Advertisement

नई दिल्ली। सेंट्रल एजुकेशन मिनिस्ट्री ने स्टूडेंट्स को बड़ी राहत दी है। सोर्सेज के अनुसार, प्रत्येक शिक्षा बोर्ड के टॉप 20 पर्सेंटाइल स्टूडेंट्स अब IIT व NIT में entrance पाने के पात्र होंगे। जेईई एडवांस के लिए उपस्थित होंगे। भले ही उन्होंने 12वीं क्लास में 75 परसेंट नंबर हासिल नहीं किए हों या नहीं।

ADVERTISEMENT

यह भी पढ़ें:पारसनाथ को तीर्थ क्षेत्र घोषित करने लेकर विवाद,  आदिवासियों ने निकाली PM,CM व MLA की शव यात्रा

यह निर्णय जेईई (एडवांस्ड) के लिए पात्रता मानदंड में ढील देने की निरंतर मांगों को देखते हुए आया है। इसके लिए संबंधित शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित 12वीं क्लास की एग्जाम में कुल मिलाकर कम से कम 75 परसेंट नंबर की आवश्यकता होती है। सोर्सेज का कहना है कि '20 पर्सेंटाइल मानदंड उन कैंडिडेट्स की मदद करेगा, जो अपने क्लास 12 बोर्ड में कुल 75 परसेंटसे कम हैं। कई राज्य बोर्डों में टॉप 20 पर्सेंटाइल कैंडिडेट में से कई 75 परसेंट नंबर या 350 नंबर से कम स्कोर करते हैं।' 
सोर्सेज ने कहा कि मिनिस्टरी ने फैसला किया कि अगर कोई कैंडिडेट टॉप 20 पर्सेंटाइल में है, तो वह पात्र है। जेईई-मेन के पहले संस्करण के लिए ऑनलाइन पंजीकरण 12 जनवरी को समाप्त होगा। एग्जाम, 24 से 31 जनवरी के बीच आयोजित की जायेगी।

ऑल इंडिया रैंक पर आधारित सीट आवंटन
बताया जाता है कि सेंट्रल सीट आवंटन बोर्ड के माध्यम से एनआईटी, आईआईआईटी और सीएफटी में बीई / बीटेक / बीएआरच / बीप्लानिंग कार्यक्रमों में प्रवेश ऑल इंडिया रैंक पर आधारित होगा। यह क्लास 12 की एग्जाम में कुल मिलाकर कम से कम 75 परसेंट की अतिरिक्त योग्यता के साथ होगा। वहीं, अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति के कैंडिडेट के लिए, क्लास 12 की बोर्ड एग्जाम में योग्यता कुल 65 परसेंट है।