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रांची (Threesocieties.com Desk) : झारखंड सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा राज्य पुलिस महकमे में एक नया आदेश जारी किया गया है। राज्य में लगातार बढ़ते साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी की घटनाओं को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने दो प्रोबेशनल डीएसपी की पूर्व पदस्थापन व्यवस्था में बदलाव किया है।

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डीजीपी के निर्देश के बाद आईजी मानवाधिकार कार्यालय की ओर से जारी आदेश में पहले जारी अधिसूचना संख्या-2096 को आंशिक रूप से संशोधित करते हुए दोनों अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह बदलाव खास तौर पर रांची और जामताड़ा जिले में साइबर अपराध नियंत्रण को मजबूत करने की रणनीति के तहत किया गया है।

डीएसपी प्रदीप कुमार-2 की बदली गई तैनाती

पूर्व आदेश के अनुसार डीएसपी प्रदीप कुमार-2 को पुलिस उपाधीक्षक साइबर, रांची के पद पर पदस्थापित किया गया था। अब नए आदेश के तहत उनकी पूर्व पोस्टिंग को निरस्त कर दिया गया है।

सरकार ने उन्हें अगले आदेश तक डीएसपी जैप-10 होटवार, रांची के पद पर तैनात किया है। माना जा रहा है कि पुलिस बल के पुनर्गठन और साइबर सुरक्षा से जुड़े अभियानों के बेहतर समन्वय के लिए यह निर्णय लिया गया है।

अमित रविदास को मिली नई जिम्मेदारी

इसी तरह डीएसपी अमित रविदास को पहले साइबर डीएसपी, जामताड़ा बनाया गया था। नए आदेश में उनकी पूर्व पदस्थापना भी रद्द कर दी गई है। अब उन्हें अगले आदेश तक डीएसपी आईआरबी-01, जामताड़ा के पद पर तैनात किया गया है।हालांकि विभागीय आदेश में स्पष्ट किया गया है कि उन्हें विशेष रूप से जामताड़ा जिले में साइबर अपराध की रोकथाम के लिए प्रतिनियुक्त किया गया है।

जामताड़ा पर विशेष फोकस

देशभर में साइबर ठगी के मामलों में बदनाम हो चुके जामताड़ा जिले को लेकर राज्य सरकार लगातार सतर्क नजर आ रही है। ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी कॉल सेंटर, बैंकिंग धोखाधड़ी और डिजिटल ठगी के मामलों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस विभाग लगातार नई रणनीति बना रहा है। सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार साइबर अपराध नियंत्रण को लेकर अलग मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार कर रही है, जिसमें तकनीकी विशेषज्ञों और विशेष प्रशिक्षित पुलिस अधिकारियों की भूमिका बढ़ाई जा रही है।

पुलिस विभाग में लगातार हो रहे बदलाव

हाल के दिनों में झारखंड पुलिस महकमे में लगातार ट्रांसफर-पोस्टिंग और प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिल रहा है। सरकार कानून व्यवस्था मजबूत करने के साथ-साथ साइबर अपराध पर नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में साइबर सेल और तकनीकी इकाइयों में और भी बदलाव किए जा सकते हैं, ताकि डिजिटल अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।