प्री-बोर्ड में फेल, IIT से IPS बने मोहिबुल्लाह अंसारी, अब अमेरिका में मिलेगा सम्मान
प्री-बोर्ड में असफल हुए मोहिबुल्लाह अंसारी ने IIT दिल्ली से BTech किया और UPSC 2020 में 389वीं रैंक हासिल कर IPS बने। अब 13 दिसंबर 2026 को अमेरिका में Asian Hero Award से सम्मानित होंगे।
HighLights:
- 10वीं-12वीं के प्री-बोर्ड में असफल हुए थे मोहिबुल्लाह अंसारी
- पिता के ताने के बाद पढ़ाई में झोंक दी पूरी मेहनत
- JEE Main और Advanced पास कर 2011 में IIT दिल्ली पहुंचे
- IIT दिल्ली से BTech के बाद IT कंपनी में की नौकरी
- UPSC CSE 2020 तीसरे प्रयास में किया पास
पटना (Threesocieties.com Desk): सफलता की राह हमेशा आसान नहीं होती। कई बार जिंदगी की छोटी-सी असफलता ही आगे की बड़ी कामयाबी का रास्ता खोल देती है। बिहार कैडर के IPS अधिकारी मोहिबुल्लाह अंसारी की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। स्कूल के दिनों में प्री-बोर्ड परीक्षा में खराब प्रदर्शन से लेकर IIT दिल्ली में पढ़ाई और फिर UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास कर IPS अधिकारी बनने तक का उनका सफर युवाओं के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है।
अब मोहिबुल्लाह अंसारी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। उन्हें 13 दिसंबर 2026 को अमेरिका के फ्लोरिडा के टाम्पा में आयोजित सातवें World Fair and Festival 2026 के दौरान 'द एशियन हीरो अवार्ड 2026' से सम्मानित किए जाने की जानकारी सामने आई है। यह सम्मान Association of World Fair and Fest, USA की ओर से दिया जाना है।
प्री-बोर्ड में खराब रिजल्ट, पिता ने मारा था ताना
मोहिबुल्लाह अंसारी का जन्म 24 अप्रैल, 1993 में हुआ था। मोहिबुल्लाह अंसारी मूल रूप से बिहार के सिवान जिले के रहने वाले हैं। मोहिबुल्लाह अंसारी के जीवन का एक अहम मोड़ स्कूल के दिनों में आया। रिपोर्टों के मुताबिक, 10वीं और 12वीं के प्री-बोर्ड में उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था। इसी दौरान उनके पिता ने उन्हें IIT जाने का सपना देखने और परीक्षा में पर्याप्त अंक तक हासिल नहीं कर पाने को लेकर ताना दिया। यह बात मोहिबुल्लाह के लिए निराशा का कारण बनने के बजाय मेहनत की प्रेरणा बन गई। उन्होंने अपनी कमियों को दूर करने के लिए पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित किया और आगे चलकर इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल की।
JEE पास कर IIT दिल्ली में लिया एडमिशन
मोहिबुल्लाह ने JEE Main और JEE Advanced की परीक्षा पास की। इसके बाद वर्ष 2011 में IIT दिल्ली में दाखिला लिया और वहां से BTech की पढ़ाई पूरी की। एक समय जिस छात्र के प्री-बोर्ड के नतीजे को लेकर सवाल उठाए गए थे, उसी ने देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान में पढ़ाई पूरी की। यही उनके जीवन की दिशा बदलने वाला बड़ा पड़ाव साबित हुआ।
IIT के बाद IT कंपनी में की नौकरी
IIT दिल्ली से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद मोहिबुल्लाह ने IT सेक्टर में नौकरी की। हालांकि, कॉर्पोरेट करियर में उनका मन ज्यादा समय तक नहीं लगा। उनका लक्ष्य सिविल सेवा में जाकर देश और समाज के लिए काम करना था। इसी उद्देश्य से उन्होंने नौकरी छोड़कर UPSC Civil Services Examination की तैयारी शुरू कर दी।
तीसरे प्रयास में UPSC पास, हासिल की 389वीं रैंक
UPSC की तैयारी के दौरान उन्हें भी असफलताओं का सामना करना पड़ा। लेकिन उन्होंने प्रयास जारी रखा। आखिरकार UPSC Civil Services Examination 2020 में तीसरे प्रयास में सफलता हासिल की। आधिकारिक UPSC रिकॉर्ड के अनुसार मोहिबुल्लाह अंसारी ने ऑल इंडिया 389वीं रैंक हासिल की। सेवा आवंटन रिकॉर्ड में उनका चयन Indian Police Service (IPS) के लिए दर्ज है। इसके बाद उन्हें बिहार कैडर आवंटित किया गया। आधिकारिक IPS सिविल लिस्ट में उनका नाम MOHIBULLAH ANSARI, B.Tech और 2021 बैच से संबंधित अधिकारी के रूप में दर्ज है। फिलहाल मुजफ्फरपुर में सिटी एसपी के पद पर कार्यरत हैं।
अब अमेरिका में मिलेगा Asian Hero Award
मोहिबुल्लाह अंसारी के करियर की यह उपलब्धि अब अंतरराष्ट्रीय सम्मान से जुड़ने जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, 13 दिसंबर 2026 को फ्लोरिडा के टाम्पा में सातवें World Fair and Festival 2026 के दौरान उन्हें Asian Hero Award 2026 प्रदान किया जाएगा। आयोजक संस्था Association of World Fair and Fest, USA की ओर से जारी जानकारी के हवाले से रिपोर्टों में कहा गया है कि उन्हें पुलिसिंग, लोकसेवा, नेतृत्व, ईमानदारी और समाज कल्याण में योगदान के लिए इस सम्मान के लिए चुना गया है।
असफलता को अंत नहीं, शुरुआत मानें
मोहिबुल्लाह अंसारी की कहानी का सबसे अहम पहलू शुरुआती असफलता के बाद उनका लगातार प्रयास करना है। प्री-बोर्ड परीक्षा का खराब प्रदर्शन उनकी अंतिम पहचान नहीं बना। उन्होंने अपनी कमियों पर काम किया और आगे चलकर IIT दिल्ली जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में पढ़ाई की। इसके बाद UPSC जैसी कठिन प्रतियोगी परीक्षा में तीसरे प्रयास में सफलता हासिल कर IPS अधिकारी बने।
अब अमेरिका में मिलने वाला Asian Hero Award मोहिबुल्लाह अंसारी के करियर की एक और उपलब्धि के रूप में जुड़ने जा रहा है। उनकी यात्रा यह संदेश देती है कि किसी परीक्षा में मिली असफलता को जीवन की अंतिम मंजिल नहीं माना जा सकता। लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत लगातार जारी रहे और गलतियों से सीखने की कोशिश हो तो आगे की राह बदली जा सकती है।




