जमशेदपुर में भीषण सड़क हादसा: मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी समेत 4 की मौत
जमशेदपुर के सोनारी मरीन ड्राइव में भीषण सड़क हादसे में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी समेत चार युवाओं की मौत हो गई। तेज रफ्तार कार खड़े ट्रक में जा घुसी।
HighLights:
- जमशेदपुर के सोनारी मरीन ड्राइव स्थित दोमुहानी के पास भीषण सड़क हादसा
- तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसी
- हादसे में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी समेत चार युवाओं की मौत
- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हादसे पर जताया गहरा शोक
जमशेदपुर (Threesocieties.com Desk): झारखंड के जमशेदपुर में गुरुवार की अलसुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। सोनारी मरीन ड्राइव स्थित दोमुहानी के पास तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। हादसे में झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी समेत चार युवाओं की मौके पर ही मौत हो गई।
जमशेदपुर में एनएच हाईवे पर हुए सड़क हादसे में राज्य सरकार में साथी मंत्री एवं बहन श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह जी की बेटी एवं अन्य लोगों के निधन की बेहद दुखद और हृदयविदारक खबर से मन अत्यंत व्यथित है।
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) September 24, 2026
अपनी संतान को खोने का दुःख किसी भी माता-पिता और परिवार के लिए शब्दों से परे और…
मृतकों में मंत्री की बेटी तृषा सिंह, नमन गुप्ता, सार्थक अग्रवाल और वंशिका खंडेलवाल शामिल बताए गए हैं। हादसे की सूचना मिलते ही सोनारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया।
दोमुहानी के पास हुआ भीषण हादसा
जानकारी के अनुसार, हादसा गुरुवार तड़के सोनारी मरीन ड्राइव पर दोमुहानी के समीप हुआ। बताया जा रहा है कि कार संख्या जेएच05 डीएस 6450 तेज रफ्तार में मरीन ड्राइव से गुजर रही थी। इसी दौरान सड़क किनारे खड़े ट्रक संख्या जेएच02टी 3971 से कार की जोरदार टक्कर हो गई। कार सीधे ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।
कार में सवार चारों युवाओं की मौत
स्थानीय लोगों ने दुर्घटनाग्रस्त कार में फंसे लोगों को निकालने का प्रयास किया। पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद कार से शवों को बाहर निकाला। हादसे में तृषा सिंह, नमन गुप्ता, सार्थक अग्रवाल और वंशिका खंडेलवाल की मौत हो गई। चारों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया।हादसे की खबर फैलते ही मृतकों के परिवारों में मातम पसर गया। परिजन अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंचे, जहां चीख-पुकार का माहौल रहा।
तेज रफ्तार और खड़े ट्रक पर उठे सवाल
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। शुरुआती तौर पर कार की तेज रफ्तार और सड़क किनारे खड़े ट्रक को हादसे से जोड़कर देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों ने मरीन ड्राइव पर भारी वाहनों के इस तरह खड़े रहने को लेकर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि यदि सड़क किनारे खड़े वाहनों पर पर्याप्त रिफ्लेक्टर, इंडिकेटर या चेतावनी संकेत नहीं हों तो रात और तड़के के समय दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे भारी वाहनों की पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था की जांच की मांग की है।
पुलिस ने कार और ट्रक जब्त किया
हादसे के बाद सोनारी थाना पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार और ट्रक को जब्त कर लिया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दुर्घटना की परिस्थितियों का पता लगाया जा रहा है। पुलिस यह भी जांच करेगी कि ट्रक सड़क किनारे किस स्थिति में खड़ा था और उस समय वहां सुरक्षा संकेतक या रिफ्लेक्टर मौजूद थे या नहीं।
मंत्री के परिवार में पसरा मातम
मृतकों में ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी के शामिल होने की जानकारी सामने आने के बाद घटना की गंभीरता और बढ़ गई। हादसे की खबर मिलते ही मंत्री के परिजन और अन्य मृतकों के परिवार के लोग अस्पताल पहुंचे।अस्पताल परिसर में परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। शहर के कई लोग और गणमान्य व्यक्ति भी शोक-संतप्त परिवारों से मिलने पहुंचे।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जताया शोक
जमशेदपुर हादसे पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी शोक जताया। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से हादसे में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी और अन्य लोगों की मौत पर दुख व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी संतान को खोने का दुख शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने मंत्री दीपिका पांडेय सिंह सहित सभी शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और दिवंगत आत्माओं की शांति की कामना की।
हादसे की जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल सोनारी थाना पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। पुलिस दुर्घटना के समय कार की गति, सड़क की स्थिति, ट्रक के खड़े होने की स्थिति और अन्य परिस्थितियों की जांच कर रही है। मरीन ड्राइव जैसे व्यस्त मार्ग पर सड़क किनारे भारी वाहनों की पार्किंग को लेकर भी अब सवाल उठ रहे हैं। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है।
Threesocieties.com की अपील: तेज रफ्तार वाहन चलाने से बचें और रात या तड़के सड़क पर खड़े वाहनों के पास से गुजरते समय विशेष सावधानी बरतें।
Threesocieties News Desk 



