धनबाद: कतरास में 20 फीट धंसी जमीन, देखते ही देखते समा गए 10 घर; सीढ़ी के सहारे बचाई गई 8 जिंदगियां

धनबाद के कतरास के छाताबाद में बड़ा भू-धंसान। 20 फीट जमीन धंसने से 10 घर जमींदोज हो गए। घर में फंसे 8 लोगों को स्थानीय लोगों ने सीढ़ी के सहारे सुरक्षित निकाला। एक महिला गंभीर घायल, ब्लास्टिंग को हादसे की वजह बताया जा रहा है।

धनबाद: कतरास में 20 फीट धंसी जमीन, देखते ही देखते समा गए 10 घर; सीढ़ी के सहारे बचाई गई 8 जिंदगियां
धनबाद के कतरास में बड़ा भू-धंसान।

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       HighLights:

  • 20 फीट तक जमीन धंसने से करीब 10 घर जमींदोज
  • घर के अंदर फंसे 8 लोगों को स्थानीय लोगों ने सीढ़ी के सहारे सुरक्षित निकाला
  • एक महिला गंभीर रूप से घायल, कई परिवार बेघर
  • आउटसोर्सिंग कंपनी की भारी ब्लास्टिंग को हादसे का कारण बता रहे स्थानीय लोग

 (Threesocieties.com Desk): कोयलांचल एक बार फिर भयावह भू-धंसान की घटना से दहल उठा। कतरास थाना क्षेत्र के छाताबाद आकाशकिनारी फुटबॉल ग्राउंड के पास शुक्रवार को हुए बड़े भू-धंसान ने इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। अचानक करीब 20 फीट जमीन धंस गई, जिससे करीब 10 घर पलभर में जमींदोज हो गए। कई परिवारों की आंखों के सामने उनका आशियाना मिट्टी में समा गया। हादसे के समय अधिकांश लोग घरों में मौजूद थे, जिससे चीख-पुकार मच गई और पूरे इलाके में दहशत फैल गई।

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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोपहर बाद स्थानीय कोयला खदान में हुई भारी ब्लास्टिंग के कुछ देर बाद जमीन में तेज कंपन महसूस हुआ। देखते ही देखते जमीन फटने लगी और कई मकान धंस गए। लोगों ने जान बचाने के लिए घरों से भागना शुरू कर दिया।

घर में फंसे आठ लोगों को सीढ़ी के सहारे निकाला गया

सबसे अधिक प्रभावित मोहम्मद सज्जाद का परिवार रहा। भू-धंसान के दौरान उनके परिवार के आठ सदस्य घर के अंदर फंस गए। हालात बेहद भयावह थे, लेकिन स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर सीढ़ी लगाई और एक-एक कर सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। स्थानीय लोगों की तत्परता के कारण बड़ा हादसा टल गया। यदि कुछ मिनट की भी देरी होती तो जनहानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था।

दीवार गिरने से महिला गंभीर रूप से घायल

हादसे में हुस्ना बानो गंभीर रूप से घायल हो गईं। बताया गया कि वह घर में सो रही थीं, तभी अचानक दीवार भरभराकर उनके ऊपर गिर गई। उनके सिर में गंभीर चोट लगी है। उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। इसके अलावा कई अन्य लोगों को भी मामूली चोटें आई हैं।

कई परिवारों का सब कुछ उजड़ गया

भू-धंसान में मोहम्मद सज्जाद, मोहम्मद नईम, मोहम्मद रियाज, मोहम्मद मुर्तजा, मोहम्मद कलाम, मोहम्मद इमामुल, सगीर खान, सबुल खान और मोहम्मद हसनैन खान समेत कई परिवार प्रभावित हुए हैं। लोगों का कहना है कि वर्षों की मेहनत से बनाया गया उनका घर कुछ ही सेकंड में मलबे में बदल गया। घटना के बाद लोग अपने घरों से जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे। प्रशासन ने आसपास के क्षेत्र को डेंजर जोन घोषित कर बैरिकेडिंग कर दी है।

भारी ब्लास्टिंग को हादसे की वजह बता रहे लोग

स्थानीय लोगों का आरोप है कि छाताबाद के समीप स्थित न्यू आकाशकिनारी कोलियरी में संचालित आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा लगातार की जा रही हेवी ब्लास्टिंग के कारण यह हादसा हुआ। लोगों का कहना है कि पिछले कई दिनों से जमीन में कंपन महसूस किया जा रहा था, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों ने बीसीसीएल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय रहते सुरक्षा उपाय किए जाते तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती।

बीसीसीएल और प्रशासन ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही बीसीसीएल प्रबंधन, जिला प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू किया गया। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ-साथ मलबे में किसी के फंसे होने की आशंका को देखते हुए तलाशी अभियान भी चलाया गया। कतरास, बाघमारा, बरोरा, सोनारडीह, धर्माबांध, मधुबन, महुदा, अंगारपथरा, खरखरी, राजगंज और रामकनाली सहित आसपास के कई थाना क्षेत्रों की पुलिस मौके पर तैनात रही।

मुआवजे और पुनर्वास की उठी मांग

हादसे के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने बीसीसीएल के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई और प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल मुआवजा, सुरक्षित पुनर्वास तथा भू-धंसान प्रभावित क्षेत्रों का वैज्ञानिक सर्वे कराने की मांग की। धनबाद मेयर संजीव सिंह मौके पर पहुचे व प्रभावित लोगों से बातचीत की। बीसीसीएल प्रबंधन को प्रभावित लोगों को सुरक्षित जगह पर पुनर्वास करने को कहा।  मौके पर पहुंचे पार्षद मो. शहाबुद्दीन और पूर्व पार्षद प्रतिनिधि मासूम खान ने लोगों को शांत कराया तथा प्रशासन से प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।

फिलहाल पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया जारी है।