Bihar: नालंदा तस्करों की गोली नहीं, अपनी टीम की राइफल से गई सिपाही अजीत की जान
सिपाही अजीत कुमार की मौत मामले में बड़ा खुलासा। जांच में अपनी टीम के होमगार्ड की राइफल से गोली चलने की बात सामने आई। महिला दारोगा पुष्पा कुमारी समेत पांच आरोपित गिरफ्तार।
Highlights:
- नालंदा में उत्पाद विभाग के सिपाही अजीत कुमार की मौत के मामले में जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए
- शुरुआती दावे के विपरीत, जांच में अपनी ही टीम के होमगार्ड की राइफल से गोली चलने की बात सामने आई
- महिला दारोगा पुष्पा कुमारी समेत पांच आरोपितों की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई
- घटना के बाद वरीय अधिकारियों को सूचना देने में देरी और गलत जानकारी देने के पहलू की जांच जारी
बिहारशरीफ (Threesocieties.com Desk): नालंदा जिले में उत्पाद विभाग के सिपाही अजीत कुमार की मौत का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। जिस घटना को शुरुआत में शराब तस्करों की गोलीबारी से जोड़कर देखा जा रहा था, उसकी जांच में अलग तथ्य सामने आए हैं। जांच के अनुसार, अजीत की मौत शराब तस्करों की गोली से नहीं, बल्कि अपनी ही टीम के होमगार्ड जवान की राइफल से चली गोली लगने के कारण हुई। मामले में महिला दारोगा पुष्पा कुमारी समेत पांच आरोपितों की गिरफ्तारी की गयी है।
इस खुलासे के बाद घटना के समय टीम में मौजूद कर्मियों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठे हैं। मामले में उत्पाद विभाग की महिला दारोगा पुष्पा कुमारी समेत पांच आरोपितों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी पुलिस की ओर से दी गई है। एसपी हृदयकांत ने प्रेसवार्ता में मामले की जांच और सामने आए तथ्यों के बारे में जानकारी दी।
शराब तस्करों की फायरिंग की शुरुआती कहानी पर सवाल
घटना शराब की खेप लेकर जा रहे एक वाहन का पीछा करने के दौरान हुई थी। इसी दौरान उत्पाद विभाग के सिपाही अजीत कुमार को गोली लगी। घटना के बाद बताया गया था कि शराब तस्करों की फायरिंग में अजीत घायल हो गए हैं। गोली लगने के बाद उन्हें गंभीर हालत में पावापुरी स्थित विम्स में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने उनकी स्थिति गंभीर देखते हुए पटना रेफर कर दिया। हालांकि, पटना ले जाने के दौरान उनकी मौत हो गई।
शुरुआती जानकारी में सिपाही की मौत को शराब तस्करों की गोलीबारी का परिणाम बताया गया था। लेकिन, जांच आगे बढ़ने के साथ गोली चलने की परिस्थितियों को लेकर अलग तथ्य सामने आए। जांच में अपनी ही टीम के होमगार्ड की राइफल से गोली चलने की बात सामने आने के बाद पूरे घटनाक्रम की नए सिरे से पड़ताल शुरू हुई।
महिला दारोगा पुष्पा कुमारी समेत पांच आरोपित गिरफ्तार
इस मामले में उत्पाद विभाग की महिला दारोगा पुष्पा कुमारी समेत पांच आरोपितों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। आरोपितों में दो होमगार्ड जवानों के शामिल होने की बात भी बताई गई है। पुलिस संबंधित कर्मियों की भूमिका और घटना के समय मौजूद परिस्थितियों की जांच कर रही है।
जांच का अहम पहलू यह है कि गोली किन परिस्थितियों में चली और घटना के तत्काल बाद अधिकारियों को क्या जानकारी दी गई थी। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि शुरुआती स्तर पर सिपाही की मौत को शराब तस्करों की फायरिंग से जोड़कर क्यों बताया गया।घटना में शामिल कर्मियों के बयान, उपलब्ध साक्ष्य और अन्य तथ्यों के आधार पर पुलिस मामले की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है।
वरीय अधिकारियों को सूचना देने में देरी की भी जांच
मामले में घटना के बाद वरीय अधिकारियों को सूचना देने में देरी का आरोप भी सामने आया है। बताया गया है कि घटना के तत्काल बाद स्थानीय पुलिस को वास्तविक परिस्थितियों की जानकारी नहीं दी गई थी। आरोप है कि टीम के नालंदा से बाहर निकलने के बाद फोन पर सिपाही के शराब तस्करों की गोलीबारी में घायल होने की सूचना दी गई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और संबंधित कर्मियों से पूछताछ की।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी हैं कि घटना के बाद किस स्तर पर क्या जानकारी साझा की गई, सूचना देने में देरी क्यों हुई और शुरुआती जानकारी तथा जांच में सामने आए तथ्यों के बीच अंतर कैसे आया। यह पहलू इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि किसी पुलिस या विभागीय अभियान के दौरान गोली लगने से कर्मी की मौत होने पर घटना की वास्तविक परिस्थितियों की तत्काल जानकारी संबंधित अधिकारियों को देना जरूरी होता है।
एसआईटी कर रही मामले की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम यानी एसआईटी गठित की गई है। टीम गोली चलने की परिस्थितियों, घटना के बाद दी गई जानकारी और अभियान में शामिल कर्मियों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि होमगार्ड की राइफल से गोली किस परिस्थिति में चली। इसके साथ ही घटनास्थल पर मौजूद लोगों की भूमिका और घटना के बाद उठाए गए कदमों की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित लोगों से पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम का क्रमवार ब्योरा जुटाने में लगी है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों और आरोपितों की भूमिका की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
शराब की खेप और तस्करी नेटवर्क की भी पड़ताल
सिपाही अजीत कुमार की मौत के मामले में जांच केवल गोली चलने की घटना तक सीमित नहीं है। पुलिस उस वाहन और शराब की खेप से जुड़े लोगों की पहचान करने में भी जुटी है, जिसका पीछा करने के दौरान यह घटना हुई थी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि शराब कहां से लाई जा रही थी, उसे कहां पहुंचाया जाना था और इस कारोबार में कौन-कौन लोग शामिल थे। मामले के सिलसिले में जांच टीम के झारखंड जाने की जानकारी भी सामने आई थी। पुलिस शराब तस्करी से जुड़े संभावित नेटवर्क और घटना के बीच किसी संबंध की भी पड़ताल कर रही है। हालांकि, तस्करी नेटवर्क से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
महिला दारोगा और सिपाही के कथित संबंधों की चर्चा
मामले में मृतक सिपाही अजीत कुमार और महिला दारोगा पुष्पा कुमारी के बीच कथित प्रेम प्रसंग की चर्चा भी सामने आई है। हालांकि, इस पहलू की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की ओर से मामले के सभी पहलुओं की जांच किए जाने की बात कही गई है। ऐसे में किसी कथित निजी संबंध को घटना का कारण मानना अभी उचित नहीं होगा। जांच में सामने आने वाले साक्ष्य ही इस मामले में किसी निष्कर्ष तक पहुंचने का आधार बनेंगे।
जांच के बाद स्पष्ट होगी घटना की पूरी तस्वीर
नालंदा के इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि सिपाही अजीत कुमार को गोली किन परिस्थितियों में लगी और घटना के बाद शुरुआती जानकारी में शराब तस्करों की फायरिंग का दावा कैसे सामने आया। फिलहाल पुलिस गोली चलने की परिस्थितियों, विभागीय टीम की भूमिका, अधिकारियों को दी गई सूचना और शराब तस्करी नेटवर्क से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। महिला दारोगा पुष्पा कुमारी समेत पांच आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच और महत्वपूर्ण हो गई है।




