HighLights:

  • दिल्ली के झारखंड भवन में पूर्व सांसद घूरन राम का परिवार लिफ्ट में फंस गया
  • करीब एक घंटे तक लिफ्ट में फंसे रहे परिवार के छह सदस्य
  • सभी छह सदस्यों को रेस्क्यू कर अस्पताल में भर्ती कराया गया
  • पांच लोगों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी मिली एक अभी अस्पताल में इलाजरत 

नई दिल्ली (Threesocieties.com Desk): Jharkhand Bhawan Lift Accident: दिल्ली के मुनिरका स्थित झारखंड भवन में पूर्व सांसद घूरन राम का परिवार करीब एक घंटे तक लिफ्ट में फंसा रहा। लिफ्ट में फंसे परिवार के छह सदस्यों की तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए। घटना के बाद सभी को रेस्क्यू कर बसंत विहार स्थित होली एंजिल्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। पांच लोगों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि एक सदस्य का अभी उपचार चल रहा है।

करीब एक घंटे तक लिफ्ट में फंसा रहा परिवार

जानकारी के अनुसार, पूर्व सांसद घूरन राम के परिवार के सदस्य दिल्ली स्थित झारखंड भवन में ठहरे हुए थे। लिफ्ट का इस्तेमाल करने के दौरान अचानक तकनीकी खराबी आ गई और परिवार के छह सदस्य उसके अंदर फंस गए। काफी देर तक लिफ्ट के अंदर फंसे रहने के कारण परिवार के सदस्यों की तबीयत बिगड़ने लगी। बताया गया कि करीब एक घंटे तक वे लिफ्ट के अंदर ही फंसे रहे। इसके बाद मौके पर पहुंची टीम ने लिफ्ट खोलकर सभी छह लोगों को बाहर निकाला।

रेस्क्यू के बाद अस्पताल में कराया गया भर्ती

लिफ्ट से बाहर निकालने के बाद सभी की हालत को देखते हुए उन्हें बसंत विहार के होली एंजिल्स अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में उपचार के बाद पांच लोगों को छुट्टी दे दी गई, जबकि एक सदस्य अभी भी चिकित्सकीय निगरानी में है। परिवार के सदस्यों के लिफ्ट में लंबे समय तक फंसे रहने और बेहोश होने की घटना से झारखंड भवन की सुरक्षा एवं लिफ्ट के रखरखाव को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

लिफ्ट की क्षमता को लेकर सामने आई जानकारी

झारखंड भवन से जुड़े सूत्रों के अनुसार, लिफ्ट में चार लोगों के आने-जाने की क्षमता बताई गई है। सूत्रों का दावा है कि एक साथ छह लोगों के लिफ्ट में सवार होने के कारण तकनीकी समस्या उत्पन्न हुई। हालांकि, लिफ्ट में खराबी की वास्तविक वजह क्या थी और सुरक्षा मानकों का पालन हुआ था या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

घूरन राम ने मांगी CCTV फुटेज

घटना के बाद पूर्व सांसद घूरन राम ने नाराजगी जताई है। परिवार के सदस्यों की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों से घटना के समय की CCTV फुटेज उपलब्ध कराने की मांग की है। CCTV फुटेज से यह स्पष्ट हो सकता है कि परिवार के सदस्य किस समय लिफ्ट में दाखिल हुए, लिफ्ट कितनी देर तक बंद रही और रेस्क्यू की प्रक्रिया कब शुरू हुई।

दिल्ली पुलिस को घटना की जानकारी बाद में मिली

दिल्ली पुलिस के अनुसार, घटना के समय झारखंड भवन की ओर से पुलिस को कोई सूचना नहीं दी गई थी। पुलिस को इस मामले की जानकारी बाद में मिली। पुलिस की ओर से घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है। लिफ्ट में तकनीकी खराबी क्यों आई और घटना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी, इससे जुड़े सवालों पर भी स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।

एक सदस्य अभी अस्पताल में भर्ती

घटना में प्रभावित परिवार के छह सदस्यों को अस्पताल ले जाया गया था। उपचार के बाद पांच लोगों को छुट्टी मिल चुकी है, जबकि एक सदस्य का अभी इलाज चल रहा है। इस घटना ने झारखंड भवन में लिफ्ट की नियमित जांच, रखरखाव और आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, तकनीकी खराबी के वास्तविक कारण और किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं, इसकी पुष्टि संबंधित जांच के बाद ही हो सकेगी।