धनबाद: भटिंडा फॉल में जन्मदिन की खुशियां मातम में बदलीं, भतीजे को बचाने उतरे चाचा भी डूबे

धनबाद के भटिंडा फॉल में जन्मदिन मनाने पहुंचे 17 वर्षीय आयुष और उसके 38 वर्षीय चाचा प्रजीत की डूबने से मौत हो गई। भतीजे को बचाने उतरे चाचा भी तेज बहाव में बह गए। लगातार हादसों के बीच सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

धनबाद: भटिंडा फॉल में जन्मदिन की खुशियां मातम में बदलीं, भतीजे को बचाने उतरे चाचा भी डूबे
भटिंडा फॉल के तट पर जुटे लोग और पुलिस।

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      Highlights:

  • भटिंडा फॉल में जन्मदिन मनाने पहुंचे चाचा-भतीजे की डूबने से मौत
  • भतीजे आयुष को बचाने पानी में उतरे चाचा प्रजीत भी तेज बहाव में बहे
  • करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोरों ने दोनों के शव निकाले
  • लगातार हादसों के बावजूद भटिंडा फॉल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

धनबाद (Threesocieties.com Desk): जोगता थाना क्षेत्र के मोदीडीह बस्ती निवासी 38 वर्षीय प्रजीत कुमार पांडेय अपने 17 वर्षीय भतीजे आयुष पांडेय और तीन दोस्तों के साथ दोपहर करीब दो बजे दो बाइक से भटिंडा फॉल पहुंचे थे। आयुष का जन्मदिन था और इसी मौके पर सभी दोस्त मिलकर वहां जन्मदिन मनाने पहुंचे थे।

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आयुष सिजुआ स्थित शहीद शक्तिनाथ महतो मेमोरियल इंटर कॉलेज में इंटर विज्ञान संकाय का छात्र था। उसके साथ अधिराज कुमार दास, धीरज कुमार दास और अंशु कुमार भी मौजूद थे। सभी लोग फॉल के ऊपर की ओर जन्मदिन मनाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान आयुष फोटो लेने के लिए पानी के पास चला गया। दोस्तों के मुताबिक, अचानक आयुष के चीखने की आवाज सुनाई दी।

भतीजे की चीख सुनकर बचाने दौड़े चाचा

आयुष को पानी में मुश्किल में देख उसके चाचा प्रजीत कुमार पांडेय उसे बचाने के लिए तत्काल नीचे उतर गए। उन्होंने भतीजे को बचाने का प्रयास किया, लेकिन पानी का बहाव बेहद तेज था। देखते ही देखते दोनों तेज बहाव की चपेट में आ गए और पानी में डूब गए। दोस्तों ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी। कुछ ही देर में मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। घटना की सूचना मुनीडीह ओपी पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से दोनों की तलाश शुरू कराई गई।

एक घंटे की मशक्कत के बाद मिले दोनों के शव

घटना के बाद भटिंडा फॉल के गोताखोरों ने पानी में दोनों की तलाश शुरू की। गोताखोर विश्वनाथ बाउरी, मुकेश महतो, लालू महतो, बबली बाउरी और सुबोध महतो ने करीब एक घंटे तक कड़ी मशक्कत की। इसके बाद दोनों के शव पानी से बाहर निकाले गए। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना की खबर जैसे ही सिजुआ इलाके में पहुंची, मोदीडीह बस्ती में मातम पसर गया। एक ही परिवार के चाचा और भतीजे की मौत की खबर सुनकर बड़ी संख्या में लोग उनके घर पहुंचने लगे। स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

भटिंडा फॉल में लगातार हादसे, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

भटिंडा फॉल में लगातार हो रहे हादसों ने एक बार फिर पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में यहां कई लोग डूबने से बचे हैं, जबकि कुछ लोगों की जान भी जा चुकी है। 31 जुलाई को सरिया से आए एक युवक की डूबने से मौत हुई थी।

इसके बाद एक अगस्त को पश्चिम बंगाल से आए एक परिवार का सदस्य पानी में डूबने लगा था। सुरक्षा प्रहरी नितेश महतो और एक अन्य व्यक्ति की तत्परता से उसे बचाया गया।

वहीं नौ अगस्त को बोकारो से आए पांच युवक भी पानी में डूबने लगे थे। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। इसके अलावा करीब आधा दर्जन युवकों को स्थानीय गोताखोरों ने अलग-अलग मौकों पर डूबने से बचाया है।

बैठक के बावजूद नहीं थम रहे हादसे

भटिंडा फॉल में लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए एक अगस्त को फॉल में संचालित समिति के सदस्यों, पुटकी सीओ विकास आनंद, मुनीडीह ओपी प्रभारी मनीता कुमारी और स्थानीय लोगों की बैठक हुई थी। बैठक में पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर कई मुद्दों पर चर्चा की गई थी। इसके बावजूद मंगलवार को दो लोगों की जान चली गई। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है।

खतरनाक स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग

स्थानीय लोगों का कहना है कि भटिंडा फॉल में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। कई खतरनाक स्थानों पर चेतावनी और सुरक्षा संबंधी बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। सुरक्षा गार्ड भी हमेशा तैनात नहीं रहते। पर्यटक अक्सर खतरनाक स्थानों पर जाने से मना करने के बावजूद फोटो और सेल्फी लेने के लिए पानी के तेज बहाव वाले हिस्से तक पहुंच जाते हैं। ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि फॉल के खतरनाक हिस्सों में स्पष्ट चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, स्थायी सुरक्षा गार्ड की तैनाती की जाए और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में पर्यटकों के प्रवेश पर सख्ती से रोक लगाई जाए।

एक घर से उठी चाचा-भतीजे की अर्थी

मोदीडीह बस्ती निवासी स्वर्गीय कमला पांडेय के पुत्र प्रजीत पांडेय और पोते आयुष कुमार पांडेय की मौत की खबर से पूरा इलाका गम में डूब गया। एक ही परिवार के चाचा-भतीजे की एक साथ मौत ने हर किसी को झकझोर दिया है। स्वजनों के मुताबिक, आयुष मंगलवार सुबह कॉलेज पढ़ने गया था। जन्मदिन मनाने की खुशी में उसने अपने चाचा प्रजीत को भी साथ चलने के लिए बुलाया था। किसी को अंदाजा नहीं था कि जन्मदिन की यह खुशी कुछ ही घंटों में परिवार के लिए जिंदगी का सबसे बड़ा दुख बन जाएगी। आयुष पुरोहित अजीत पांडेय का बड़ा बेटा था। अजीत और प्रजीत दोनों पूजा-पाठ कर परिवार का जीवनयापन करते थे। हादसे के बाद घर में चीख-पुकार मची हुई है और पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

भटिंडा फॉल की यह घटना एक बार फिर सवाल छोड़ गई है कि आखिर पर्यटकों की सुरक्षा के लिए ठोस इंतजाम कब किए जाएंगे। लगातार हो रहे हादसों के बीच अब प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह खतरनाक क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करे, ताकि किसी और परिवार की खुशियां इस तरह मातम में न बदलें।