JSSC CGL पेपर लीक में CID का बड़ा एक्शन, गिरिडीह का सफल अभ्यर्थी समीर कुमार गिरफ्तार; अब तक 7 पर शिकंजा
JSSC CGL पेपर लीक मामले में CID ने गिरिडीह के सफल अभ्यर्थी समीर कुमार को गिरफ्तार किया है। समीर सातवां गिरफ्तार सफल अभ्यर्थी है। जानें पूरी कार्रवाई और अब तक के अपडेट।
HighLights:
- JSSC CGL कथित पेपर लीक मामले में CID ने समीर कुमार को गिरफ्तार किय
- गिरिडीह के बेंगाबाद थाना क्षेत्र का रहने वाला है समीर कुमार
- समीर इस मामले में गिरफ्तार होने वाला सातवां सफल अभ्यर्थी है
- इससे पहले दीपक कुमार, उमेश कुमार राय, विजय कुमार तिवारी, आनंद कुमार सिंह, अक्षय तिवारी और सुषमा कुमारी की गिरफ्तारी हो चुकी है।
- CID के अनुसार, सफल अभ्यर्थियों के खिलाफ जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं।
- आरोप है कि दलालों/एजेंटों के माध्यम से प्रश्नपत्र हासिल कर उसके उत्तर याद किए गए और परीक्षा में सफलता हासिल की गई।
- गिरफ्तार अभ्यर्थियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी है।
रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (CGL) प्रतियोगिता परीक्षा में कथित अनियमितता और पेपर लीक मामले की जांच कर रही CID ने एक और सफल अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया है। CID ने गिरिडीह जिले के बेंगाबाद थाना क्षेत्र निवासी समीर कुमार को गिरफ्तार किया है।
समीर कुमार की गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में गिरफ्तार किए गए सफल अभ्यर्थियों की संख्या सात हो गई है। CID की जांच में कथित तौर पर सामने आया है कि कुछ सफल अभ्यर्थियों ने पैसे देकर दलालों अथवा एजेंटों के माध्यम से परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र हासिल किया और उसके उत्तर याद कर परीक्षा में सफलता प्राप्त की।
सातवां सफल अभ्यर्थी है समीर कुमार
CID की कार्रवाई में गिरफ्तार समीर कुमार गिरिडीह जिले के बेंगाबाद थाना क्षेत्र का निवासी बताया गया है। इससे पहले एजेंसी इस मामले में छह अन्य सफल अभ्यर्थियों को गिरफ्तार कर चुकी है। गिरफ्तार किए गए अभ्यर्थियों में दीपक कुमार, उमेश कुमार राय, विजय कुमार तिवारी, आनंद कुमार सिंह, अक्षय तिवारी और सुषमा कुमारी शामिल हैं। इस तरह समीर कुमार इस मामले में गिरफ्तार होने वाला सातवां सफल अभ्यर्थी है। CID अब इन सभी आरोपित अभ्यर्थियों से पूछताछ के जरिए कथित पेपर लीक के नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश करेगी।
पहले गिरफ्तार अभ्यर्थियों का क्या है कनेक्शन?
CID की कार्रवाई में गिरफ्तार दीपक कुमार धनबाद के श्यामली होटल नावाडीह स्थित डुप्लेक्स सनशाइन अपार्टमेंट का निवासी बताया गया है। वहीं उमेश कुमार राय मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के जगदीशपुर थाना क्षेत्र के काकिला डयूल का रहने वाला है। वह वर्तमान में बोकारो के दुग्दा थाना क्षेत्र स्थित न्यू बीसीसीएल कॉलोनी के क्वार्टर नंबर एम-25/3 में रहता था। तीसरे सफल अभ्यर्थी विजय कुमार तिवारी का संबंध धनबाद के राजगंज थाना क्षेत्र के रोआम धड़कीड़ो से बताया गया है। चौथे आरोपित सफल अभ्यर्थी आनंद कुमार सिंह बिहार के छपरा जिले के कोपा थाना क्षेत्र के चतरा गांव का रहने वाला है। वह वर्तमान में धनबाद के सुदामडीह थाना क्षेत्र स्थित सुदामडीह रिवरसाइड मार्केट में रहता था।
अक्षय तिवारी और सुषमा कुमारी का कनेक्शन भी सामने आया
इस मामले में गिरफ्तार अक्षय तिवारी और सुषमा कुमारी का कनेक्शन परीक्षा संचालन से जुड़े अभय तिवारी से बताया गया है। अक्षय तिवारी, परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी TDPL के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी का भाई है, जबकि सुषमा कुमारी अभय तिवारी की पत्नी बताई गई हैं। अभय तिवारी को भी गिरफ्तार किया जा चुका है, हालांकि उसकी गिरफ्तारी JPSC मेधा घोटाला मामले में हुई है। जांच एजेंसियों के अनुसार, अभय तिवारी को JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में अहम कड़ी माना जा रहा है।
1 जनवरी 2025 को दर्ज हुआ था CID थाना कांड
JSSC CGL परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितता को लेकर 1 जनवरी 2025 को CID थाना कांड संख्या 01/2025 दर्ज किया गया था। इसी मामले की जांच के दौरान CID ने परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों की भूमिका की भी जांच शुरू की। जांच के दौरान सफल अभ्यर्थियों से जुड़े साक्ष्यों और उनके संपर्कों को खंगाला गया। CID के अनुसार, जांच में ऐसे साक्ष्य सामने आए हैं, जिनसे इन अभ्यर्थियों के कथित तौर पर लीक प्रश्नपत्र हासिल करने और उसका इस्तेमाल कर परीक्षा में सफलता प्राप्त करने की बात सामने आई है।
रिश्वत देकर प्रश्नपत्र हासिल करने का आरोप
जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपित सफल अभ्यर्थियों ने कथित तौर पर रिश्वत देकर दलालों और एजेंटों के माध्यम से लीक प्रश्नपत्र हासिल किया था। इसके बाद प्रश्नों के उत्तर याद कर परीक्षा में शामिल होने और सफलता हासिल करने का आरोप है। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही निकलेगा। CID अब गिरफ्तार अभ्यर्थियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि प्रश्नपत्र कहां से लीक हुआ, इसे किसने उपलब्ध कराया और इसके बदले कितनी रकम का लेनदेन हुआ।
रिमांड पर लेकर होगी पूछताछ
समीर कुमार समेत गिरफ्तार किए गए सफल अभ्यर्थियों को CID जल्द ही रिमांड पर लेकर पूछताछ कर सकती है। पूछताछ के दौरान एजेंसी कथित पेपर लीक के पूरे नेटवर्क, बिचौलियों, एजेंटों और अन्य संभावित आरोपितों के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश करेगी। जांच का फोकस इस बात पर भी रहेगा कि कथित लीक प्रश्नपत्र अभ्यर्थियों तक किस माध्यम से पहुंचा और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
आगे और गिरफ्तारियां संभव
सफल अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी के बाद JSSC CGL पेपर लीक मामले की जांच और तेज होने की संभावना है। CID की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, कथित पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। समीर कुमार की गिरफ्तारी से यह स्पष्ट है कि जांच एजेंसी अब केवल पेपर लीक कराने वाले संभावित नेटवर्क तक सीमित नहीं है, बल्कि कथित तौर पर लीक प्रश्नपत्र का लाभ उठाकर परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
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