धनबाद: जयराम महतो को कोर्ट से झटका: अग्रिम जमानत पर फैसला टला, गिरफ्तारी पर रोक से इनकार
डुमरी विधायक जयराम महतो समेत चार आरोपियों को अग्रिम जमानत मामले में धनबाद MP-MLA कोर्ट से फिलहाल राहत नहीं मिली। अदालत ने गिरफ्तारी पर रोक से इनकार करते हुए पुलिस से कांड दैनिकी तलब की है।
HighLights:
- डुमरी विधायक जयराम महतो समेत चार आरोपियों को फिलहाल अग्रिम जमानत नहीं मिली
- MP-MLA कोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग ठुकराई
- अदालत ने बरवाअड्डा पुलिस से कांड दैनिकी तलब की
- थाना प्रभारी की शिकायत पर 22 अगस्त को दर्ज हुआ था केस
धनबाद (Threesocieties.com Desk): सरकारी काम में बाधा डालने, पुलिस पदाधिकारियों के साथ कथित धक्का-मुक्की, गाली-गलौज और धमकी देने के मामले में डुमरी विधायक जयराम महतो को धनबाद कोर्ट से फिलहाल राहत नहीं मिली है। विधायक जयराम महतो समेत चार आरोपियों की ओर से दाखिल अग्रिम जमानत अर्जी पर मंगलवार को सुनवाई हुई। अदालत ने तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इनकार करते हुए बरवाअड्डा पुलिस से कांड दैनिकी तलब की है। अब मामले में अगली सुनवाई के दौरान पुलिस की केस डायरी के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
मामले की सुनवाई धनबाद स्थित MP-MLA कोर्ट के विशेष न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत में हुई। जयराम महतो के अलावा सुशील मंडल, महेंद्र साव और राजकुमार मंडल की ओर से अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की गयी थी। करीब आधे घंटे तक चली सुनवाई में बचाव पक्ष की ओर से वरीय अधिवक्ता शाहनवाज ने अदालत के समक्ष दलील पेश की।
उन्होंने आरोपियों को राहत देने के साथ गिरफ्तारी पर अस्थायी रोक लगाने का अनुरोध किया। वहीं, अपर लोक अभियोजक सत्येंद्र राय ने इसका विरोध किया। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगाने का आदेश देने से इनकार कर दिया। साथ ही पुलिस से कांड दैनिकी तलब की गयी है। ऐसे में फिलहाल विधायक समेत अन्य आरोपियों पर गिरफ्तारी की तलवार बनी हुई है।
थाना प्रभारी की शिकायत पर दर्ज हुआ केस
यह पूरा मामला बरवाअड्डा थाना कांड संख्या 146/26 से जुड़ा है। थाना प्रभारी रवि कुमार के बयान पर 22 अगस्त 2026 को बरवाअड्डा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी थी। प्राथमिकी में विधायक जयराम महतो, सुशील मंडल, दिलीप चौधरी, राजकुमार मंडल, जितेंद्र हजारी, अजय दास, गोलक कुमार महतो, महेंद्र साव, रंजीत कुमार साव, राजेश महतो और त्रिपुरारी पांडेय समेत अन्य समर्थकों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस की प्राथमिकी के मुताबिक गणेश दास को एक मामले में गिरफ्तार करने के बाद बरवाअड्डा थाना की हाजत में रखा गया था। उसकी गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद जयराम महतो करीब 40 से 50 समर्थकों के साथ थाना पहुंचे।
पुलिस ने लगाया अभद्र व्यवहार और धक्का देने का आरोप
प्राथमिकी में पुलिस की ओर से आरोप लगाया गया है कि विधायक ने थाना पहुंचने के बाद पुलिस पदाधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया। इसके बाद उन्होंने अपने समर्थकों से हाजत में बंद गणेश दास को बाहर निकालने के लिए कहा। पुलिस के अनुसार, विधायक के समर्थक हाजत की तरफ बढ़ने लगे। पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान विधायक द्वारा थाना प्रभारी को कथित तौर पर धक्का देने का आरोप लगाया गया है। पुलिस का यह भी आरोप है कि विधायक के साथ पहुंचे समर्थकों ने थाना प्रभारी के कार्यालय कक्ष में पुलिस पदाधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की और गाली-गलौज की।
मेज पर मुक्का मारने और बोर्ड तोड़ने का आरोप
प्राथमिकी में दिलीप चौधरी पर थाना प्रभारी की मेज पर मुक्का मारने और वहां लगा पदनाम बोर्ड तोड़ने का भी आरोप लगाया गया है। पुलिस का दावा है कि थाना परिसर में समर्थकों ने हंगामा किया और पुलिसकर्मियों के सरकारी काम में बाधा डाली। इसी घटनाक्रम को लेकर पुलिस ने विधायक समेत अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
अब कांड दैनिकी पर टिकी नजर
अग्रिम जमानत की सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस से कांड दैनिकी तलब कर ली है। अब अगली सुनवाई में केस डायरी के अवलोकन के बाद अदालत आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका पर आगे विचार कर सकती है। फिलहाल अदालत ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। इसलिए जयराम महतो समेत मामले में नामजद आरोपियों के लिए अगली सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब विधायक जयराम महतो और पुलिस के बीच विवाद को लेकर झारखंड में राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा तेज है। हालांकि प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
Threesocieties News Desk 



