HighLights:

  • भारत ने एशियन गेम्स 2026 में 21वां गोल्ड मेडल जीता
  • मेंस हॉकी फाइनल में भारत ने मलेशिया को 5-1 से हराया
  • भारत ने लगातार दूसरी बार एशियाई खेलों का हॉकी गोल्ड अपने नाम किया
  • इस जीत के साथ भारत ने Los Angeles Olympics 2028 के लिए सीधे क्वालिफाई किया

नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk): एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खेल जगत के लिए शनिवार का दिन ऐतिहासिक बन गया। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने फाइनल में मलेशिया को 5-1 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। इस शानदार जीत के साथ भारत ने एशियाई खेलों में अपना हॉकी खिताब बरकरार रखा और लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक जीता। यह भारत का एशियाई खेलों में पुरुष हॉकी का पांचवां गोल्ड है।

इस जीत की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि भारत ने पुरुष हॉकी में खिताब बचाने के साथ-साथ Los Angeles 2028 Olympics के लिए सीधे क्वालिफिकेशन भी हासिल कर लिया। भारत ने इससे पहले सेमीफाइनल में पाकिस्तान को रोमांचक मुकाबले में 4-3 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।

फाइनल में भारत का दबदबा

फाइनल में भारत ने शुरुआत से ही आक्रामक हॉकी खेली। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत का खाता खोला। हालांकि मलेशिया ने जल्द ही वापसी करते हुए स्कोर बराबर कर दिया। पहले क्वार्टर के बाद मुकाबला 1-1 से बराबर था, लेकिन इसके बाद भारतीय टीम ने मैच पर पकड़ मजबूत कर ली।

जुगराज सिंह ने दूसरे क्वार्टर में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत को फिर बढ़त दिलाई। हाफ टाइम तक भारत 2-1 से आगे था। तीसरे क्वार्टर में भारतीय खिलाड़ियों ने मलेशिया के डिफेंस पर लगातार दबाव बनाए रखा। भारत को कई पेनल्टी कॉर्नर मिले और इसी दबाव के बीच हार्दिक सिंह ने गोल कर भारत की बढ़त को और मजबूत कर दिया। चौथे क्वार्टर में भारत ने मैच पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लिया। शिलानंद लाकड़ा ने गोल कर स्कोर 4-1 किया। इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने एक और गोल दागकर भारत की जीत पर मुहर लगा दी। फाइनल का स्कोर भारत के पक्ष में 5-1 रहा।

हरमनप्रीत सिंह का शानदार प्रदर्शन

भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह एक बार फिर टीम के लिए निर्णायक साबित हुए। उन्होंने फाइनल में दो गोल किए। एशियन गेम्स 2026 में उनके प्रदर्शन ने भारत के अभियान को लगातार मजबूती दी। FIH के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक हरमनप्रीत ने टूर्नामेंट में कुल सात गोल किए और सभी गोल पेनल्टी कॉर्नर के जरिए आए। फाइनल में भारत के लिए हरमनप्रीत के अलावा जुगराज सिंह, हार्दिक सिंह और शिलानंद लाकड़ा ने गोल किए।

लगातार दूसरी बार हॉकी में एशियाई चैंपियन भारत

भारत ने 2022 एशियन गेम्स में भी पुरुष हॉकी का गोल्ड मेडल जीता था। 2026 में मलेशिया को हराकर भारत ने अपना खिताब बरकरार रखा। यह भारतीय पुरुष हॉकी के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि टीम ने पहली बार एशियाई खेलों में लगातार दो संस्करणों में स्वर्ण पदक जीता है। भारत के पुरुष हॉकी के एशियन गेम्स गोल्ड अब 1966, 1998, 2014, 2022 और 2026 हो गए हैं।

पुरुष और महिला दोनों टीमों ने जीता गोल्ड

एशियन गेम्स 2026 भारतीय हॉकी के इतिहास में खास बन गया है। पहली बार एक ही एशियाई खेलों में भारत की पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमों ने स्वर्ण पदक जीता है। भारतीय महिला हॉकी टीम ने भी फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर गोल्ड जीता था। इसके साथ महिला टीम ने 44 साल बाद एशियन गेम्स में हॉकी का स्वर्ण पदक हासिल किया। इस तरह भारत ने एशियन गेम्स 2026 में हॉकी में गोल्डन डबल पूरा कर लिया।

भारत के खाते में 21वां गोल्ड

मलेशिया के खिलाफ हॉकी फाइनल जीतते ही भारत के खाते में एशियन गेम्स 2026 का 21वां स्वर्ण पदक आ गया। भारत के कुल पदकों की संख्या 85 पहुंच गई है।

भारत की पदक तालिका:

???? गोल्ड: 21
???? सिल्वर: 27
???? ब्रॉन्ज: 37
???? कुल: 85

हॉकी गोल्ड के बाद भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंच गया।

अब नजर LA 2028 पर

एशियन गेम्स का गोल्ड जीतना सिर्फ पदक तक सीमित नहीं रहा। इस जीत के साथ भारत ने 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए पुरुष हॉकी में सीधे क्वालिफिकेशन हासिल कर लिया है। एशियाई खेलों के चैंपियन को ओलंपिक का सीधा टिकट मिलता है और भारत ने मलेशिया के खिलाफ फाइनल जीतकर यह स्थान अपने नाम कर लिया।

पाकिस्तान को हराकर फाइनल में पहुंचा था भारत

फाइनल से पहले भारत और पाकिस्तान के बीच सेमीफाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा था। भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 4-3 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था। सेमीफाइनल की जीत के बाद भारतीय टीम के सामने मलेशिया की चुनौती थी और फाइनल में भी टीम ने शुरुआत से ही अपना दबदबा बनाए रखा। अंततः भारत ने 5-1 की शानदार जीत के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।

एशियाड में भारतीय हॉकी का नया इतिहास

एशियन गेम्स 2026 भारतीय हॉकी के लिए कई रिकॉर्ड लेकर आया। पुरुष टीम ने खिताब का बचाव किया, महिला टीम ने 44 साल बाद गोल्ड जीता और दोनों टीमों ने एक ही संस्करण में स्वर्ण पदक हासिल किया। मलेशिया के खिलाफ 5-1 की जीत ने भारत के 21वें गोल्ड पर मुहर लगाने के साथ LA 2028 का रास्ता भी साफ कर दिया। अब भारतीय हॉकी की नजर ओलंपिक में इस शानदार अभियान को आगे बढ़ाने पर होगी।