HighLights:
- फैसला आने के बाद रघुकुल में जश्न, परिवार और समर्थकों ने मिठाई बांटकर खुशी जताई
- पूर्णिमा सिंह ने कहा- मां भगवती की कृपा है कि आज घर का बच्चा घर में है
- मृतक रंजय सिंह के भाई संजय सिंह ने कहा कि फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी
- हर्ष सिंह ने कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर भरोसा था और वह शुरू से खुद को निर्दोष बताते रहे
धनबाद (Threesocieties.com Desk): धनबाद के बहुचर्चित रंजय सिंह हत्याकांड में शनिवार को अदालत का फैसला आया। अदालत ने कांग्रेस नेता हर्ष सिंह को मामले में आरोपों से बरी कर दिया। फैसला आने के बाद हर्ष सिंह के परिवार और समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। वहीं, मृतक रंजय सिंह के बड़े भाई संजय सिंह ने फैसले को निराशाजनक बताया और कहा कि उनका परिवार इस निर्णय से संतुष्ट नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी।

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अदालत के फैसले के बाद रघुकुल में जश्न
हर्ष सिंह को अदालत से राहत मिलने के बाद झरिया स्थित रघुकुल में खुशी का माहौल देखने को मिला। परिवार के सदस्यों और समर्थकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जताई। हर्ष सिंह की मौसी सरोजनी देवी ने उन्हें मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं। फैसले के बाद परिवार और समर्थकों ने इसे न्याय की जीत बताया। घर में मौजूद लोगों के बीच लंबे समय से चल रही न्यायिक प्रक्रिया के समाप्त होने पर राहत का माहौल रहा।

हर्ष सिंह बोले- न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा था
अदालत से बरी होने के बाद हर्ष सिंह ने कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा था। उन्होंने कहा कि वह शुरुआत से ही खुद को निर्दोष बताते रहे हैं और उन्हें विश्वास था कि न्यायालय से उन्हें राहत मिलेगी।हर्ष सिंह ने अदालत के फैसले पर संतोष जताते हुए कहा कि न्यायिक प्रक्रिया में उनका विश्वास बना रहा। फैसले के बाद उनके समर्थकों ने भी खुशी जाहिर की।
अभिषेक सिंह ने कहा- गलत तरीके से आरोपित किया गया
कांग्रेस नेता और हर्ष सिंह के मौसेरे भाई अभिषेक सिंह ने भी अदालत के फैसले पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि हर्ष सिंह को इस मामले में गलत तरीके से आरोपित किया गया था। उनका कहना था कि परिवार शुरू से ही न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष रखता रहा है। अदालत के फैसले के बाद परिवार ने राहत की सांस ली है।
पूर्णिमा सिंह ने जताई खुशी
झरिया की पूर्व विधायक और कांग्रेस नेत्री पूर्णिमा सिंह ने भी अदालत के फैसले पर खुशी और राहत जताई। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से उन्हें संतोष मिला है। पूर्णिमा सिंह ने कहा, “मां भगवती की कृपा है कि आज घर का बच्चा घर में है।” उन्होंने न्यायिक प्रक्रिया में विश्वास जताते हुए कहा कि परिवार को न्याय व्यवस्था पर भरोसा है और आगे की प्रक्रिया भी कानून के अनुसार चलेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि एक अन्य मामले में न्यायिक प्रक्रिया अभी जारी है और उसमें भी अदालत के निर्णय की प्रतीक्षा है। पूर्णिमा सिंह के अनुसार, न्यायिक प्रक्रिया के दौरान हाई कोर्ट की ओर से दो बार नोटिस किया गया था। उन्होंने कहा कि अदालत के फैसले का सम्मान किया जाएगा और आगे की कानूनी प्रक्रिया भी कानून के अनुसार ही चलेगी।
रंजय सिंह के भाई संजय सिंह बोले- फैसला निराशाजनक
दूसरी ओर, मृतक रंजय सिंह के बड़े भाई संजय सिंह फैसले के समय अदालत में मौजूद थे। फैसला आने के बाद उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए निराशाजनक बताया। संजय सिंह ने कहा कि उनके परिवार को इस तरह के फैसले की उम्मीद नहीं थी। हालांकि उन्होंने न्यायालय के फैसले का सम्मान करने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिवार आगे की लड़ाई कानूनी तरीके से लड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह अंतिम न्यायिक मंच नहीं है और परिवार अदालत के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देगा।
आक्रोश मार्च या कैंडल मार्च पर क्या बोले संजय सिंह?
फैसले के विरोध में आक्रोश मार्च या कैंडल मार्च निकाले जाने के सवाल पर संजय सिंह ने कहा कि उनका परिवार कानून में विश्वास रखता है। उन्होंने कहा कि मामले की लड़ाई सड़क पर नहीं, बल्कि कानूनी तरीके से लड़ी जाएगी। उन्होंने संकेत दिया कि परिवार अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर ध्यान देगा और उच्च न्यायालय का रुख करेगा।
रंजय सिंह हत्याकांड में लंबे समय से चल रही थी न्यायिक प्रक्रिया
रंजय सिंह हत्याकांड धनबाद के चर्चित आपराधिक मामलों में रहा है। मामले में लंबे समय तक जांच और न्यायिक प्रक्रिया चली। शनिवार को अदालत के फैसले के साथ हर्ष सिंह को मामले में बड़ी राहत मिली। फैसले के बाद जहां हर्ष सिंह के परिवार और समर्थकों ने खुशी जताई, वहीं रंजय सिंह के परिवार ने फैसले को चुनौती देने का फैसला किया है। ऐसे में मामले की कानूनी प्रक्रिया अब उच्च न्यायालय में आगे बढ़ने की संभावना है।
फिलहाल, अदालत के फैसले के बाद दोनों पक्षों की प्रतिक्रियाएं सामने आ चुकी हैं। एक तरफ हर्ष सिंह और उनके परिवार ने फैसले का स्वागत किया है, जबकि दूसरी तरफ रंजय सिंह के भाई संजय सिंह ने इसे चुनौती देने की बात कही है।