झरिया में डांडिया-गरबा की धूम, महिलाओं-बालिकाओं के लिए छह दिवसीय फ्री ट्रेनिंग शुरू

झरिया में मारवाड़ी युवा मंच और Easy Easy Steps Dance Academy की छह दिवसीय निःशुल्क डांडिया-गरबा प्रशिक्षण कार्यशाला शुरू हुई। महिलाओं और बालिकाओं ने उत्साह से हिस्सा लिया।

झरिया में डांडिया-गरबा की धूम, महिलाओं-बालिकाओं के लिए छह दिवसीय फ्री ट्रेनिंग शुरू
डांडिया-गरबा की थिरकन से गूंजा झरिया।

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  • झरिया में छह दिवसीय निःशुल्क डांडिया-गरबा प्रशिक्षण कार्यशाला शुरू
  • मारवाड़ी युवा मंच और Easy Easy Steps Dance Academy की संयुक्त पहल
  • महिलाओं और बालिकाओं ने पहले दिन पूरे उत्साह के साथ लिया प्रशिक्षण
  • 5 से 10 अक्टूबर तक रोजाना सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलेगी कार्यशाला

धनबाद (Threesocieties.com Desk): डांडिया और गरबा की रंगीन धुनों से सोमवार को झरिया का माहौल उत्सवमय हो गया। मारवाड़ी युवा मंच, झरिया शाखा एवं Easy Easy Steps Dance Academy, Jharia के संयुक्त तत्वावधान में छह दिवसीय निःशुल्क डांडिया एवं गरबा प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। कार्यशाला के पहले दिन महिलाओं और बालिकाओं ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ प्रशिक्षण में हिस्सा लिया।

कार्यशाला की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि मारवाड़ी सम्मेलन, झरिया के संयुक्त सचिव मोहित अग्रवाल, राष्ट्रीय संयोजक विवेक लील्हा, प्रांतीय संयोजक डॉ. मनीष शर्मा, शाखा अध्यक्ष श्रीमती किरण शर्मा, कार्यक्रम संयोजक निक्की अग्रवाल तथा प्रशिक्षक आबदा परवीन एवं राखी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

पहले दिन सिखाए गए डांडिया-गरबा के बेसिक स्टेप्स

प्रशिक्षण के पहले दिन प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को डांडिया और गरबा के शुरुआती स्टेप्स के साथ-साथ ताल, लय और विभिन्न नृत्य मुद्राओं का अभ्यास कराया। संगीत की धुन पर महिलाओं और बालिकाओं ने पूरे जोश के साथ स्टेप्स को दोहराया। पहली ही कक्षा में प्रतिभागियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने न केवल नए डांस स्टेप्स सीखे, बल्कि एक-दूसरे के साथ सामूहिक रूप से तालमेल बनाकर गरबा और डांडिया की प्रस्तुति का भी अभ्यास किया।

महिलाओं और बालिकाओं को संस्कृति से जोड़ने की पहल

मारवाड़ी युवा मंच, झरिया शाखा की ओर से बताया गया कि इस निःशुल्क कार्यशाला का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ना, उनके आत्मविश्वास को बढ़ाना और आगामी नवरात्रि उत्सव के लिए उन्हें तैयार करना है।आयोजकों का कहना है कि डांडिया और गरबा केवल नृत्य का माध्यम नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, परंपरा, सामूहिक उत्सव और आपसी मेल-जोल का भी प्रतीक है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए प्रतिभागियों को बिना किसी शुल्क के प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

प्रशिक्षक बोलीं- डांडिया-गरबा संस्कृति और उत्सव का प्रतीक

प्रशिक्षक आबदा मैडम ने कहा कि डांडिया और गरबा केवल नृत्य नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा, उमंग और सामूहिक उत्सव का प्रतीक है। इस कार्यशाला के जरिए महिलाओं और बालिकाओं को बिना किसी शुल्क के गरबा एवं डांडिया सीखने का अवसर दिया जा रहा है, ताकि वे आगामी उत्सव में पूरे आत्मविश्वास के साथ भाग ले सकें।उन्होंने कहा कि पहले दिन ही प्रतिभागियों में जिस तरह का उत्साह देखने को मिला, उससे काफी खुशी हुई है। आने वाले दिनों में प्रतिभागियों को और बेहतर तथा आकर्षक डांस स्टेप्स का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

कई सदस्य और बड़ी संख्या में प्रतिभागी रहे मौजूद

कार्यक्रम में शाखा सचिव सन्नी अग्रवाल, मंच सदस्य खुशबू अग्रवाल, समृद्धि शाखा की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती विनीता लील्हा सहित कई महिलाएं, बालिकाएं और बड़ी संख्या में प्रतिभागी मौजूद रहे। आयोजकों के अनुसार, प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को क्रमबद्ध तरीके से डांडिया एवं गरबा के विभिन्न स्टेप्स सिखाए जाएंगे। इससे प्रतिभागी आगामी नवरात्रि और गरबा आयोजनों में बेहतर तरीके से प्रस्तुति दे सकेंगे।

10 अक्टूबर तक चलेगी निःशुल्क कार्यशाला

छह दिवसीय यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 5 अक्टूबर से 10 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। कार्यशाला का आयोजन प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक किया जाएगा। पहले दिन ही महिलाओं और बालिकाओं की अच्छी भागीदारी और उत्साह ने आयोजकों का उत्साह बढ़ा दिया। आने वाले दिनों में प्रशिक्षण के साथ डांडिया-गरबा की तैयारियां और भी जोर पकड़ने की उम्मीद है।