Jamui Viral Video Case: पुलिस एनकाउंटर में नंदन यादव को लगी गोली, हरेराम का पैर टूटा
जमुई में नाबालिग छात्रा से बदसलूकी मामले में पुलिस का बड़ा एक्शन। नंदन यादव के पैर में गोली लगी, हरेराम यादव पकड़ा गया। 120 सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी कार्रवाई।
HighLights:
- 19 सितंबर को मड़वा पहाड़ी के पास नाबालिग छात्र-छात्रा से कथित बदसलूकी और मारपीट का मामला
- घटना का वीडियो 21 सितंबर को सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज की
- पुलिस ने पहले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था और मामले की जांच के लिए SIT गठित की गई
- 22 सितंबर को मुख्य आरोपी बताए जा रहे नंदन यादव के पैर में गोली लगी, हरेराम का पैर टूटा
जमुई (Threesocieties.com Desk) : बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा और उसके साथी के साथ कथित बदसलूकी, मारपीट और आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। 22 सितंबर को मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल बताए जा रहे नंदन यादव के पैर में गोली लगने की सूचना सामने आई है। इसके साथ ही दूसरे आरोपी हरेराम यादव के पकड़े जाने की जानकारी भी सामने आई है।
रिपोर्टों के अनुसार पुलिस टीम आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही थी। इसी दौरान पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़/जवाबी कार्रवाई की स्थिति बनी। इस कार्रवाई में नंदन यादव घायल हुआ और उसके पैर में गोली लगी। उसे पुलिस अभिरक्षा में इलाज के लिए जमुई सदर अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस टीम ने कुंदर बराज पर घेराबंदी
एसआईटी को मंगलवार तड़के गुप्त सूचना मिली थी कि मुख्य आरोपित नंदन यादव कुंदर बराज इलाके में छिपा हुआ है। पुलिस टीम ने जब इलाके की घेराबंदी की, तो खुद को घिरता देख नंदन ने पुलिस टीम पर हमला बोल दिया और भागने का प्रयास किया। पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी फायरिंग में एक गोली सीधे नंदन के पैर में जा लगी और वह वहीं ढेर हो गया। इसी दौरान उसके साथ भाग रहे हरेराम यादव का पैर टूट गया। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों को मौके पर ही दबोच लिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि नंदन यादव और हरेराम यादव दोनों बालिग हैं। प्रतापपुर गांव निवासी दोनों पेशे से ट्रैक्टर चालक हैं।
वीडियो वायरल करने वाला रामाशीष चौधरी भी गिरफ्तार
पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर वीडियो प्रसारित करने वाले रामाशीष चौधरी उर्फ रामाशीष मंडल को गिरफ्तार किए जाने की भी जानकारी दी है। पुलिस के अनुसार साइबर सर्विलांस और डिजिटल फुटप्रिंट के जरिए उस तक पहुंच बनाई गई। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वीडियो सबसे पहले किसने रिकॉर्ड किया, किसने इंटरनेट पर अपलोड किया और किन-किन सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए इसे आगे फैलाया गया। मामले में तीन आरोपितों को सोमवार को ही पकड़ा गया था, जबकि मंगलवार को एक आरोपित रामाशीष मंडल को पकड़ा गया था। इसके कुछ देर बाद नंदन व हरेराम यादव पर कार्रवाई हुई। अब तक कुल छ6 आरोपित पुलिस गिरफ्त में आ चुके हैं।
सोशल मीडिया पर वीडियो फैलाने वालों पर भी कार्रवाई
जमुई पुलिस ने केवल मुख्य आरोपियों के खिलाफ ही कार्रवाई नहीं की है, बल्कि नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी कानूनी कार्रवाई शुरू की है। करीब 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल पर FIR/कानूनी कार्रवाई की गई है। इनमें ऐसे अकाउंट्स शामिल बताए गए हैं, जिनसे आपत्तिजनक वीडियो या नाबालिग की पहचान उजागर करने वाली सामग्री प्रसारित हुई।पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे वीडियो को डाउनलोड, शेयर या दोबारा पोस्ट न करें।
120 सोशल मीडिया अकाउंट्स पुलिस के रडार पर
पुलिस की कार्रवाई का एक अहम हिस्सा सोशल मीडिया पर वीडियो के प्रसार को रोकना है। नाबालिग पीड़िता की पहचान सार्वजनिक करना कानून के तहत गंभीर मामला है। इसी वजह से पुलिस ने वीडियो को आगे फैलाने वाले सोशल मीडिया हैंडल्स की पहचान शुरू की है। पुलिस का कहना है कि आम लोगों को संवेदनशील वीडियो को शेयर करने से बचना चाहिए। किसी पीड़ित नाबालिग की पहचान सार्वजनिक करना उसके अधिकारों और निजता का उल्लंघन हो सकता है।
SIT कर रही पूरे मामले की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच टीम यानी SIT गठित की है। SIT का फोकस घटना में शामिल सभी लोगों की पहचान, उनकी भूमिका, वीडियो बनाने और वायरल करने की कड़ियों तथा डिजिटल साक्ष्यों की जांच पर है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि घटना में कुल कितने लोग शामिल थे और किसकी क्या भूमिका थी।
मड़वा पहाड़ी के पास हुई थी घटना
उल्लेखनीय है कि 19 सितंबर को संध्या सात बजे मड़वा पहाड़ के पास मनचलों के एक झुंड ने स्कूटी से जा रहे नाबालिग छात्र और छात्रा को जबरन रोककर अमर्यादित आचरण और मारपीट की थी। इसके बाद आरोपितों ने घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल कर दिया था। वायरल फुटेज में मुख्य आरोपित नंदन यादव छात्रा को जबरन उठाकर अगवा करने का प्रयास करते हुए साफ देखा गया था, जिसके बाद पूरे जिले में भारी आक्रोश फैल गया था। आरोप है कि छात्र के साथ मारपीट की गई और छात्रा के साथ बदसलूकी की गई। घटना का वीडियो भी बनाया गया था। यह वीडियो 21 सितंबर को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद मामला तेजी से सामने आया और पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की कार्रवाई तेज
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने पीड़ितों का पता लगाया और मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपियों की पहचान के लिए तकनीकी और साइबर माध्यमों का इस्तेमाल किया। 21 सितंबर तक पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी थी। मामले की जांच के लिए SIT का गठन भी किया गया था। इसके बाद पुलिस ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू की।




