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  • पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने पर जब्त किये वाहन
  • वाहन मालिक महेश यादव पर होगी कानूनी कार्रवाई

धनबाद। Yadav Number Plate Viral Case: सड़क पर दौड़ती एक काली स्कार्पियो बीते कई दिनों से इंटरनेट मीडिया पर चर्चा का केंद्र बनी हुई थी। वजह कोई एक्सीडेंट या स्टंट नहीं, बल्कि गाड़ी का ऐसा नंबर प्लेट जो कानून से ज्यादा सोशल मीडिया की सनसनी बन गया था।

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झारखंड में पंजीकृत वाहनों के नंबर प्लेट पर अनिवार्य रूप से राज्य कोड “JH” लिखा होना चाहिए, लेकिन वायरल स्कार्पियो के नंबर प्लेट पर बड़े-बड़े अक्षरों में ‘यादव’ लिखा गया था। हालांकि वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर मौजूद था, लेकिन इस तरह का मनमाना बदलाव मोटर वाहन अधिनियम का सीधा उल्लंघन है।

जैसे ही स्कार्पियो की तस्वीरें और वीडियो फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर वायरल हुए, धनबाद ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग अलर्ट मोड में आ गया। ट्रैफिक डीएसपी के निर्देश पर वाहन की पहचान और तलाश शुरू की गई।लगातार सोशल मीडिया में चर्चा के बाद 15 जनवरी को संयोगवश वही वायरल स्कार्पियो पुलिस की नजर में आ गई। जांच में पता चला कि वाहन महावीर नगर निवासी महेश यादव के नाम पर पंजीकृत है।

सूत्रों के अनुसार, महेश यादव के बारे में यह भी चर्चा है कि वह हजारीबाग में पदस्थापित एक पुलिसकर्मी है। हालांकि पुलिस ने इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। फिलहाल वाहन और मालिक से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है और नंबर प्लेट की वैधता का सत्यापन जारी है।ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नंबर प्लेट में जाति, उपनाम या किसी भी तरह का प्रतीक लगाना पूरी तरह गैरकानूनी है। इससे न सिर्फ कानून का उल्लंघन होता है, बल्कि समाज में गलत संदेश भी जाता है।

फिलहाल धनबाद पुलिस ने स्कार्पियो को जब्त कर लिया है और मोटर वाहन अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। सोशल मीडिया पर वायरल होकर चर्चा में आई यह स्कार्पियो अब सड़क से हटकर कानून की कसौटी पर खड़ी है—जहां नियम सबके लिए एक समान हैं, चाहे नंबर प्लेट पर कुछ भी लिखा हो।