बिहटा एयरपोर्ट का नाम बदलने की मांग तेज, संसद में उठा स्वामी सहजानंद सरस्वती का नाम
बिहटा एयरपोर्ट का नाम स्वामी सहजानंद सरस्वती के नाम पर रखने की मांग राज्यसभा में उठी। सांसद डॉ. भीम सिंह ने इसे किसानों और किसान आंदोलनों को राष्ट्रीय सम्मान देने वाला कदम बताया।
Highlights:
- राज्यसभा में डॉ. भीम सिंह ने बिहटा एयरपोर्ट का नाम बदलने की मांग उठाई
- प्रस्तावित नाम ‘स्वामी सहजानंद सरस्वती अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, बिहटा’ रखने का सुझाव
- डॉ. भीम सिंह ने स्वामी सहजानंद को स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक और किसान आंदोलन का अग्रदूत बताया
- सांसद विवेक ठाकुर भी मई में मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान यही मांग रख चुके हैं
पटना (Threesocieties.com Desk): बिहार में प्रस्तावित बिहटा हवाई अड्डे के नामकरण को लेकर मांग अब संसद तक पहुंच गई है। राज्यसभा सदस्य डॉ. भीम सिंह ने बुधवार को विशेष उल्लेख के जरिए सदन में बिहटा एयरपोर्ट का नाम ‘स्वामी सहजानंद सरस्वती अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, बिहटा’ रखने की मांग उठाई। उन्होंने केंद्र सरकार से इस दिशा में आवश्यक पहल करने का आग्रह किया।
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डॉ. भीम सिंह ने कहा कि स्वामी सहजानंद सरस्वती बिहार की धरती के महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रखर राष्ट्रवादी, समाज सुधारक और किसान आंदोलन के अग्रदूत थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन किसानों, वंचितों और शोषित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई के लिए समर्पित किया।
किसान आंदोलन को नई दिशा देने वाले नेता थे स्वामी सहजानंद
राज्यसभा सदस्य ने कहा कि स्वामी सहजानंद सरस्वती ने अखिल भारतीय किसान सभा की स्थापना कर देश में किसान चेतना को नई दिशा दी थी। स्वतंत्रता आंदोलन में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। किसानों के अधिकारों और उनके हितों को लेकर उनके संघर्ष का प्रभाव बिहार ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों में देखने को मिला।
डॉ. भीम सिंह के अनुसार, आज भी बिहार सहित देश के करोड़ों किसान स्वामी सहजानंद सरस्वती को अपने प्रेरणास्रोत के रूप में सम्मान देते हैं। ऐसे में बिहटा जैसे महत्वपूर्ण हवाई अड्डे का नाम उनके नाम पर रखना उनके योगदान को स्थायी राष्ट्रीय पहचान देने की दिशा में बड़ा कदम होगा।
बिहार के विकास का प्रमुख केंद्र बनेगा बिहटा एयरपोर्ट
डॉ. भीम सिंह ने सदन में कहा कि पटना के निकट विकसित हो रहा बिहटा हवाई अड्डा आने वाले समय में बिहार के विकास, निवेश, उद्योग, पर्यटन और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय संपर्क का महत्वपूर्ण केंद्र बनने जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ऐसे महत्वपूर्ण हवाई अड्डे का नाम ‘स्वामी सहजानंद सरस्वती अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, बिहटा’ रखा जाता है तो यह सिर्फ एक महान स्वतंत्रता सेनानी का सम्मान नहीं होगा, बल्कि देश के करोड़ों किसानों, कृषि परंपरा और किसान आंदोलनों के ऐतिहासिक योगदान को भी राष्ट्रीय सम्मान मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी इस मांग का कई अन्य सांसदों ने लिखित समर्थन किया है।
पहले भी उठ चुकी है नामकरण की मांग
बिहटा एयरपोर्ट के नामकरण को लेकर यह मांग पहली बार नहीं उठी है। इससे पहले मई महीने में सांसद विवेक ठाकुर ने भी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात के दौरान इस मुद्दे को उठाया था। पटना में मुख्यमंत्री से हुई शिष्टाचार मुलाकात के दौरान बिहार के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई थी। इसी दौरान विवेक ठाकुर ने बिहार की महान विभूतियों की जन्मस्थली को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया था।
नई पीढ़ी को महान विभूतियों से जोड़ने पर जोर
विवेक ठाकुर ने कहा था कि बिहार की महान विभूतियों की जन्मस्थली को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने से नई पीढ़ी को उनके विचारों, संघर्ष और योगदान से प्रेरणा मिल सकेगी। इसके साथ ही इन क्षेत्रों के समग्र विकास को भी गति मिलेगी। इसी क्रम में उन्होंने प्रस्तावित बिहटा एयरपोर्ट का नाम देश में किसान आंदोलन के जनक, आधुनिक भारत के प्रमुख किसान-मजदूर नेताओं में शामिल और महान स्वतंत्रता सेनानी स्वामी सहजानंद सरस्वती के नाम पर रखने का आग्रह मुख्यमंत्री से किया था।
संसद में उठने के बाद मांग को मिली नई धार
अब राज्यसभा में डॉ. भीम सिंह द्वारा इसी मांग को उठाए जाने के बाद बिहटा एयरपोर्ट के नामकरण का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। एक ओर जहां बिहटा एयरपोर्ट को बिहार के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर के तौर पर देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसके नाम को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर सुझाव सामने आ रहे हैं।
स्वामी सहजानंद सरस्वती का नाम बिहार के किसान आंदोलन के इतिहास से गहराई से जुड़ा रहा है। ऐसे में समर्थकों का तर्क है कि एयरपोर्ट का नाम उनके नाम पर रखने से बिहार के किसान संघर्ष और स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।
अब नजर इस बात पर है कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार इस मांग पर क्या रुख अपनाती हैं और क्या बिहटा एयरपोर्ट के नामकरण को लेकर आगे कोई औपचारिक निर्णय लिया जाता है।




