Dhanbad : BCCL ने बदली कोकिंग कोयले की कीमतें, 14 अक्टूबर की रात से नई दरें लागू
BCCL ने गैर-विनियमित क्षेत्र के लिए कोकिंग कोयले की नई दरें जारी कीं। प्राइम कोकिंग कोल, एचवीएमसी और वाशरी ग्रेड की संशोधित कीमतें 14 अक्टूबर 2026 से लागू होंगी। पूरी मूल्य सूची पढ़ें।
HighLights:
- BCCL ने गैर-विनियमित क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए कोकिंग कोयले की कीमतों में किया संशोधन
- नई दरें 14 अक्टूबर 2026 की मध्यरात्रि से होंगी प्रभावी होंगी
- प्राइम कोकिंग कोल स्टील ग्रेड-1 की आधार कीमत 7,000 रुपये प्रति टन तय की गई
- स्टील ग्रेड-2 की कीमत 6,500 रुपये और डायरेक्ट फीड की कीमत 6,750 रुपये प्रति टन
धनबााद (Threesocieties.com Desk): भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) ने गैर-विनियमित क्षेत्र (Non-Regulated Sector) के उपभोक्ताओं के लिए कच्चे कोकिंग कोयले की कीमतों में संशोधन किया है। कंपनी की ओर से जारी आदेश के अनुसार, कोकिंग कोयले की नई आधार दरें 14 अक्टूबर 2026 की मध्यरात्रि से प्रभावी होंगी। इस फैसले के तहत प्राइम कोकिंग कोल और एचवीएमसी कोयले के विभिन्न ग्रेडों की कीमतों में बदलाव किया गया है।
BCCL के निदेशक मंडल की मंगलवार को हुई 447वीं बैठक में कीमतों में संशोधन का निर्णय लिया गया। इसके बाद कंपनी के बिक्री विभाग ने संशोधित दरों से संबंधित आदेश जारी किया। अधिसूचना के मुताबिक, अलग-अलग ग्रेड के कोयले की कीमतों में करीब एक से 12 प्रतिशत तक बदलाव किया गया है।
प्राइम कोकिंग कोल की नई दरें जारी
BCCL की ओर से जारी संशोधित मूल्य सूची के अनुसार, प्राइम कोकिंग कोल के स्टील ग्रेड-1 की आधार कीमत 7,000 रुपये प्रति टन निर्धारित की गई है। स्टील ग्रेड-2 की कीमत 6,500 रुपये प्रति टन और डायरेक्ट फीड ग्रेड की कीमत 6,750 रुपये प्रति टन तय की गई है। ये दरें गैर-विनियमित क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए लागू होंगी। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि संशोधन का दायरा संबंधित आदेश में निर्धारित उपभोक्ता श्रेणियों तक सीमित है।
वाशरी ग्रेड के कोयले की कीमतें भी संशोधित
प्राइम कोकिंग कोल के अलावा वाशरी ग्रेड के कोयले की दरों में भी बदलाव किया गया है। नई मूल्य सूची में डब्ल्यू-1 से लेकर डब्ल्यू-6 ग्रेड तक के कोयले की कीमतें निर्धारित की गई हैं। एचवीएमसी कोयले के लिए भी अलग-अलग ग्रेड के अनुसार दरें जारी की गई हैं।
कोकिंग कोयले की संशोधित आधार कीमतें
सभी दरें रुपये प्रति टन में
| कोयले का ग्रेड | प्राइम कोकिंग कोल | एचवीएमसी कोयला |
|---|---|---|
| स्टील ग्रेड-1 | 7,000 | लागू नहीं |
| स्टील ग्रेड-2 | 6,500 | लागू नहीं |
| डायरेक्ट फीड | 6,750 | लागू नहीं |
| डब्ल्यू-1 | 5,290 | 4,450 |
| डब्ल्यू-2 | 4,480 | 4,260 |
| डब्ल्यू-3 | 3,700 | 3,600 |
| डब्ल्यू-4 | 3,350 | 3,190 |
| डब्ल्यू-5 | 2,960 | 2,860 |
| डब्ल्यू-6 | 2,700 | 2,560 |
उपरोक्त दरें कंपनी के आदेश में उल्लिखित आधार कीमतें हैं। अंतिम भुगतान में अन्य लागू शुल्क और कर अलग से जोड़े जाएंगे।
बिजली क्षेत्र को छोड़कर इन उपभोक्ताओं के लिए लागू होंगी दरें
आदेश के अनुसार, एचवीएमसी कोयले की संशोधित कीमतें बिजली क्षेत्र को छोड़कर अन्य गैर-विनियमित क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए निर्धारित की गई हैं। इसके अलावा उर्वरक और रक्षा क्षेत्र से संबंधित उपभोक्ताओं के लिए भी आदेश में प्रावधान किए गए हैं। संशोधित मूल्य व्यवस्था के तहत उपभोक्ताओं को संबंधित ग्रेड और उनकी श्रेणी के अनुसार निर्धारित आधार कीमत का भुगतान करना होगा। लागू शर्तों के अनुसार अंतिम बिल की गणना की जाएगी।
आधार कीमत के अतिरिक्त देने होंगे शुल्क और टैक्स
BCCL ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि जारी की गई दरें अधिसूचित आधार कीमतें हैं। इनके अतिरिक्त उपभोक्ताओं को नियमानुसार लागू अन्य शुल्क और करों का भुगतान भी करना होगा। इनमें एसटीसी, एसएलसी, आकार के अनुसार छंटाई शुल्क, निकासी शुल्क, रॉयल्टी, जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT), राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण ट्रस्ट (NMET) और जीएसटी सहित अन्य लागू कर शामिल हैं।कोयले की आपूर्ति एफओआर (FOR) अथवा एफओबी (FOB) आधार पर, जैसा संबंधित मामले में लागू हो, की जाएगी। इसलिए केवल घोषित आधार कीमत को ही कोयले की अंतिम खरीद लागत नहीं माना जा सकता।
एनआरएस लिंकेज नीलामी के उपभोक्ताओं के लिए भी प्रावधान
कंपनी के आदेश में एनआरएस लिंकेज नीलामी के उपभोक्ताओं के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है। ट्रेंच-6 से आगे के मामलों में 31 मार्च 2026 की अधिसूचना संख्या 2312 के अनुसार अधिसूचित आधार मूल्य और निर्धारित परिवर्तित मूल्य में से जो अधिक होगा, वही लागू किया जाएगा। यह व्यवस्था एनआरएस सीपीएसई, एसएनए और कोल इंडिया की ई-नीलामी योजना के उपभोक्ताओं पर भी लागू होगी।
14 अक्टूबर की मध्यरात्रि से प्रभावी होंगी नई दरें
BCCL की संशोधित मूल्य सूची 14 अक्टूबर 2026 की रात 12 बजे से लागू होगी। इसके बाद संबंधित श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए कोकिंग कोयले की बिक्री नई आधार कीमतों के अनुसार की जाएगी। कोकिंग कोयला इस्पात उत्पादन और कोक निर्माण के लिए महत्वपूर्ण कच्चा माल है। ऐसे में इसकी कीमतों में होने वाले बदलाव का असर संबंधित औद्योगिक उपभोक्ताओं की खरीद लागत पर पड़ सकता है। हालांकि, वास्तविक लागत कोयले के ग्रेड, लागू शुल्क, कर और आपूर्ति की शर्तों पर निर्भर करेगी।




