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धनबाद (Threesocieties.com Desk): भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (CMD) मनोज कुमार अग्रवाल ने गुरुवार को कतरास एरिया के अंतर्गत संचालित प्रमुख खनन परियोजनाओं का दौरा कर उत्पादन प्रदर्शन, खदान विस्तार, मॉनसून तैयारियों, सुरक्षा मानकों और आधारभूत संरचना की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उनके साथ निदेशक (तकनीकी-परियोजना एवं योजना) राजीव कुमार सिन्हा समेत कंपनी के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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CMD ने अपने दौरे के दौरान AKWMC भूमि पैच, AKWMC डिपार्टमेंटल पैच, सालनपुर MDO परियोजना तथा ASGKC कोलियरी का निरीक्षण किया। उन्होंने इन परियोजनाओं में कोयला उत्पादन की वर्तमान स्थिति, भूमि अधिग्रहण की प्रगति, क्षमता उपयोग, खदान विस्तार योजनाओं और मॉनसून से निपटने के लिए किए गए इंतजामों का बारीकी से जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान CMD ने अधिकारियों को लंबित कार्यों को तेजी से पूरा करने, उत्पादन क्षमता में वृद्धि लाने और संचालन संबंधी तैयारियों को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि BCCL की प्राथमिकता उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ सुरक्षित और सतत खनन व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

मॉनसून के मद्देनजर खदानों में जल निकासी व्यवस्था, मशीनरी की सुरक्षा और परिचालन निरंतरता पर विशेष जोर दिया गया। CMD ने अधिकारियों से कहा कि बारिश के मौसम में किसी भी प्रकार की बाधा से बचने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं। दौरे के दौरान उन्होंने परियोजना स्थलों पर प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा उपायों की भी समीक्षा की। जहां कहीं कमियां पाई गईं, वहां तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए ताकि खदानों में कार्यरत श्रमिकों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

CMD मनोज कुमार अग्रवाल ने स्थानीय ग्रामीणों और आसपास के निवासियों से भी बातचीत की तथा उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं को सुना। उन्होंने कंपनी अधिकारियों को निर्देश दिया कि कंपनी की नीतियों और मानकों के अनुरूप स्थानीय लोगों को हर संभव सहयोग और सहायता उपलब्ध कराई जाए।

यह दौरा BCCL की उस रणनीति को दर्शाता है जिसके तहत कंपनी उत्पादन बढ़ाने, खदानों के विस्तार, संचालन दक्षता में सुधार, मॉनसून के दौरान निर्बाध कार्य संचालन और सुरक्षित खनन पद्धतियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। कंपनी का मानना है कि आधुनिक तकनीक, मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और बेहतर प्रबंधन के जरिए भविष्य में उत्पादन के नए लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।