नई दिल्ली। देश के नये चीफ जस्टिस के लिए नियुक्ति की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सेंट्रल गवर्नमेंट की ओर से लिखित तौर पर मौजूदा चीफ जस्टिस से अपने उत्तराधिकारी का नाम भेजने को कहा गया है।
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चीफ जस्टिस की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरु
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सोर्सेज से मिली जानकारी के अनुसार, प्रक्रिया के अनुसार कानून मंत्री की ओर से CJI को लिखकर उनके उत्तराधिकारी के लिए नाम का सुझाव देने को कहा जाता है। चीफ जस्टिस यूयू ललित आठ नवंबर को रिटायर होने वाले हैं। यूयू ललित का चीफ जस्टिस के तौर पर 74 दिनों का छोटा कार्यकाल है। संभावना जताई जा रही है कि सुप्रीम कोर्ट के सीनियर जज डीवाई चंद्रचूड़ को भारत का 50वां चीफ जस्टिस नियुक्त किया जा सकता है। हमेशा से CJI अपने बाद मौजूद सबसे सीनियर जज को ही अपने उत्तराधिकारी के तौर पर नामित करते हैं।
कालेजियम का भी है मामला
29 सितंबर को कालेजियम की बैठक रद होने के बाद, सीजेआई ने 30 सितंबर को कालेजियम के सदस्यों को एक लिखित प्रोपोजल भेजा जिसमें चार खाली पदों को भरने की मंजूरी मांगी गई थी। नियम के तहत सीजेआइ यूयू ललित आठ अक्टूबर के बाद कालेजियम की बैठक आयोजित नहीं कर सकेंगे। यूयू ललित का कार्यकाल आगामी आठ नवंबर तक का है।
10 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट खुलने के बाद कालेजियम मिल सकता है लेकिन तब तक 'एक महीने से कम' का नियम लागू हो जाएगा। रिक्त पदों को भरने के लिए कालेजियम की मंजूरी मिलने के लिए रिटायरमेंट से एक महीने पहले के नियम के तहत उनके लिए किसी नाम का सुझाव देना मुश्किल है। सीजेआइ की ओर से जिन चार नामों पर सहमति मांगी गई थी उसमें तीन मौजूदा हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस और एक सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट का नाम था।