धनबाद। लगभग आठ वर्ष नौ माह बाद झरिया की राजनीति में पूर्व विधायक संजीव सिंह की एंट्री ने सियासी हलकों में हलचल तेज कर दी है। कांग्रेस नेता नीरज सिंह हत्याकांड में अदालत से बरी होने के बाद संजीव सिंह सोमवार को अपनी पत्नी और झरिया की भाजपा विधायक रागिनी सिंह के साथ झरिया पहुंचे। उनके झरिया पहुंचते ही समर्थकों और कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने लायक रहा। ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और नारों के बीच उनका जगह-जगह जोरदार स्वागत किया गया।
यह भी पढ़ें:बी साईराम ने संभाला CIL चेयरमैन का पद, गुणवत्ता सुधार और मुनाफा बढ़ाना सबसे बड़ी चुनौती
और भी पढ़ें
- धनबाद में Hotel Hiway Inn का भव्य उद्घाटन, संस्कृति सिंह ने निभाई पारंपरिक रस्म
- QS एशिया रैंकिंग 2027 में IIT ISM धनबाद का जलवा, 51 पायदान चढ़कर 373वें नंबर पर
- धनबाद नगर निगम का बड़ा फैसला: शिड्यूल रेट से 10% कम टेंडर पर नहीं मिलेगा काम
- बारामुड़ी खटाल पर पप्पू यादव का हुंकार, बोले- मेरी लाश से गुजरकर हटाना होगा
सिंह मेंशन पहुंचे, पूर्वजों को दी श्रद्धांजलि
झरिया पहुंचने के बाद संजीव सिंह सबसे पहले कतरास मोड़ स्थित सिंह मेंशन कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने अपने पिता स्वर्गीय सूर्यदेव सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद बास्ताकोला में डॉ. भीमराव अंबेडकर और लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर भी पुष्प अर्पित कर नमन किया।इस दौरान बड़ी संख्या में समर्थक और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने सिंह मेंशन परिवार के प्रति अपनी आस्था और समर्थन का प्रदर्शन किया।

बरी होने के बाद पहली बार झरिया आगमन
उल्लेखनीय है कि नीरज सिंह हत्याकांड में आठ साल से अधिक समय तक जेल में रहने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 8 अगस्त 2025 को संजीव सिंह को जमानत दी थी। इसके बाद 27 अगस्त 2025 को धनबाद की विशेष MP-MLA अदालत ने सबूतों के अभाव में उन्हें बरी कर दिया। अदालत से बरी होने के करीब साढ़े तीन महीने बाद यह उनका पहला झरिया दौरा है।

कार्यकर्ताओं के भरोसे का किया धन्यवाद
मीडिया से बातचीत में संजीव सिंह ने कहा कि “करीब साढ़े आठ–नौ वर्षों बाद झरिया आने का अवसर मिला है। झरिया की धरती से मेरे पिता स्व. सूर्यदेव सिंह का गहरा लगाव रहा है। जेल में रहने के दौरान भी जिस तरह कार्यकर्ता और समर्थक सिंह मेंशन परिवार के साथ मजबूती से जुड़े रहे, उसके लिए मैं जीवन भर उनका ऋणी रहूंगा।”
प्रेस क्लब में श्रद्धांजलि सभा में हुए शामिल
इसके बाद संजीव सिंह और विधायक रागिनी सिंह झरिया प्रेस क्लब पहुंचे, जहां भाजपा के जुझारू कार्यकर्ता स्वर्गीय शैलेंद्र चंद्रवंशी की प्रथम श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए। दोनों नेताओं ने नम आंखों से उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
CM हेमंत सोरेन से शिष्टाचार मुलाकात
गौरतलब है कि झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र 5 से 11 दिसंबर 2025 तक चला। सत्र के अंतिम दिन 11 दिसंबर को संजीव सिंह ने अपनी पत्नी रागिनी सिंह के साथ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से शिष्टाचार मुलाकात की थी। इसके बाद उनके झरिया आगमन को राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है।
राजनीति में फिर सक्रिय होने के संकेत
झरिया विधायक रागिनी सिंह ने कहा कि संजीव सिंह के आगमन से कार्यकर्ताओं में नया उत्साह देखने को मिल रहा है। उन्होंने संकेत दिए कि आने वाले समय में संजीव सिंह धीरे-धीरे जनता की सेवा में पूरी तरह सक्रिय भूमिका निभाएंगे।