Dhanbad: सरकारी नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी, पंकज गुप्ता को पुलिस ने किया गिरफ्तार
धनबाद में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 6 से 20 लाख रुपये तक ठगी का आरोप। बैंक मोड़ निवासी पंकज गुप्ता गिरफ्तार, पुलिस कर रही पूरे नेटवर्क की जांच।
HighLights:
- सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 6 से 20 लाख रुपये तक लेने का आरोप
- शिक्षा, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग में नौकरी का झांसा देने की शिकायत
- कुछ लोगों को कथित तौर पर फर्जी ज्वाइनिंग लेटर देने का आरोप
- धनबाद, झरिया, बैंक मोड़ और पलामू में शिकायतों/मामलों की जानकारी जुटा रही पुलिस
धनबाद (Threesocieties.com Desk): सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि शिक्षा, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर कई लोगों से 6 लाख रुपये से लेकर 20 लाख रुपये तक लिये गये। इतना ही नहीं, नौकरी के नाम पर कुछ लोगों को कथित तौर पर ज्वाइनिंग लेटर भी उपलब्ध कराये गये। बाद में दस्तावेजों की जांच कराने पर उनके फर्जी होने की जानकारी सामने आने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।

मामले में धनबाद सदर थाना पुलिस ने बैंक मोड़ निवासी पंकज गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ के साथ-साथ उससे जुड़े अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर अब तक कितने लोगों से रकम ली गयी और इस कथित ठगी में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
सरकारी नौकरी का भरोसा देकर लाखों रुपये लेने का आरोप
धनबाद थाना पहुंचे शिकायतकर्ताओं के अनुसार, पंकज गुप्ता ने उन्हें सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। बताया गया कि शिक्षा, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग में विभिन्न पदों पर नियुक्ति कराने की बात कही गयी थी। नौकरी की उम्मीद में कई लोगों ने आरोपी को बड़ी रकम दी। शिकायतों के मुताबिक, अलग-अलग लोगों से 6 लाख से लेकर 20 लाख रुपये तक लिये गये। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि रकम लेने के बाद उन्हें नौकरी में योगदान से संबंधित दस्तावेज और कथित ज्वाइनिंग लेटर दिये गये। जब इन दस्तावेजों की संबंधित विभागों से जांच करायी गयी, तो उनके फर्जी होने की जानकारी मिली। इसके बाद लोगों ने पुलिस से शिकायत की और पूरे मामले की जांच शुरू हुई।
फर्जी ज्वाइनिंग लेटर से खुला मामला
मामले में कथित फर्जी ज्वाइनिंग लेटर सामने आने के बाद शिकायतकर्ताओं का संदेह और गहरा गया। दस्तावेजों की सत्यता की जांच के बाद जब नौकरी से संबंधित दावे सही नहीं मिले, तो पुलिस से संपर्क किया गया। पुलिस अब उन सभी दस्तावेजों की भी जांच कर रही है, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर नौकरी दिलाने के नाम पर किया गया था। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि दस्तावेज कहां तैयार किये गये और इन्हें तैयार कराने या उपलब्ध कराने में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
कई जगह शिकायतों की जानकारी, पुलिस जोड़ रही कड़ियां
पुलिस के अनुसार, पंकज गुप्ता के खिलाफ धनबाद, झरिया, बैंक मोड़ और पलामू समेत अलग-अलग स्थानों के थानों में ठगी से संबंधित शिकायतें या मामलों की जानकारी सामने आयी है। पुलिस इन शिकायतों को आपस में जोड़कर पूरे मामले की पड़ताल कर रही है। जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि आरोपी ने किन-किन लोगों से संपर्क किया था और नौकरी दिलाने के नाम पर कुल कितनी रकम की कथित वसूली की गयी। इसके साथ ही पुलिस शिकायतकर्ताओं के बयान, लेन-देन से जुड़े दस्तावेज, कथित नियुक्ति पत्र और अन्य साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बना रही है।
आरोपी के पिता ने भी लगाया मारपीट का आरोप
मामले में आरोपी पंकज गुप्ता के पिता उदय कुमार गुप्ता का बयान भी सामने आया है। उन्होंने अपने बेटे की कथित गतिविधियों का विरोध करने की बात कही है।उदय कुमार गुप्ता का आरोप है कि बेटे के कथित ठगी के काम का विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गयी। पुलिस इस आरोप से जुड़े तथ्यों की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि पारिवारिक विवाद और ठगी से जुड़े आरोपों के बीच क्या संबंध है।
भाई की भूमिका भी पुलिस जांच के दायरे में
पुलिस अब आरोपी के भाई की भूमिका की भी जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से संपर्क करने, रकम लेने, नौकरी का भरोसा दिलाने अथवा कथित फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराने में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। पुलिस पूछताछ के जरिए इस पूरे मामले से जुड़े लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। अगर जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
कितने लोगों से हुई ठगी? रकम का भी पता लगा रही पुलिस
पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस कथित नौकरी ठगी का दायरा कितना बड़ा है। कितने लोगों ने आरोपी को रकम दी और कुल कितनी राशि का लेन-देन हुआ, इसकी जानकारी जुटायी जा रही है। पुलिस अलग-अलग शिकायतों के आधार पर पीड़ितों और कथित लेन-देन की जानकारी को एकत्र कर रही है। इससे मामले में कथित ठगी की कुल रकम और नेटवर्क के विस्तार का पता चल सकता है।
सिटी एसपी ने कहा- शिकायतों की जांच जारी
सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव के अनुसार, पंकज गुप्ता के खिलाफ कई लोगों ने आवेदन दिया है। पुलिस सभी शिकायतों की जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर उनके संबंध में भी जांच की जाएगी।
पुलिस खंगाल रही दस्तावेज और लेन-देन
मामले की जांच में पुलिस कथित नौकरी के नाम पर दिये गये दस्तावेजों के साथ-साथ पैसों के लेन-देन से जुड़े साक्ष्यों को भी खंगाल रही है। जांच के दौरान यह महत्वपूर्ण होगा कि शिकायतकर्ताओं और आरोपी के बीच हुए संपर्क तथा आर्थिक लेन-देन से संबंधित क्या-क्या तथ्य सामने आते हैं।फिलहाल पंकज गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद ही कथित ठगी की वास्तविक रकम, पीड़ितों की संख्या और इसमें शामिल अन्य लोगों की तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
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