रामगढ़ फैक्ट्री में भीषण ब्लास्ट, 3 इंजीनियरों की मौत; ओवरहीटिंग को लेकर प्रबंधन पर गंभीर सवाल

रामगढ़ के बरकाकाना हेहल स्थित मां छिन्नमस्तिका सीमेंट एंड इस्पात फैक्ट्री के पावर प्लांट में देर रात ब्लास्ट से तीन इंजीनियरों की मौत और एक मजदूर घायल हो गया। ओवरहीटिंग को लेकर प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगे हैं।

रामगढ़ फैक्ट्री में भीषण ब्लास्ट, 3 इंजीनियरों की मौत; ओवरहीटिंग को लेकर प्रबंधन पर गंभीर सवाल
मृतक विनीत महतो और संजीव केसरी (फाइल फोटो ।

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  • रामगढ़ के हेहल स्थित फैक्ट्री में देर रात जोरदार ब्लास्ट
  • हादसे में तीन इंजीनियरों की झुलसने से मौत
  • एक मजदूर गंभीर रूप से घायल, अस्पताल में इलाज जारी
  • पावर प्लांट में प्रोडक्शन वर्क के दौरान हुआ हादसा

रामगढ़ (Threesocieties.com Desk): रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखंड अंतर्गत बरकाकाना ओपी क्षेत्र के हेहल स्थित मां छिन्नमस्तिका सीमेंट एंड इस्पात प्राइवेट लिमिटेड की स्पंज-आयरन फैक्ट्री में शुक्रवार देर रात हुए भीषण ब्लास्ट ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फैक्ट्री के पावर प्लांट में उत्पादन कार्य के दौरान अचानक जोरदार विस्फोट हुआ और देखते ही देखते आग लग गई। हादसे में तीन इंजीनियरों की झुलसने से मौत हो गई, जबकि एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया।

बताया गया कि शुक्रवार की रात फैक्ट्री के पावर प्लांट साइट पर उत्पादन का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक जोरदार ब्लास्ट हुआ। विस्फोट के बाद प्लांट में आग लग गई। तेज आवाज और आग की लपटों के बीच रात्रि पाली में काम कर रहे मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के लिए मजदूर इधर-उधर भागने लगे। हादसे की सूचना तत्काल फैक्ट्री प्रबंधन और पुलिस को दी गई। इसके बाद मौके पर दमकल की कई गाड़ियां पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।

तीन इंजीनियरों की दर्दनाक मौत

इस हादसे में बुरी तरह झुलसे तीन इंजीनियरों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान रांची निवासी फैक्ट्री के शिफ्ट इंचार्ज संजीव कुमार केसरी (50 वर्ष), बोकारो के जगेश्वर बिहार निवासी विनीत महतो (25 वर्ष) और गढ़वा निवासी अभिषेक पांडेय (24 वर्ष) के रूप में हुई है। हादसे में हजारीबाग निवासी मजदूर तरुण रजवार भी गंभीर रूप से घायल हुआ है। उसे उपचार के लिए रांची रोड स्थित दि हॉप हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।

ओवरहीटिंग को लेकर प्रबंधन पर गंभीर आरोप

हादसे के बाद फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। फैक्ट्री के पावर प्लांट यूनिट के इंचार्ज अनुराग त्रिपाठी के अनुसार, प्लांट में ओवरहीटिंग की वजह से घटना हुई। उन्होंने बताया कि प्लांट में तापमान को नियंत्रित रखने के लिए कई बार एसी लगाने की बात कही गई थी। आरोप है कि इस दिशा में समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह क्या थी, यह विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

फैक्ट्री गेट पर जुटे ग्रामीण, मुआवजा और नौकरी की मांग

घटना की जानकारी मिलने के बाद शनिवार सुबह से ही फैक्ट्री के गेट के सामने स्थानीय ग्रामीणों और मृतकों के परिजनों की भीड़ जुटने लगी। मृतकों के आश्रितों को उचित मुआवजा और परिवार के सदस्यों को नौकरी देने की मांग उठाई जा रही है। ग्रामीणों और परिजनों की ओर से फैक्ट्री गेट जाम करने की तैयारी की भी बात सामने आई है। हादसे के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।

पुलिस और प्रशासन की जांच पर टिकी नजर

घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई। अब हादसे की परिस्थितियों, पावर प्लांट की तकनीकी स्थिति, सुरक्षा मानकों और उत्पादन के दौरान अपनाई जा रही सावधानियों की जांच अहम होगी। यह भी जांच का विषय होगा कि प्लांट में तापमान नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले से कोई शिकायत या चेतावनी दी गई थी या नहीं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि हादसा तकनीकी खराबी, ओवरहीटिंग या सुरक्षा मानकों की कथित अनदेखी के कारण हुआ।

फिलहाल तीन इंजीनियरों की मौत ने फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। मृतकों के परिवारों को राहत और उचित मुआवजा दिलाना तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करना बड़ी चुनौती है।