पर गंभीर अस्वच्छता पाई गई।खाद्य पदार्थों के निर्माण और रखरखाव में स्वच्छता संबंधी मानकों का पालन नहीं किए जाने पर विभाग ने कैफे के संचालक पर 20,000 रुपये का अर्थदंड लगाया।खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई के जरिए होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को साफ-सफाई तथा खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने का संदेश दिया गया है।

डॉ. राजा कुमार के नेतृत्व में चली छापेमारी

पूरी कार्रवाई खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी डॉ. राजा कुमार के नेतृत्व में संपन्न हुई। टीम में प्रशिक्षु खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी नैना नायक, चंदन कुमार साव और चंद्रदेव गंझू शामिल थे। इसके अलावा खाद्य सुरक्षा कार्यालय के कर्मी राहुल कुमार, राहुल कुमार पासवान, शुभम कुमार और अमित सिंह ने भी अभियान में भाग लिया।

त्योहारों में मिलावट रोकने के लिए जारी रहेगा अभियान

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दीपावली और छठ महापर्व के दौरान लोगों को स्वच्छ, सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए जांच अभियान लगातार जारी रहेगा। प्रशासन की ओर से मिठाई दुकानदारों, होटल संचालकों, रेस्टोरेंट संचालकों और खाद्य पदार्थों का निर्माण करने वाली इकाइयों को खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने की हिदायत दी गई है। साथ ही आम लोगों से भी अपील की गई है कि कहीं भी मिलावटी खाद्य सामग्री, अखाद्य रंगों के इस्तेमाल अथवा अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य पदार्थों के निर्माण और बिक्री की जानकारी मिले तो तत्काल संबंधित विभाग को सूचित करें।जिला प्रशासन ने साफ किया है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट और लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जांच के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।