Highlights:

  • SAIL के दो वरिष्ठ अधिकारियों का स्टील इंडस्ट्री सेफ्टी डायरेक्टोरेट में तबादला
  • बोकारो इस्पात संयंत्र के महाप्रबंधक विकास गुप्ता को नई जिम्मेदारी
  • इस्को बर्नपुर के मुख्य महाप्रबंधक अजय शर्मा भी SISD में तैनात
  • दोनों अधिकारियों की नियुक्ति तीन साल के लिए की गई

नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk): स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) प्रबंधन ने दो वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला स्टील इंडस्ट्री सेफ्टी डायरेक्टोरेट (SISD) में कर दिया है। इनमें बोकारो इस्पात संयंत्र (BSL) के सेफ्टी विभाग में कार्यरत महाप्रबंधक विकास गुप्ता और इस्को बर्नपुर इस्पात संयंत्र के मुख्य महाप्रबंधक अजय शर्मा शामिल हैं। इस संबंध में सेल प्रबंधन की ओर से आदेश जारी कर दिया गया है।

दोनों अधिकारियों की नियुक्ति इस्पात मंत्रालय के अधीन संचालित स्टील इंडस्ट्री सेफ्टी डायरेक्टोरेट में तीन साल के लिए की गई है। इस नियुक्ति के दौरान दोनों अधिकारियों का वेतन, भत्ते और अन्य सेवा संबंधी लाभ उनकी मौजूदा कंपनी इकाई के माध्यम से जारी रहेंगे।

तीन साल के लिए SISD में मिली जिम्मेदारी

सेल प्रबंधन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, विकास गुप्ता और अजय शर्मा को तीन साल की अवधि के लिए स्टील इंडस्ट्री सेफ्टी डायरेक्टोरेट में तैनात किया गया है। इस दौरान दोनों अधिकारी अपनी मौजूदा इकाई के कर्मचारी बने रहेंगे। नियुक्ति के बाद भी उनके वेतनमान के अनुसार वेतन, भत्ते और अन्य सुविधाओं में बदलाव नहीं होगा। सेवा से जुड़े लाभ उनकी वर्तमान कंपनी इकाई के माध्यम से यथावत जारी रहेंगे।

बोकारो इस्पात संयंत्र में सेफ्टी विभाग से जुड़े हैं विकास गुप्ता

विकास गुप्ता वर्तमान में बोकारो इस्पात संयंत्र के सेफ्टी विभाग में महाप्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं। अब उन्हें SISD में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। बोकारो इस्पात संयंत्र देश के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के इस्पात उत्पादकों में शामिल है। ऐसे में संयंत्र के वरिष्ठ अधिकारी की नई नियुक्ति को प्रबंधन के महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसले के रूप में देखा जा रहा है।

बर्नपुर के सीजीएम अजय शर्मा भी SISD में तैनात

इस्को बर्नपुर इस्पात संयंत्र के मुख्य महाप्रबंधक अजय शर्मा का भी तबादला स्टील इंडस्ट्री सेफ्टी डायरेक्टोरेट में किया गया है। अजय शर्मा बर्नपुर से पहले बोकारो इस्पात संयंत्र में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनका तबादला बोकारो इस्पात संयंत्र से ही बर्नपुर इस्पात संयंत्र में किया गया था। अब उन्हें तीन साल के लिए SISD में तैनात किया गया है।

वेतन और अन्य सुविधाएं मिलती रहेंगी

इस नियुक्ति की एक महत्वपूर्ण बात यह है कि SISD में कार्य करने के बावजूद दोनों अधिकारियों का सेवा संबंध उनकी मौजूदा कंपनी इकाई से बना रहेगा। उनके वेतन, भत्ते और अन्य सेवा संबंधी लाभ पहले की तरह जारी रहेंगे। यानी नई जिम्मेदारी के दौरान उनके वेतनमान और निर्धारित सुविधाओं पर कोई बदलाव नहीं होगा।