बिहार: बेलसंड के LJP विधायक अमित रानू के आवास व ऑफिस पर छापा, पिस्टल-गोलियां बरामद, दो गिरफ्तार
सीतामढ़ी के बेलसंड से लोजपा विधायक अमित रानू के मुजफ्फरपुर आवास पर जमीन विवाद मामले में पुलिस रेड हुई। तीन एसडीपीओ के नेतृत्व में तलाशी, दस्तावेज बरामद। बेलसंड कार्यालय से पिस्टल और गोलियां मिलने की भी पुलिस ने पुष्टि की।
HighLights:
- लोजपा (रा.) विधायक अमित कुमार रानू के मुजफ्फरपुर आवास पर पुलिस की रेड
- जमीन विवाद मामले में विधायक के भाई सोनू सिंह की भूमिका की जांच
- जमीन व पार्टनरशिप से जुड़े एग्रीमेंट, बैंक खातों के विवरण और वाहन दस्तावेज मिले
- 2017 का हस्ताक्षरित ब्लैंक स्टांप पेपर भी बरामद होने का पुलिस का दावा
मुजफ्फरपुर/सीतामढ़ी (Threesocieties.com Desk): बिहार में सीतामढ़ी के बेलसंड से लोजपा (रामविलास) विधायक अमित कुमार रानू के मुजफ्फरपुर स्थित निजी आवास व बेलसंड ऑफिस पर रविवार को पुलिस ने बड़ी छापेमारी की। कोर्ट से सर्च वारंट मिलने के बाद हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने करीब चार घंटे तक विधायक के आवास और उससे जुड़े ठिकानों की तलाशी ली।बेलसंड पुलिस ने विधायक के कार्यालय में तलाशी के दौरान एक पिस्टल, एक मैगजीन और दो गोलियां मिलीं। पुलिस ने मौके से दो लोगों को हिरासत में लिया है।
यह कार्रवाई अहियापुर थाना क्षेत्र के झपहां डीह में जमीन विवाद, बाउंड्री तोड़े जाने और लोगों को धमकाने के मामले की जांच के सिलसिले में की गई। पुलिस के मुताबिक, मामले में विधायक के भाई सोनू सिंह की भूमिका सामने आई है और जांच में विधायक अमित रानू की भूमिका भी खंगाली जा रही है। पुलिस के अनुसार, 20 अगस्त को अहियापुर थाना क्षेत्र के झपहां डीह में जमीन और निर्माणाधीन मकानों से जुड़ा विवाद सामने आया था। आरोप है कि बड़ी संख्या में लोग जेसीबी और अन्य वाहनों के साथ मौके पर पहुंचे और जमीन की बाउंड्री तथा निर्माणाधीन मकानों को क्षतिग्रस्त किया।
जमीन मालिक की शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने इस मामले में सुमित कुमार श्रीवास्तव और सन्नी सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पूछताछ और मौके से मिले वीडियो समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मामले में आगे की जांच बढ़ाई। पीड़ितों की ओर से बाद में दिए गए आवेदनों के आधार पर कुल 13 मामले दर्ज किए जाने की बात पुलिस की ओर से कही गई है।
विधायक के भाई सोनू सिंह पर गंभीर आरोप
पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान विधायक अमित रानू के भाई सोनू सिंह की भूमिका सामने आई। उन पर जमीन कारोबार में दबंगई और जमीन पर कब्जे की कोशिश से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया कि लोजपा (रामविलास) का झंडा लगी गाड़ी से कुछ लोग मौके पर पहुंचे। इसके बाद जेसीबी की मदद से बाउंड्री तोड़ी गई। विरोध करने पर मारपीट और मोबाइल फोन छीनकर तोड़ने तथा सोने की चेन छीनने के आरोप भी शिकायत में लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मामले में उपलब्ध वीडियो फुटेज, शिकायतों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
सर्च वारंट के बाद विधायक के घर पहुंची पुलिस
एसएसपी कांतेश मिश्रा के मुताबिक, मामले में पुलिस ने अदालत से सर्च वारंट प्राप्त किया था। इसके बाद रविवार सुबह पुलिस की टीम विधायक के मुजफ्फरपुर स्थित आवास पर पहुंची। छापेमारी के दौरान पुलिस ने जमीन और पार्टनरशिप से जुड़े एग्रीमेंट, बैंक खातों का विवरण, वाहनों के कागजात और अन्य दस्तावेज बरामद किए। पुलिस के अनुसार, वर्ष 2017 का हस्ताक्षरित ब्लैंक स्टांप पेपर भी मिला है, जिसकी जांच की जा रही है। पुलिस अब बरामद दस्तावेजों और बैंक लेनदेन की जांच कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जमीन विवाद से जुड़े लोगों के बीच आर्थिक लेनदेन किस तरह हुआ।
आर्थिक अपराध इकाई की भी ली जा सकती है मदद
एसएसपी ने बताया कि मामले में बैंक खातों और संपत्ति से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है। जरूरत पड़ने पर आर्थिक अपराध इकाई को भी जांच में शामिल किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि नामजद और अन्य संदिग्ध लोगों के बैंक खातों के लेनदेन तथा संपत्तियों की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई और संपत्ति जब्ती से संबंधित प्रस्ताव तैयार किया जा सकता है।
सीतामढ़ी बेलसंड स्थित विधायक कार्यालय से हथियार बरामद
इधर, पुलिस ने सीतामढ़ी के बेलसंड स्थित विधायक अमित रानू के कार्यालय पर भी छापेमारी की। तलाशी के दौरान पुलिस ने एक पिस्टल, एक मैगजीन और दो गोलियां बरामद किए जाने का दावा किया है। हथियार मिलने के बाद कार्यालय में मौजूद दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार कार्यालय तक कैसे पहुंचा और इसका इस्तेमाल किसके द्वारा किया जाना था। बेलसंड के प्रभारी एसडीपीओ विनय कुमार ने छापेमारी और हथियार बरामदगी की पुष्टि की है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ और जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट होगी।
विधायक ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
वहीं, विधायक अमित कुमार रानू ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने जमीन विवाद से जुड़े आरोपों को निराधार बताते हुए पुलिस कार्रवाई को गलत बताया। विधायक का कहना है कि संबंधित जमीन उनकी पार्टी के आईटी सेल से जुड़े एक कार्यकर्ता के नाम पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके आवास से बैंक डिटेल्स, स्टांप समेत कई दस्तावेज अपने साथ ले लिए। विधायक ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि जमीन से जुड़े दस्तावेजों की सही तरीके से जांच किए बिना कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
अब फरार आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस के अनुसार, मामले में कुछ आरोपी अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। साथ ही पुलिस जमीन विवाद से जुड़े सभी पक्षों के बयान, वीडियो फुटेज, दस्तावेज और आर्थिक लेनदेन की जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई के बाद मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा में है। विधायक के आवास पर हुई छापेमारी और बेलसंड कार्यालय से हथियार बरामद होने के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है। आगे की कार्रवाई पुलिस जांच और बरामद साक्ष्यों के आधार पर तय होगी।
(नोट: विधायक और उनके भाई से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के निष्कर्ष के आधार पर ही आरोपों की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।)
लोजपा विधायक अमित रानू के बेलसंड स्थित कार्यालय से रविवार को पुलिस ने पिस्टल, मैगजीन और दो गोलियां बरामद कीं।
हथियार बरामदगी के बाद पुलिस ने कार्यालय में मौजूद दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। कार्रवाई के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है।
कार्यालय में अचानक पहुंची पुलिस
बेलसंड पुलिस ने विधायक के कार्यालय में छापेमारी की। तलाशी के दौरान एक पिस्टल, एक मैगजीन और दो गोलियां मिलीं। पुलिस ने मौके से दो लोगों को हिरासत में लिया। दोनों से हथियार के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
एसडीपीओ ने की पुष्टि
बेलसंड के प्रभारी एसडीपीओ विनय कुमार ने छापेमारी और गिरफ्तारी की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि कार्यालय से हथियार बरामद हुआ है। दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ पूरी होने के बाद ही मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
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