Bihar: नीरज कुमार की खुलेगी पोल! प्रशांत किशोर बोले- जल्द होंगे बेरोजगार

प्रशांत किशोर ने जदयू नेता नीरज कुमार पर पलटवार करते हुए कहा कि वे जल्द बेरोजगार होंगे। बोले- आगे बयान दिया तो जदयू से जुड़ी सारी पोल जनता के सामने खोल दूंगा।

Bihar: नीरज कुमार की खुलेगी पोल! प्रशांत किशोर बोले- जल्द होंगे बेरोजगार
प्रशांत किशोर का नीरज कुमार पर बड़ा हमला, बोले- आगे बोले तो खोल दूंगा सारी पोल।

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   HighLights:

  • प्रशांत किशोर का जदयू नेता नीरज कुमार के बयान पर पलटवार
  •  बोले- नीरज कुमार जल्द होने वाले हैं बेरोजगार, आगे बयान दिया तो खोलूंगा पोल
  • पिछले डेढ़ साल में जदयू के खिलाफ जुटाई गई जानकारी जनता के सामने लाने की चेतावनी
  • बिहार विधानसभा चुनाव में वोट खरीदने और चुनाव आयोग की भूमिका पर लगाए आरोप

पटना (Threesocieties.com Desk): बिहार की राजनीति में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर और जदयू नेता नीरज कुमार के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। नीरज कुमार के बुखार छुड़ा देने वाले बयान पर पलटवार करते हुए प्रशांत किशोर ने उन्हें जल्द बेरोजगार होने की बात कही। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नीरज कुमार ने आगे कोई बयान दिया तो वह चुप नहीं बैठेंगे और जदयू से जुड़ी जानकारी जनता के सामने रखेंगे।

प्रशांत किशोर ने दावा किया कि पिछले एक से डेढ़ साल के दौरान उन्होंने जदयू के खिलाफ विभिन्न नेताओं से जुड़ी जो जानकारियां जुटाई हैं और जो दस्तावेज उनके पास हैं, उन्हें सार्वजनिक किया जा सकता है। उनके इस बयान से बिहार की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

नीरज कुमार पर प्रशांत किशोर का सीधा हमला

जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने जदयू उम्मीदवार नीरज कुमार को निशाने पर लेते हुए कहा कि वह जल्द ही बेरोजगार होने वाले हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि नीरज कुमार डॉक्टर तो बन नहीं सकते। प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि खुद को जदयू का वफादार बताने वाले नीरज कुमार यदि आगे भी इस तरह के बयान देते हैं तो वह जवाब देने से पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने जदयू से संबंधित जानकारियां सार्वजनिक करने की चेतावनी भी दी। प्रशांत किशोर के इस बयान को नीरज कुमार की टिप्पणी के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, इस बयान पर नीरज कुमार की प्रतिक्रिया की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

'जदयू के खिलाफ सारी जानकारी जनता के सामने रखेंगे'

प्रशांत किशोर ने कहा कि पिछले एक से डेढ़ साल के दौरान जदयू के खिलाफ किन-किन नेताओं ने क्या जानकारी दी और उनके पास कौन-कौन से दस्तावेज हैं, इन सबको जनता के सामने लाया जा सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर वह संबंधित जानकारियां सार्वजनिक करेंगे। उनके इस बयान ने बिहार की राजनीति में जदयू और जन सुराज के बीच बढ़ते टकराव को फिर चर्चा में ला दिया है। हालांकि, प्रशांत किशोर ने जिन जानकारियों और दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की बात कही है, उनका पूरा विवरण इस बयान में सामने नहीं आया है। ऐसे में इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

बिहार विधानसभा चुनाव में वोट खरीदने का आरोप

प्रशांत किशोर ने बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान वोट खरीदने का आरोप भी लगाया। उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में आयोग ने भी साथ दिया। यह प्रशांत किशोर का आरोप है। इस संबंध में संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और आरोपों के समर्थन में उपलब्ध साक्ष्यों की जानकारी सामने आना बाकी है।

दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर भी सरकार पर निशाना

दिल्ली में हो रहे प्रदर्शन का जिक्र करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि कुछ लोग यह देख रहे हैं कि प्रदर्शन में कितने लोग शामिल हुए। लेकिन उनके मुताबिक, प्रदर्शन को रोकने के लिए 40 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात करना पड़ा। उन्होंने इस तैनाती को प्रदर्शन की ताकत से जोड़ते हुए कहा कि इससे पता चलता है कि जनता का प्रदर्शन कितना प्रभावशाली हो सकता है। प्रशांत किशोर के इस बयान में सरकार और प्रशासन की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए गए। हालांकि, पुलिस बल की तैनाती के आंकड़े और प्रदर्शन के संदर्भ में स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

एनडीए की समन्वय बैठक पर भी कसा तंज

प्रशांत किशोर ने विधान परिषद चुनाव को लेकर एनडीए की समन्वय बैठक पर भी निशाना साधा। उन्होंने बांकीपुर में 480 नेताओं की बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी बैठकों से घबराहट दिखाई देती है। उनका कहना था कि विधान परिषद चुनाव को लेकर एनडीए की बैठक भी इसी तरह की बेचैनी को दर्शाती है। प्रशांत किशोर ने दावा किया कि बिहार के पढ़े-लिखे शिक्षक और स्नातक मतदाता मुख्यमंत्री के उम्मीदवारों को हराने का मन बना चुके हैं।

उन्होंने कहा कि एनडीए चाहे विधानमंडल की बैठक बुलाए या विधान परिषद चुनाव को लेकर बैठक करे, इससे मतदाताओं का रुख नहीं बदलने वाला है। हालांकि, मतदाताओं के रुख को लेकर प्रशांत किशोर का यह राजनीतिक दावा है; इसकी पुष्टि चुनाव परिणामों से ही हो सकेगी।

नीतीश कुमार को लेकर पहले भी दे चुके हैं चुनौती

प्रशांत किशोर ने इससे पहले चुनौती दी थी कि यदि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नीरज कुमार के समर्थन में बोल दें तो वह अपना उम्मीदवार वापस ले लेंगे। इस चुनौती और अब नीरज कुमार को लेकर दिए गए बयान के बीच बिहार की राजनीति में सियासी बयानबाजी तेज होती दिख रही है। एक तरफ प्रशांत किशोर जदयू के खिलाफ जानकारी सार्वजनिक करने की बात कह रहे हैं, तो दूसरी तरफ उन्होंने एनडीए की चुनावी तैयारियों और मतदाताओं के रुख पर भी सवाल उठाए हैं।