झारखंड BJP में बड़ा बदलाव: गजेंद्र पटेल प्रभारी, सौरभ -निवेदिता सिंह सह प्रभारी

गजेंद्र पटेल को झारखंड भाजपा का नया प्रभारी बनाया गया है। सौरभ सिंह और निवेदिता सिंह सह-प्रभारी होंगे। जानिए नई संगठनात्मक जिम्मेदारियों की पूरी जानकारी।

झारखंड BJP में बड़ा बदलाव: गजेंद्र पटेल प्रभारी, सौरभ -निवेदिता सिंह सह प्रभारी
गजेंद्र पटेल प्रभारी, निवेदिता- सौरभ को सह प्रभारी को जिम्मा।

Advertisement

       HighLights:

  • भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री गजेंद्र पटेल को झारखंड भाजपा का प्रदेश प्रभारी बनाया गया
  • छत्तीसगढ़ के सौरभ सिंह और बिहार की निवेदिता सिंह को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी मिली
  • मध्य प्रदेश के खरगोन लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद हैं गजेंद्र सिंह पटेल 
  • मध्य प्रदेश के प्रमुख आदिवासी नेता माने जाते हैं गजेंद्र सिंह पटेल

रांची (Threesocieties.com Desk): भारतीय जनता पार्टी ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में संगठनात्मक जिम्मेदारियों में बड़ा फेरबदल किया है। पार्टी ने 23 सितंबर 2026 को नए प्रदेश प्रभारियों और सह-प्रभारियों की सूची जारी की। लोकसभा सांसद मध्य प्रदेश के बड़े आदिवासी चेहरा गजेंद्र पटेल को झारखंड भाजपा का नया प्रदेश प्रभारी बनाया गया है। उनके साथ सौरभ सिंह और निवेदिता सिंह को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।

नई नियुक्तियां ऐसे समय हुई हैं, जब भाजपा कई राज्यों में अपने संगठनात्मक ढांचे को नए सिरे से सक्रिय कर रही है। पार्टी की ओर से जारी सूची के मुताबिक नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी। गजेंद्र पटेल झारखंड में अब संगठन से जुड़े प्रमुख फैसलों और गतिविधियों में केंद्रीय नेतृत्व के प्रतिनिधि के तौर पर भूमिका निभाएंगे। वहीं सौरभ सिंह और निवेदिता सिंह सह-प्रभारी के तौर पर उनके साथ संगठनात्मक कामकाज में सहयोग करेंगे।

कौन हैं गजेंद्र सिंह पटेल?

गजेंद्र सिंह पटेल मध्य प्रदेश के खरगोन लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद हैं। वह 2019 और 2024 में लगातार दो बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के पोरलाल बाथा खरते को 1,35,018 मतों के अंतर से हराया था। खरगोन लोकसभा सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। पटेल को अगस्त 2026 में भाजपा की राष्ट्रीय टीम में राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी भी दी गई थी। मध्य प्रदेश से उन्हें राष्ट्रीय संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने के बाद अब झारखंड का प्रदेश प्रभारी बनाया गया है। गजेंद्र पटेल का राजनीतिक आधार मध्य प्रदेश के निमाड़ क्षेत्र में है। उनकी पहचान आदिवासी क्षेत्र से आने वाले भाजपा नेता के तौर पर भी होती है। राष्ट्रीय स्तर पर संगठन में भूमिका मिलने के बाद अब झारखंड की जिम्मेदारी उनके संगठनात्मक प्रोफाइल में एक और महत्वपूर्ण दायित्व है।

सौरभ सिंह और निवेदिता सिंह की भूमिका

झारखंड के सह-प्रभारी बनाए गए सौरभ सिंह छत्तीसगढ़ के अकलतरा से पूर्व विधायक रह चुके हैं। 23 सितंबर को जारी भाजपा की संगठनात्मक सूची में उन्हें झारखंड की जिम्मेदारी दी गई है। निवेदिता सिंह को भी झारखंड का सह-प्रभारी बनाया गया है। भाजपा की सूची में उन्हें बिहार के साथ संबद्ध बताया गया है। दोनों नेता गजेंद्र पटेल के साथ झारखंड में पार्टी के संगठनात्मक कार्यक्रमों और गतिविधियों को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाएंगे।

झारखंड BJP में नई टीम के सामने क्या जिम्मेदारी?

नई टीम के सामने प्रदेश संगठन को सक्रिय रखने, पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बढ़ाने और संगठनात्मक कार्यक्रमों को गति देने जैसी जिम्मेदारियां रहेंगी। पार्टी ने देशभर में प्रभारियों और सह-प्रभारियों में बदलाव करते हुए कई राज्यों के लिए नई टीम बनाई है। झारखंड में गजेंद्र पटेल के नेतृत्व वाली नई टीम अब प्रदेश भाजपा संगठन के साथ समन्वय कर आगे की संगठनात्मक गतिविधियों को संभालेगी।

संघ की शाखा से शुरू हुआ है गजेंद्र पटेल का राजनीतिक सफर

उमराव सिंह पटेल और माता सुशीला बाई पटेल के पुत्र गजेंद्र सिंह पटेल का जन्म 16 फरवरी 1975 को मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में हुआ था। उन्होंने बीए और एलएलबी की पढ़ाई की है। पेशे से कृषि से जुड़े गजेंद्र पटेल लंबे समय से सक्रिय राजनीति में हैं। उनकी पत्नी का नाम बसंती पटेल है और उनके दो पुत्र हैं। उनके पिता स्वर्गीय उमराव सिंह पटेल भी क्षेत्र के बड़े आदिवासी नेता रहे हैं, जो बड़वानी से विधायक और मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री रह चुके हैं। गजेंद्र पटेल बचपन से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा से जुड़े रहे। 1990 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के माध्यम से उन्होंने संगठनात्मक काम शुरू किया। इसके बाद युवा मोर्चा, वनवासी कल्याण परिषद और भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा में सक्रिय भूमिका निभाई।

भाजपा संगठन में लगातार बढ़ती गई गजेंद्र सिंह पटेल की जिम्मेदारी

गजेंद्र पटेल ने 2017 में वे मध्य प्रदेश भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बने। इसके बाद प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी निभाई। वर्ष 2021-22 के दौरान वे भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री भी रहे। उन्होंनेआदिवासी क्षेत्रों में संगठन विस्तार में सक्रिय भूमिका निभाई।

खरगोन से लगातार दूसरी बार सांसद हैं गजेंद्र

भाजपा ने गजेंद्र पटेल  को2019 के लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश की खरगोन (अनुसूचित जनजाति आरक्षित) सीट से उम्मीदवार बनाया और वे पहली बार सांसद चुने गये। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने इसी सीट से लगातार दूसरी बार जीत दर्ज कर 18वीं लोकसभा में प्रवेश किया। इससे पहले वे भगवानपुरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी रह चुके हैं।

गजेंद्र सिंह पटेल की संसद में 97% उपस्थिति

गजेंद्र सिंह पटेल संसद में सक्रिय सांसदों में गिने जाते हैं। लोकसभा से उपलब्ध संसदीय रिकॉर्ड के अनुसार, 13 अगस्त 2026 तक उनकी उपस्थिति करीब 97% रही। उन्होंने खरगोन और बड़वानी क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी, खंडवा-अलीराजपुर-खरगोन रेल परियोजना, मोबाइल नेटवर्क, पीएम किसान योजना, आदिवासी क्षेत्रों में मेडिकल कॉलेज, सिकल सेल एनीमिया, टीबी नियंत्रण, जैविक खेती, शिक्षा और सड़क जैसी आधारभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दे संसद में उठाए। 2026 में उन्होंने बड़वानी में पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने की मांग भी रखी।

राष्ट्रीय महामंत्री बनने के बाद बढ़ी सांगठनिक जिम्मेदारी

भाजपा अध्यक्ष नीतिन नबीन ने 17 अगस्त 2026 को अपनी नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा की, जिसमें गजेंद्र सिंह पटेल को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया। महामंत्री भाजपा संगठन के सबसे महत्वपूर्ण पदों में से एक माना जाता है। मध्य प्रदेश के निमाड़ क्षेत्र से आने वाले आदिवासी नेता के रूप में उनकी पहचान अब केवल खरगोन के सांसद तक सीमित नहीं रही, बल्कि वे राष्ट्रीय स्तर पर संगठनात्मक फैसलों में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं।

झारखंड के साथ UP में भी प्रदेश नेताओं को जिम्मेदारी

भाजपा की नई सूची में झारखंड के नेताओं को भी दूसरे राज्यों की जिम्मेदारी मिली है। प्रदीप वर्मा और अनंत ओझा को उत्तर प्रदेश का सह-प्रभारी बनाया गया है। उत्तर प्रदेश में प्रभारी की जिम्मेदारी विनोद तावड़े को दी गई है और उनके साथ चार सह-प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। वहीं झारखंड में गजेंद्र पटेल के साथ सौरभ सिंह और निवेदिता सिंह संगठनात्मक जिम्मेदारी संभालेंगे।