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Highlights:

  • बारामुड़ी के पुष्प वाटिका अपार्टमेंट के सामने गाड़ी हटाने को लेकर विवाद शुरू हुआ था
  • पुलिस जवानों की शिकायत पर हरेंद्र चौहान, चंदन चौहान समेत अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी 
    पुलिसकर्मी अजीत सिंह और पंकज सिंह पर गाली-गलौज और गोली मारने की धमकी देने का आरोप
  • हरेंद्र चौहान के निजी चालक के साथ मारपीट और उसके कोमा में होने का दावा 

धनबाद (Threesocieties.com Desk): धनबाद के बारामुड़ी में गाड़ी हटाने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस और राजनीतिक गलियारों तक पहुंच गया है। पुष्प वाटिका अपार्टमेंट के सामने हुए विवाद में दोनों पक्षों की ओर से गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। एक ओर पुलिस जवानों की शिकायत पर झामुमो नेता हरेंद्र चौहान, चंदन चौहान समेत अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने की बात सामने आई है, वहीं दूसरी ओर झामुमो ने दो पुलिस जवानों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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झामुमो जिला महानगर अध्यक्ष मिंटू चौहान ने आरोप लगाया है कि पुलिस जवान अजीत कुमार सिंह और पंकज कुमार सिंह ने डिप्टी मेयर अरुण चौहान तथा झामुमो महानगर उपाध्यक्ष हरेंद्र चौहान के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और गोली मारने तक की धमकी दी। इस मामले को लेकर पार्टी ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है। मिंटू चौहान ने साफ कर दिया है कि झामुमो इस मामले को केवल जिला स्तर तक सीमित नहीं रखेगा। पार्टी की पूरी कोर कमेटी के साथ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर बारामुड़ी घटनाक्रम की जानकारी दी जाएगी।

बारामुड़ी में गाड़ी हटाने को लेकर शुरू हुआ था विवाद

जानकारी के अनुसार, बारामुड़ी स्थित पुष्प वाटिका अपार्टमेंट के सामने गाड़ी हटाने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। देखते ही देखते मामला कहासुनी से आगे बढ़कर मारपीट और आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गया। इस घटनाक्रम में झारखंड पुलिस के जवान अजीत कुमार सिंह और पंकज कुमार सिंह का नाम सामने आया है। पुलिस जवान अजीत कुमार सिंह की शिकायत पर हरेंद्र चौहान, चंदन चौहान समेत अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं, झामुमो नेताओं ने इस घटनाक्रम का दूसरा पक्ष सामने रखते हुए पुलिस जवानों के व्यवहार और उनकी भूमिका की जांच की मांग की है। इस तरह बारामुड़ी का विवाद अब दोनों पक्षों के आरोपों के बीच उलझता जा रहा है।

डिप्टी मेयर अरुण चौहान और हरेंद्र चौहान को धमकी देने का आरोप

झामुमो जिला महानगर अध्यक्ष मिंटू चौहान ने प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि दोनों पुलिस जवानों ने सोशल मीडिया पर डिप्टी मेयर अरुण चौहान और झामुमो महानगर उपाध्यक्ष हरेंद्र चौहान के खिलाफ भद्दी-भद्दी गालियां दीं। उन्होंने गोली मारने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया। मिंटू चौहान का कहना है कि इस तरह की भाषा और धमकी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित पुलिस जवानों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि घटनाक्रम के समय हरेंद्र चौहान मौके पर मौजूद नहीं थे। इसके बावजूद उनके खिलाफ कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया।

10 से 12 वर्षों से पुलिस लाइन में तैनाती का दावा, पुराने रिकॉर्ड की जांच की मांग

प्रेस वार्ता के दौरान मिंटू चौहान ने दावा किया कि दोनों पुलिस जवान पिछले 10 से 12 वर्षों से धनबाद पुलिस लाइन में ही पदस्थापित हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि पुलिसकर्मियों की लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनाती और उनकी कार्यशैली की भी जांच होनी चाहिए। मिंटू चौहान ने मांग की कि दोनों जवानों ने अपने कार्यकाल में जिन-जिन थानों में योगदान दिया है, वहां के पुराने रिकॉर्ड और उनकी कार्यप्रणाली की जांच कराई जाए। झामुमो अध्यक्ष के मुताबिक, इस जांच से पुलिस जवानों के पूर्व कार्यकाल से जुड़ी परिस्थितियों और शिकायतों की जानकारी सामने आ सकती है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने की अपील की।

निजी चालक के साथ मारपीट का आरोप, कोमा में होने का दावा

मिंटू चौहान ने हरेंद्र चौहान के निजी चालक के साथ भी कथित मारपीट किए जाने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि दोनों पुलिस जवानों ने नशे की हालत में चालक के साथ मारपीट की थी। उन्होंने चालक की स्थिति गंभीर बताते हुए दावा किया कि वह कोमा में है। मिंटू चौहान ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के समय दोनों पुलिस जवान बनियान और हाफ पैंट में थे। हालांकि, चालक की मेडिकल स्थिति, घटना के समय पुलिस जवानों की वास्तविक स्थिति और मारपीट से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

पूरी कोर कमेटी के साथ CM हेमंत सोरेन से मिलेंगे झामुमो नेता

बारामुड़ी विवाद को लेकर झामुमो ने अब राज्य स्तर पर मामला उठाने की तैयारी कर ली है। जिला महानगर अध्यक्ष मिंटू चौहान ने प्रेस वार्ता में ऐलान किया कि पार्टी की पूरी कोर कमेटी के साथ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की जाएगी। इस मुलाकात में मुख्यमंत्री को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी जाएगी। झामुमो नेताओं की ओर से निष्पक्ष जांच, दोनों पक्षों के आरोपों की पड़ताल और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग रखी जाएगी। पार्टी का कहना है कि मामले में किसी भी पक्ष के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए और पूरी जांच तथ्यों तथा साक्ष्यों के आधार पर होनी चाहिए।

पुलिस प्रशासन की जांच पर टिकी निगाहें

फिलहाल बारामुड़ी विवाद में दोनों पक्षों की ओर से गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। एक तरफ पुलिस जवानों की शिकायत पर झामुमो नेताओं और अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने की बात सामने आई है, तो दूसरी तरफ झामुमो ने पुलिस जवानों पर अभद्र भाषा, धमकी और मारपीट के आरोप लगाए हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि धनबाद पुलिस प्रशासन इस पूरे मामले की जांच किस तरह करता है और दोनों पक्षों के आरोपों की सच्चाई क्या सामने आती है।झामुमो की ओर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात के ऐलान के बाद यह विवाद राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण हो गया है। आने वाले दिनों में पुलिस जांच और मुख्यमंत्री से प्रस्तावित मुलाकात के बाद बारामुड़ी विवाद में नया मोड़ आ सकता है।

Threesocieties.com की नजर इस पूरे घटनाक्रम पर बनी रहेगी।