जमुई एनकाउंटर पर अनंत सिंह का बड़ा बयान, बोले- 'गंदा काम करेगा तो एनकाउंटर होगा'
जमुई कांड के मुख्य आरोपित नंदन यादव के एनकाउंटर पर JDU विधायक अनंत सिंह का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने पुलिस कार्रवाई का समर्थन करते हुए CM सम्राट चौधरी का बचाव किया।
Highlights:
- जमुई कांड के मुख्य आरोपित नंदन यादव को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया
- अनंत सिंह ने जमुई पुलिस की कार्रवाई का समर्थन किया,मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बचाव किया
- कहा कि महिलाओं और बच्चियों के साथ अपराध करने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए
पटना (Threesocieties.com Desk): बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ कथित बदसलूकी के मामले में मुख्य आरोपित नंदन यादव पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के दौरान नंदन यादव के पैर में गोली लगी। मामले को लेकर बिहार की सियासत भी गरमा गई है। इसी बीच मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह ने पुलिस कार्रवाई का समर्थन करते हुए बेहद तीखा बयान दिया है।
पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अनंत सिंह ने कहा कि बच्चियों और महिलाओं के साथ इस तरह की हरकत करने वालों के खिलाफ बेहद सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने अपने खास अंदाज में कहा कि ऐसे अपराधियों को अपराध करते समय ही कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
अनंत सिंह ने जमुई मामले का जिक्र करते हुए कहा, "कोई जमुई-उमई हम नहीं जानते हैं। जो रेप-तेप करेंगे, उसका मर्डर होगा।" उन्होंने ऐसे अपराधियों को 'राक्षस' बताते हुए उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की वकालत की। उनके इस बयान की रिपोर्ट कई मीडिया संस्थानों ने की है।
CM सम्राट चौधरी का किया बचाव
जमुई कांड को लेकर विपक्ष की ओर से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। इसी बीच अनंत सिंह ने मुख्यमंत्री का बचाव किया। उन्होंने कहा कि घटना के बाद सरकार का काम त्वरित कार्रवाई करना है और पुलिस ने कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी इस मामले में कह चुके हैं कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती और पुलिस को चुनौती देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अनंत सिंह ने मुख्यमंत्री के इसी रुख का समर्थन करते हुए कहा कि अपराध को जाति के नजरिये से नहीं देखा जाना चाहिए।
'ऐसे राक्षसों को तुरंत मार देना चाहिए'
अनंत सिंह ने अपराधियों के खिलाफ बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि बच्चियों और महिलाओं के साथ इस तरह की दरिंदगी करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यहां तक कहा कि ऐसे लोगों को एक दिन में ही खत्म कर देना चाहिए और इस तरह के अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले को पुण्य मिलेगा। उनके इस बयान के बाद जमुई एनकाउंटर को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने के आसार हैं।
तेजस्वी यादव पर भी अनंत सिंह का निशाना
जमुई कांड को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सरकार और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। अनंत सिंह ने इस पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों में नेताओं को राजनीति से ऊपर उठकर पीड़िता की मदद करनी चाहिए। उन्होंने विपक्ष पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया और जमुई पुलिस की कार्रवाई का समर्थन किया।
क्या है जमुई का पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, घटना 19 सितंबर 2026 को जमुई टाउन थाना क्षेत्र के मड़वा पहाड़ इलाके में हुई। एक कोचिंग सेंटर से लौट रहे नाबालिग छात्र और छात्रा को युवकों के एक समूह ने कथित तौर पर रास्ते में रोक लिया था। आरोप है कि दोनों के साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई तथा छात्रा के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया और पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने वीडियो और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों की पहचान शुरू की। शुरुआती कार्रवाई में तीन नाबालिगों को हिरासत में लिया गया। इसके बाद मुख्य आरोपित नंदन यादव और हरेराम यादव के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।
मुठभेड़ में नंदन यादव घायल
पुलिस के मुताबिक, फरार आरोपितों की तलाश के दौरान नंदन यादव को पकड़ने की कोशिश की गई। इस दौरान हुई मुठभेड़ में उसके पैर में गोली लगी। हरेराम यादव के भी घायल होने की जानकारी सामने आई। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। पुलिस अन्य आरोपितों की भूमिका की भी जांच कर रही है। वहीं, तेजस्वी यादव ने जमुई घटना को लेकर मुख्यमंत्री से जवाबदेही तय करने की मांग की है। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी जारी है।
अब आगे क्या?
जमुई मामले में पुलिस की जांच जारी है। आरोपितों के खिलाफ दर्ज मामले में उपलब्ध वीडियो, पीड़ितों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की ओर से सभी आरोपितों की भूमिका की जांच की जा रही है।एनकाउंटर को लेकर जहां सरकार और उसके समर्थक इसे अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई बता रहे हैं, वहीं विपक्ष पुलिस कार्रवाई और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहा है। ऐसे में मामले की आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
Threesocieties News Desk 



