IIT-ISM धनबाद में खनन’26 का आगाज, सेफ्टी-स्मार्ट माइनिंग पर मंथन

IIT-ISM धनबाद में खनन’26 का 11वां एडिशन शुरू हुआ। सेफ्टी, AI, ऑटोमेशन, डिजिटलाइजेशन, क्रिटिकल मिनरल्स और स्मार्ट माइनिंग पर एक्सपर्ट्स ने विचार साझा किए।

IIT-ISM धनबाद में खनन’26 का आगाज, सेफ्टी-स्मार्ट माइनिंग पर मंथन
IIT-ISM में सेफ्टी से AI तक नई टेक्नोलॉजी पर मंथन।

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  • IIT (ISM) धनबाद में वार्षिक टेक्नो-माइनिंग फेस्ट खनन’26 का उद्घाटन
  • सेंचुरी ईयर में आयोजित हो रहा है खनन का 11वां एडिशन
  • माइनिंग में सेफ्टी, AI, ऑटोमेशन, डिजिटलाइजेशन और इलेक्ट्रिफिकेशन पर जोर
  • क्रिटिकल मिनरल्स और एनर्जी ट्रांजिशन की बढ़ती भूमिका पर हुई चर्चा

धनबाद (Threesocieties.com Desk): IIT (ISM) धनबाद के सेंचुरी ईयर के दौरान वार्षिक टेक्नो-माइनिंग फेस्ट खनन’26 का शनिवार को पेनमैन ऑडिटोरियम में भव्य उद्घाटन हुआ। डिपार्टमेंट ऑफ माइनिंग इंजीनियरिंग और SME IIT (ISM) स्टूडेंट चैप्टर की ओर से आयोजित यह खनन का 11वां एडिशन है।

खनन’26 के उद्घाटन सत्र में माइनिंग एजुकेशन, इंडस्ट्री, सेफ्टी और नई तकनीक के बदलते स्वरूप पर विशेषज्ञों ने छात्रों के साथ विचार साझा किए। कार्यक्रम में सेफ्टी, क्रिटिकल मिनरल्स, ऑटोमेशन, डिजिटलाइजेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रिफिकेशन जैसे विषय प्रमुख रहे।

कार्यक्रम के चीफ गेस्ट DGMS धनबाद के डायरेक्टर जनरल एवं चीफ इंस्पेक्टर ऑफ माइंस आर. टी. मंडेकर थे। वहीं ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) के CMD डॉ. सतीश चंद्र झा और Epiroc Innovation and Technology Centre के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं जनरल मैनेजर चंदू राव गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. एम. के. सिंह, डीन (फैकल्टी) एवं डायरेक्टर-इन-चार्ज, IIT (ISM) धनबाद ने की। उद्घाटन समारोह में विभिन्न संस्थानों के छात्र, फैकल्टी, रिसर्च स्कॉलर्स और माइनिंग इंडस्ट्री के प्रतिनिधि शामिल हुए।

प्रोडक्शन के साथ सेफ्टी और पर्यावरण भी जरूरी : मंडेकर

चीफ गेस्ट आर. टी. मंडेकर ने IIT (ISM) धनबाद के सेंचुरी ईयर में खनन’26 के आयोजन पर आयोजकों और छात्रों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि देश में माइनिंग एजुकेशन और रेगुलेशन से जुड़े प्रमुख संस्थानों की मौजूदगी के बावजूद माइनिंग सेक्टर के सामने कई गंभीर चुनौतियां हैं। उन्होंने कहा कि माइनिंग प्रोफेशनल्स को केवल प्रोडक्शन पर ध्यान देने के बजाय सेफ्टी, पर्यावरण और सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी को भी बराबर महत्व देना होगा। मंडेकर ने Responsible Mining के लिए Environmental, Social and Governance यानी ESG Standards पर ध्यान देने की जरूरत बताई। उन्होंने भारतीय माइनिंग कंपनियों को ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिस अपनाने की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही।

क्रिटिकल मिनरल्स की बढ़ेगी भूमिका

मंडेकर ने क्रिटिकल मिनरल्स की बढ़ती जरूरत का जिक्र करते हुए कहा कि भारत के विकास और आत्मनिर्भरता में इन खनिजों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। पब्लिक सेक्टर, प्राइवेट सेक्टर और ज्वाइंट वेंचर्स देश और विदेश में क्रिटिकल मिनरल्स की संभावनाएं तलाश रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मेटालिफेरस माइनिंग में भी विकास की काफी संभावनाएं हैं। ऐसे में माइनिंग इंजीनियरिंग के छात्रों को बदलते सेक्टर के अनुरूप अपनी तकनीकी क्षमता विकसित करनी होगी।

माइनिंग में महिलाओं की भागीदारी पर जोर

माइनिंग सेक्टर में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का उल्लेख करते हुए मंडेकर ने सेफ और इनक्लूसिव वर्कप्लेस की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्कफोर्स में अधिक डायवर्सिटी से प्रोफेशनल डिसिप्लिन और वर्क कल्चर को मजबूती मिल सकती है। उन्होंने खनन’26 के तहत आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों का भी जिक्र किया। इनमें कलाकृति, डेंज़िनोमेनिया, प्लेसमेंट क्योर, खनन माफिया, माइनिंग ओलंपियाड, जनरल क्विज और निर्वाण शामिल हैं। उन्होंने छात्रों से इन कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी करने और नए आइडिया सामने लाने की अपील की।

सिर्फ मशीन खरीदना ही टेक्नोलॉजी नहीं

मंडेकर ने कहा कि माइनिंग में नई टेक्नोलॉजी लाने के लिए केवल मशीन या सिस्टम खरीदना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए सपोर्ट सिस्टम, इंस्ट्रूमेंटेशन, टेक्निकल एक्सपर्टीज और डेटा एनालिसिस की भी जरूरत होती है। हाईवॉल माइनिंग का उदाहरण देते हुए उन्होंने छात्रों को AI, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन और Internet of Things (IoT) जैसे क्षेत्रों में काम करने के लिए प्रोत्साहित किया।

छात्रों के टैलेंट और इनोवेशन का प्लेटफॉर्म है खनन’26

प्रो. डी. पी. मिश्रा, फैकल्टी एडवाइजर, SME IIT (ISM) स्टूडेंट चैप्टर एवं कन्वेनर, खनन’26 ने कहा कि खनन का उद्देश्य छात्रों के भीतर मौजूद टैलेंट, क्रिएटिविटी, आइडिया और इनोवेशन को सामने लाना है। उन्होंने कहा कि खनन इंडस्ट्री, एकेडेमिया और रिसर्च को एक प्लेटफॉर्म पर लाता है। इसका उद्देश्य माइनिंग को स्मार्ट, सेफ, सस्टेनेबल और इंटेलिजेंट बनाने की दिशा में छात्रों को सोचने का अवसर देना है। उन्होंने बताया कि डिपार्टमेंट ऑफ माइनिंग इंजीनियरिंग IIT (ISM) के सबसे पुराने विभागों में से एक है। वहीं 2011 में स्थापित SME IIT (ISM) स्टूडेंट चैप्टर छात्रों के प्रोफेशनल डेवलपमेंट, इंडस्ट्री इंटरैक्शन और ग्लोबल एक्सपोजर के लिए लगातार काम कर रहा है।

100 साल की विरासत और नई तकनीक का संगम

प्रो. बी. एस. चौधरी, HOD, डिपार्टमेंट ऑफ माइनिंग इंजीनियरिंग ने कहा कि विभाग ने अपने 100 साल के सफर में बड़ी संख्या में टेक्निकल प्रोफेशनल्स तैयार किए हैं। साथ ही इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप रिसर्च और इनोवेशन पर भी लगातार काम किया गया है।उन्होंने कहा कि माइनिंग इंडस्ट्री में तेजी से टेक्नोलॉजिकल बदलाव हो रहे हैं और खनन’26 छात्रों को इन बदलावों को समझने तथा अपने आइडिया साझा करने का मंच प्रदान करेगा।

सूचना से नॉलेज और नॉलेज से विजडम जरूरी : प्रो. एम. के. सिंह

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रो. एम. के. सिंह ने कहा कि आज सूचना की कमी नहीं है, लेकिन चुनौती सूचना को नॉलेज और नॉलेज को विजडम में बदलने की है। उन्होंने नेचुरल रिसोर्सेज के सही इस्तेमाल पर जोर देते हुए कहा कि सस्टेनेबिलिटी और सेफ्टी माइनिंग के लिए नॉन-नेगोशिएबल प्रिंसिपल होने चाहिए। उन्होंने छात्रों से टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल देश के विकास के लिए करने की अपील की।

माइनिंग में सेफ्टी सबसे ऊपर : चंदू राव

Epiroc के चंदू राव ने कहा कि माइनिंग इंडस्ट्री में सेफ्टी सबसे ऊपर है। उन्होंने इलेक्ट्रिफिकेशन, ऑटोमेशन और डिजिटलाइजेशन को सेक्टर में हो रहे बड़े बदलावों का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भी माइनिंग में तेजी से अपनी जगह बना रहा है। उन्होंने छात्रों से इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के साथ संवाद कर नई तकनीक और उसके इस्तेमाल को समझने की अपील की।

एनर्जी ट्रांजिशन के दौर में भी माइनिंग जरूरी : ECL CMD

ECL CMD डॉ. सतीश चंद्र झा ने कहा कि एनर्जी ट्रांजिशन के दौर में भी माइनिंग की जरूरत बनी रहेगी। क्लीनर एनर्जी की ओर बढ़ते समय क्रिटिकल मिनरल्स की मांग और उनकी माइनिंग का महत्व बढ़ेगा। उन्होंने छात्रों से केवल नॉलेज हासिल करने के बजाय उसे जमीन पर लागू करने की क्षमता विकसित करने की अपील की। साथ ही प्रोफेशनल लाइफ में लगातार अपनी स्किल्स को अपग्रेड करने पर जोर दिया।

टेक्निकल इवेंट्स और इंडस्ट्री इंटरैक्शन आकर्षण

खनन’26 में टेक्निकल एक्टिविटीज, टेक्नो-माइनिंग कॉम्पिटिशन, इंडस्ट्री इंटरैक्शन, स्किल-बेस्ड सेशंस और एक्सपर्ट इंटरैक्शन आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य छात्रों को क्लासरूम लर्निंग से आगे ले जाकर रियल माइनिंग चैलेंज और इंडस्ट्री की जरूरतों से जोड़ना है। उद्घाटन समारोह के बाद Epiroc Mining India Limited की ओर से स्पेशल इंटरैक्टिव सेशन आयोजित किया गया। इसमें माइनिंग में नई टेक्नोलॉजी, सेफ्टी, ऑटोमेशन, डिजिटलाइजेशन और इलेक्ट्रिफिकेशन पर चर्चा हुई। खनन’26 को Epiroc, NTPC Mining Limited, NLC India Limited, Mahanadi Coalfields Limited और Jindal Steel का सपोर्ट मिल रहा है।

युवाओं को सीखने और इनोवेशन का मंच

वोट ऑफ थैंक्स देते हुए SME IIT (ISM) स्टूडेंट चैप्टर की वाइस प्रेसिडेंट अंजलि राज ने कहा कि खनन केवल कॉम्पिटिशन और इवेंट्स का प्लेटफॉर्म नहीं है, बल्कि यह माइनिंग, अर्थ साइंस, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में रुचि रखने वाले युवाओं को एक साथ लाने का अवसर है। उन्होंने कहा कि IIT (ISM) के सेंचुरी ईयर में आयोजित खनन’26 संस्थान की 100 साल की विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

कुल मिलाकर, खनन’26 के जरिए छात्रों को सीखने, प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने, नए आइडिया पर काम करने और माइनिंग इंडस्ट्री के प्रोफेशनल्स से सीधे जुड़ने का अवसर मिल रहा है। यह फेस्ट IIT (ISM) धनबाद की माइनिंग एजुकेशन और रिसर्च की 100 साल पुरानी विरासत को नई तकनीक, इनोवेशन और नई पीढ़ी के आइडिया से जोड़ने का मंच बन रहा है।