- मस्तीचक में विश्वस्तरीय आई नेटवर्क की शुरुआत
- सारण में गौतम अदाणी का बड़ा दांव, गांव-गांव पहुंचेगी आंखों की आधुनिक चिकित्सा
- मस्तीचक बना देश का नया आई केयर हब
- ग्रामीणों को मिलेगा विश्वस्तरीय नेत्र इलाज,‘सेवा ही साधना’
पटना (Threesocieties.com Desk): अदाणी समूह के चेयरमैन Gautam Adani ने रविवार को बिहार के सारण जिले के मस्तीचक पहुंचकर राज्य को बड़ी स्वास्थ्य सौगात दी। उन्होंने अपनी पत्नी डॉ. प्रीति अदाणी के साथ अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल परिसर में 150 करोड़ रुपये की स्वास्थ्य परियोजना और प्रशिक्षण केंद्र का भूमिपूजन किया। इस दौरान उन्होंने आने वाले वर्षों में 700 करोड़ रुपये से अधिक सहयोग देने का संकल्प भी जताया।
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आज बिहार की पवित्र धरती मस्तीचक आकर मन गर्व, भावनाओं और आत्मीयता से भर गया।
— Gautam Adani (@gautam_adani) May 17, 2026
गायत्री शक्तिपीठ पहुँचकर एक अलग ऊर्जा और आध्यात्मिक प्रेरणा का अनुभव हुआ।
किसी व्यक्ति की आँखों की रोशनी लौटाना केवल इलाज नहीं होता…
यह उसके जीवन में फिर से उम्मीद, आत्मविश्वास और सम्मान लौटाने का… pic.twitter.com/Jl5GzFNsAK
यह परियोजना अदाणी फाउंडेशन और अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल की संयुक्त पहल है, जिसके तहत ग्रामीण और पिछड़े इलाकों तक विश्वस्तरीय नेत्र चिकित्सा पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, चिकित्सक, सामाजिक कार्यकर्ता और अस्पताल प्रबंधन से जुड़े लोग मौजूद रहे।
दुनिया का सबसे बड़ा ग्रामीण आई केयर नेटवर्क बनाने की तैयारी
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार यह पहल केवल बिहार ही नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे बड़े ग्रामीण नेत्र स्वास्थ्य कार्यक्रमों में से एक साबित हो सकती है। परियोजना के तहत गांव-गांव तक मोबाइल मेडिकल वैन के जरिए आंखों की जांच और इलाज की सुविधा पहुंचाई जाएगी।इसके साथ ही अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे, जहां डॉक्टरों, नेत्र विशेषज्ञों और महिला स्वास्थ्यकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका उद्देश्य उत्तर और मध्य भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में सस्ती और आधुनिक नेत्र चिकित्सा उपलब्ध कराना है।
‘Adani Centre for Eye Diseases’ की होगी स्थापना
गौतम अदाणी ने कार्यक्रम में घोषणा की कि अदाणी फाउंडेशन और अखंड ज्योति अस्पताल मिलकर “ACE - Adani Centre for Eye Diseases” की स्थापना करेंगे। इसके अलावा “ATOM - Adani Training Centre for Ophthalmic Medicine” के जरिए नई पीढ़ी के नेत्र विशेषज्ञ तैयार किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह केवल एक अस्पताल परियोजना नहीं, बल्कि सेवा और मानवता की नई मुहिम है। अदाणी ने कहा कि आंखों की रोशनी लौटाना किसी व्यक्ति के जीवन में उम्मीद, आत्मविश्वास और सम्मान वापस लाने जैसा है।
गौतम अदाणी बोले- “सेवा ही साधना है”
गौतम अदाणी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने लिखा कि मस्तीचक और गायत्री शक्तिपीठ पहुंचकर उन्हें आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव हुआ। उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार और अखंड ज्योति फाउंडेशन जिस सेवा-भाव से समाज के लिए काम कर रहे हैं, उसने उन्हें गहराई से प्रभावित किया है। अदाणी ने कहा कि “सेवा ही साधना है” केवल नारा नहीं, बल्कि करुणा को कर्म में बदलने की प्रेरणा है।
बिहार में 60 हजार करोड़ निवेश का ऐलान
सारण दौरे के दौरान गौतम अदाणी ने बिहार में अगले 2 से 3 वर्षों में 50 से 60 हजार करोड़ रुपये निवेश करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य में पावर, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में कई बड़ी योजनाओं पर काम किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार की धरती देश को नई चेतना देने वाली भूमि रही है और आने वाले समय में उनकी कंपनी शिक्षा क्षेत्र में भी काम करेगी। इसके तहत स्कूल और कॉलेज स्तर की परियोजनाएं शुरू की जा सकती हैं।
बिहार में पहले से चल रहे अदाणी समूह के बड़े प्रोजेक्ट
अदाणी समूह बिहार में पहले से कई बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। भागलपुर जिले के पीरपैंती में लगभग 26,482 करोड़ रुपये की लागत से 2400 मेगावाट का अल्ट्रा सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा भागलपुर और सबौर को जोड़ने वाली सड़क परियोजना पर भी काम चल रहा है। वहीं मुजफ्फरपुर और किशनगंज में अंबुजा सीमेंट के तहत सीमेंट फैक्ट्री स्थापित करने की योजना भी आगे बढ़ रही है।
गांवों तक पहुंचेगी आधुनिक चिकित्सा
इस परियोजना का सबसे बड़ा फोकस ग्रामीण इलाकों में रहने वाले गरीब और जरूरतमंद लोगों तक आधुनिक चिकित्सा पहुंचाना है। मोबाइल यूनिट्स, अत्याधुनिक आई केयर सेंटर और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों के जरिए लाखों लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। अदाणी समूह का मानना है कि बिहार से शुरू हुई यह “सेवा की ज्योति” आने वाले वर्षों में देशभर के जरूरतमंद लोगों तक पहुंचेगी।